मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> ‘1 तीर से 130 निशाने’, कांग्रेस इस दांव से बीजेपी को दे सकती है मुंहतोड़ जवाब

‘1 तीर से 130 निशाने’, कांग्रेस इस दांव से बीजेपी को दे सकती है मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली 12 अप्रैल 2019 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड में चुनाव लड़ने के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि कांग्रेस का अब पूरा फोक दक्षिण के राज्यों में पैठ बनाने की है क्योंकि उत्तर भारत में उसे क्षेत्रीय दलों जैसे उत्तर प्रदेश में सप-बसपा और बिहार में आरजेडी सहित कई अन्य पार्टियां तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में टीएमसी और ओडिशा में बीजू जनता दल से पार पाना इतना आसान नहीं होगा और उसे इन राज्यों में बीजेपी के साथ-साथ इन पार्टियों के बराबर वोटबैंक बढ़ाना होगा जो कि इतना आसान नहीं है. लेकिन दक्षिण की राजनीति में उसे संभवाना दिख रही है. कर्नाटक की 28, आंध्र प्रदेश की 25, केरल की 20, तेलंगाना की 17, पुदुच्चेरी की 1, तमिलनाडु की 39 सीटें मिलाकर यहां पर कुल 130 सीटे हैं. कांग्रेस की नजर अब इन सीटों पर है. यहां एक बार और गौर करने लायक है. कांग्रेस के अंदर केरल की लॉबी एक बार फिर मजबूत होती दिख रही है और केसी वेणुगोपाल इस समय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हमेशा देखे जा सकते हैं. केरल में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के गठबंधन का वामदलों से सीधा मुकाबला है और वायनाड सीट कांग्रेस का गढ़ रही है.

दूसरी ओर दक्षिण के राज्यों में खासकर तमिलनाडु में जयललिता और करुणानिधि के बाद अब ऐसा कोई करिश्माई नेता नहीं दिख रहा है जो अकेले दम पर क्लीन स्वीप कर सकता हो. करुणानिधि के परिवार में ही आपस में गहरे मतभेद हैं तो दूसरी जयललिता की पार्टी एआईएडीमके भी गुटों में बंटी हुई जिस पर बीजेपी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है. आंध्र प्रदेश में भी कुछ दिन पहले तक एनडीए में शामिल रहे टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू ने भले ही विशेष राज्य के दर्जे के नाम पर समर्थन वापस ले लिया हो लेकिन वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी भी वहां एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं और बीजेपी भी राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. आंध्र प्रदेश कांग्रेस का पुराना गढ़ रहा है लेकिन क्षत्रपों के मजबूत होने से कांग्रेस का नुकसान हुआ हैअब कांग्रेस की कोशिश है कि इस राज्य में वह पुराना रुतबा हासिल कर ले. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 22 सीटें पाकर चौथे नंबर पर रही थी. जबकि कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी वाईएसआर कांग्रेस 70 सीटें जीतकर दूसरे नंबर रही थी. राहुल गांधी पहले विशेष राज्य का दर्जा देने की बात कह चुके हैं. फिलहाल देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस आंध्र प्रदेश में कितनी सीटें पाती है.

बात करें तेलंगाना की वहां अभी टीआरएस का ही सिक्का चल रहा है. विधानसभा चुनाव में टीआरएसस ने यहां क्लीन स्वीप करते हुए 88 सीटें जीती थीं और कांग्रेस 19 सीटें पाकर दूसरे नंबर पर थी. कांग्रेस तेलंगाना में बड़ी संभावनाएं देख रही है. यही वजह है कांग्रेस आलाकमान अब दक्षिण के राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है.

अमेठी में बीजेपी को झटका, स्मृति के दाहिने हाथ को प्रियंका ने तोड़ा

लोकसभा चुनाव के पहले फेज का चुनाव आज संपन्न हो गया। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। इन सबके बीच रायबरेली से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नामांकन दाखिल किया। अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नामांकन दाखिल किया था और पीएम मोदी पर निशाना साधा था।

रवि दत्त मिश्रा जो बीजेपी के सदस्य रहे थे और बाद में समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री भी रहे थे आज प्रियंका गांधी के सामने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की और पार्टी की सदस्यता ले ली। रवि दत्त स्मृति ईरानी के बेहद खास बताये जाते हैं। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी में रवि दत्त मिश्रा कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं। बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा का पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है।

सोनिया गांधी ने रायबरेली से नामांकन दाखिल करने से पहले पूजा पाठ की और रोड़ शो किया। उनके साथ उनका पूरा परिवार साथ में है। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारतीय राजनीति में कुछ ऐसे लोग थे जिन्हें गुमान था कि वो इस देश के लोगों से बड़े हैं और वो कभी पराजित नहीं हो सकते हैं। पीएम मोदी को कुछ ऐसा ही लगता है कि वो अपराजेय हैं लेकिन यह चुनाव उन्हें सबक सिखा देगा।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

किश्तवाड़ में बादल फटने से पांच की मौत, 40 से ज्यादा लोग लापता

नई दिल्ली 28 जुलाई 2021 ।  जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर देखने को मिला …