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MP में 2 महाराजा, एक धनपति की नहीं, बल्कि किसान पुत्र शिवराज की सरकार बनेगी : अमित शाह

उज्जैन  15 जुलाई 2018 । महाराजा और एक धनपति से मध्यप्रदेश में सरकार नहीं बनेगी। मध्यप्रदेश में तो किसान पुत्र शिवराज की ही सरकार बनेगी। ये बात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उज्जैन में कही। वे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की ये जन आशीर्वाद यात्रा 2018 की विजयी यात्रा में बदलेगी। मध्यप्रदेश में 3 बार से भाजपा की सरकार है और हमारे सीएम शिवराज सिंह चौहान जनता को अपनी ये उपलब्धि बताएंगे।

अमित शाह ने कहा कि 2018 में शिवराज और 2019 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी। उन्होंने ये भी कहा यूपीए सरकार ने मध्यप्रदेश को क्या दिया। कांग्रेस के बड़े नेता केंद्र में भी रहे लेकिन उन्होंने मध्यप्रदेश के लिए कुछ नहीं किया। अमित शाह ने शिवराज सिंह को देश के सफल मुख्यमंत्रियों में से एक हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर करारा वार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की गुलाम है, जबकि हमारे पास यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है। जिनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले कांग्रेस के एक नेता मंदसौर आए थे उनको यह ज्ञान नहीं है कि प्याज कैसे पैदा होता है वह किसानों के हित की बात कर रहे हैं। कांग्रेस के जमाने में छोटे से छोटा देश भी हमको आंख दिखाता था, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब पलटवार कर रहा है और देश के दुश्मनों को करारा जवाब दे रहा है।

उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के राज में प्रदेश बीमारू राज्य बनकर रह गया था। भाजपा ने प्रदेश का कायाकल्प किया है और प्रदेश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने दिग्विजयसिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले श्रीमान बंटाढार ने प्रदेश के हालत खराब कर दिए थे, अब हमारी सरकार ने प्रदेश के बिगड़े हालतों को सुधारा। कांग्रेस के जमाने में उनके सूत्रधार कहते थे कि शिप्रा-नर्मदा का मिलन असंभव है, लेकिन हमने असंभव को संभव कर दिखाया और शिप्रा-नर्मदा का मिलन कर शिप्रा को प्रवाहमान किया।

सीएम ने संबल योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बिजली कुछ समय के लिए आती थी तो बड़ी चर्चा होती थी, लेकिन अब बिजली आधे घंटे के लिए चली जाती है तो चर्चा होने लगती है। बिजली जाना मुद्दा बन जाता है। पहले बिजली के अभाव में किसानों की फसले सूख जाती थी, सड़कों की हालत काफी खराब थी, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद सड़कों की हालत में काफी सुधार हुआ है।

सीएम शिवराज की जन आशीर्वाद यात्रा उज्जैन से रवाना, शाह ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा महाकाल की नगरी से रवाना हो गई है। यात्रा को अमित शाह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री चौहान का जन आशीर्वाद यात्रा रथ पहले चरण की 300 किमी के सफर पर बढ़ेगा। पहले दिन यात्रा शहर में उत्तर विधानसभा क्षेत्र स्थित इंदिरानगर चौराहे पर विराम लेगी। दूसरे दिन बड़नगर से शुरू होकर बदनावर होते रतलाम पहुंचेगी। 55 दिनों में यह यात्रा 232 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी।

इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम शिवराज सिंह सभास्थल नानाखेड़ा पहुंचे और उन्होने सभास्थल पर मौजूद विशाल जनसमुदाय को संबोधित किया। उज्जैन पहुंचने पर अमित शाह और शिवराज सिंह महाकालेश्वर मंदिर गए और भगवान महाकाल की आराधना की।

अमित शाह ने कैलाश जी के घर पहुंच कर शोक जाताया

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की माताश्री स्व. श्रीमती अयोध्या देवी के निधन पर आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य भाजपा नेताओं ने कैलाश विजयवर्गीय के नंदानगर स्थित घर पर पहुंच कर शोक सवेदना व्यक्त की। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने माताश्री के चित्र पर पुष्प अर्पित किये ।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की धर्मपत्नी श्रीमती आशा विजयवर्गीय, पुत्र आकाश विजयवर्गीय, भाई विजयप्रकाश विजयवर्गीय, नंदानगर से विधायक रमेश मेंदोला सहित भाजपा के अन्य नेता मौजूद रहे।

