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पहले कतरा रहे थे और जब मिले तो 3 घंटे 24 मिनट तक बातें करते रहे

नई दिल्ली 16 नवंबर 2021 । बीते कुछ समय से बिगड़ रहे संबंधों को अमेरिका और चीन ने बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की। ताइवान से लेकर कोरोना तक, कई मसलों पर तनातनी के बीच आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज बैठक कर ही ली। भले ही यह बैठक वर्चुअल रही, मगर इस बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिस्पर्धा को टकराव में नहीं बदलने दिया जाएगा। काफी समय तक दोनों नेता मिलने को राजी नहीं थे, मगर आज जब वर्चुअली ही मिले तो बातचीत का दौर करीब 3 घंटा 24 मिनट तक चला। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ ऑनलाइन बैठक की और कहा कि प्रतिस्पर्धा टकराव में न बदले, यह सुनिश्चित करना इसका लक्ष्य है। अमेरिका और चीन के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं ने यह बैठक की। बाइडेन उत्तर पश्चिमी चीन में उइगर समुदाय के लोगों के मानवाधिकारों के हनन, हांगकांग में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को कुचलने, स्व-शासित ताइवान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता सहित कई मुद्दों पर बीजिंग की आलोचना करते रहे हैं। वहीं, शी के अधिकारियों ने बाइडन प्रशासन पर निशाना साधते हुए, उस पर चीन के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए हैं।

जो बाइडेन ने बैठक की शुरुआत में कहा, ‘चीन और अमेरिका के नेता होने के नाते यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी होती है कि हमारे देशों के बीच जो प्रतिस्पर्धा है वह टकराव में न बदले….इसकी बजाय यह सरल एवं सीधी प्रतिस्पर्धा रहे।’ बाइडेन यह बैठक ऑनलाइन करने की बजाय शी से आमने-सामने मिलना चाहते थे, लेकिन चीन के राष्ट्रपति कोविड-19 वैश्विक महामारी के मामले सामने आने से कुछ समय पहले से ही देश से बाहर कहीं नहीं गए हैं। व्हाइट हाउस ने ही फिर ऑनलाइन बैठक का प्रस्ताव दिया, ताकि दोनों नेता संबंधों में तनाव के बारे में स्पष्ट बातचीत कर पाएं। वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बाइडन से कहा कि दोनों पक्षों को संवाद बेहतर करने की आवश्यकता है। शी ने बाइडन को ‘पुराना मित्र’ बताया और कहा, ‘राष्ट्रपति बाइडन, मैं आपके साथ काम करने, आपसी सहमति बनाने, सक्रिय कदम उठाने और चीन-अमेरिका के संबंधों को सकारात्मक दिशा में ले जाने को तैयार हूं।’ चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से मंगलवार को ऑनलाइन बैठक में कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, शांति के साथ सह-अस्तित्व कायम करना चाहिए और दोनों पक्षों के फायदे के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

शी ने शिखर वार्ता में एक मजबूत एवं स्थिर चीन-अमेरिका संबंध विकसित करने का आह्वान किया और द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आम सहमति कायम करने और सक्रिय कदम उठाने के लिए बाइडन के साथ काम करने की इच्छा भी व्यक्त की। यह बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता मंगलवार सुबह शुरू हुई। फरवरी के बाद से शी और बाइडन के बीच यह तीसरी वार्ता है। इससे पहले, दोनों नेताओं ने सितंबर में फोन पर लंबी बातचीत की थी। दोनों नेता उस समय एकसाथ यात्रा कर चुके हैं, जब दोनों ही अपने-अपने देश के उप राष्ट्रपति थे। चीन के अधिकारियों ने पहले कहा था कि ताइवान, वार्ता के लिए उनका शीर्ष मुद्दा होगा। गौरतलब है कि चीन की सेना के ताइवान के पास लड़ाकू जेट विमानों को भेजने के बाद से वहां तनाव बढ़ गया है। चीन, स्व-शासित ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है। यहां बताना जरूरी है कि राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक वर्चुअल तरीके से भी बाइडेन ने जिनपिंग से मुलाकात नहीं की थी।

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