शिवराज की यह यात्रा जनआशीर्वाद यात्रा नहीं जनछलावा यात्रा- कमलनाथ

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने आज महाकाल की नगरी उज्जैन से प्रारंभ शिवराज सिंह चैहान की यात्रा को जन आशीर्वाद यात्रा की जगह ‘‘जन छलावा यात्रा“ बताते हुए कहा कि एक बार फिर इस यात्रा के माध्यम से प्रदेश की जनता को झूठी घोषणाओं के बल पर छलने के लिये शिवराज सिंह निकल पढ़े है। अब समय था कि वे अपनी पार्टी की 15 वर्ष की सरकार का हिसाब व लेखा-जोखा जनता के समक्ष रखें लेकिन वे तो आज भी 15 वर्ष बाद कह रहे हंै कि हम जनता से सुझाव माँगेंगे, उसे घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। 15 वर्ष का कार्यकाल किसी भी प्रदेश को देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाने के लिये काफ़ी होता है लेकिन आज 15 वर्ष बाद भी प्रदेश की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। इतने वर्षों बाद भी आज प्रदेश की जनता को झूठ बोलकर गुमराह किया जा रहा है। प्रदेश में विकास सिर्फ़ प्रचार-प्रसार में है, ज़मीनी धरातल पर नहीं।
नाथ ने कहा कि आज प्रदेश में प्रतिदिन मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएँ घटित हो रही है। प्रदेश इन घटनाओं के कारण, देश में प्रतिदिन शर्मिंदा हो रहा है। आँकड़ो के हिसाब से प्रदेश में प्रतिदिन 13 के क़रीब दुष्कर्म की घटनाएँ घटित हो रही है। सरकार बहन-बेटियों की सुरक्षा करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
कमलनाथ ने कहा कि किस मुँह से शिवराज जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे है? जिस प्रदेश में प्रतिदिन किसान थोड़े से क़र्ज़ के कारण आत्महत्या कर रहा हो, किसानों की मौत का मज़ाक़ उड़ाया जाता हो। खेती घाटे का धंधा बन चुकी हो। किसानो को हक़ माँगने पर सीने पर गोलियाँ मिलती हो, दोषियों को क्लीनचिट दे दी गयी हो। किसानो को खेती छोड़ने की सलाह दी जाती हो। वहाँ के मुखिया को क्या जन आशीर्वाद यात्रा निकालने का हक़ है? जिस प्रदेश में युवा बेरोज़गारी को लेकर बड़ी संख्या में मौत को गले लगा रहा हो। रोज़गार देने के नाम पर युवाओं के साथ धोखा किया गया हो। प्रतिदिन ओसत दो युवा मौत को गले लगा रहे हो। वहाँ के मुखिया को जन आशीर्वाद यात्रा का हक़ है? जिस प्रदेश में 45þ के क़रीब आबादी कुपोषण की चपेट में हांे। प्रतिदिन 92 के क़रीब बच्चे कुपोषण के कारण मौत के आग़ोश में जा रहे हो। वहाँ के मुखिया किस मुँह से जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे है? जिस प्रदेश में माँ नर्मदा नदी सहित प्रदेश की नदियों को अवैध उत्खनन से रोज़ छलनी किया जा रहा हो। जहाँ अवैध उत्खनन एक व्यवसाय बन चुका हो, जहाँ अवैध उत्खनन को सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त हो, वहाँ के मुखिया की किस मुँह से यह जनआशीर्वाद यात्रा?
प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रदेश को वहाँ के मुखिया ने घोटालों-भ्रष्टाचार-ख़ुद की ब्रांडिंग-प्रचार- प्रसार-अभियान-सम्मेलनों-यात्राओं के नाम पर करोड़ों लुटा कर क़र्ज़ के दलदल में धकेल दिया हो। जिस प्रदेश पर 1 लाख 80 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ हो, तनख़्वाह बाटने के लिये पैसे नहीं हांे, वहाँ के मुखिया की करोड़ों के हाईटेक रथ में निकाली जा रही यह यात्रा क्या उचित है? जिस प्रदेश में आस्था के महाकुंभ सिंहस्थ के नाम पर भी करोड़ों के घोटाले किये गये हो, वहाँ से ही प्रारंभ यह जन आशीर्वाद यात्रा क्या उचित है?
कमलनाथ ने कहा कि जिस प्रदेश में व्यापम के नाम पर 50 लोगों की जान चली जाती है। दोषी बाहर और छात्र व उनके परिजन जेल में। क्या वहाँ के मुखिया को यह यात्रा निकालने का हक़ है? जिस प्रदेश में 15 वर्ष की सरकार के बाद भी ख़ुद मुखिया का इलाक़ा पिछड़े जिलो में शामिल हो। शिक्षा-स्वास्थ्य -रोज़गार-निवेश को लेकर प्रदेश की आज भी दयनीय स्थिति हो। जहाँ हर योजना, हर कार्य में घोटाले व भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हो। जहाँ ख़ुद मुखिया की हज़ारों घोषणाएँ आज भी पूरी नहीं हुई हो। जहाँ कर्मचारी से लेकर आम नागरिक, हर वर्ग परेशान हो। सड़कों पर अपने हक़ को लेकर संघर्ष कर रहा हो। वहाँ के मुखिया किस मुँह से जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रहे है?
नाथ ने कहा कि भाजपा ने स्पष्ट किया था कि यह यात्रा सरकारी नहीं भाजपा की यात्रा है और इसका सारा ख़र्च भाजपा उठायेगी। लेकिन इस यात्रा को लेकर सारे ख़र्च सरकारी ख़ज़ाने से किये जा रहे है। इस यात्रा को लेकर सरकारी ख़ज़ाने को जमकर लुटाया जा रहा है। पूरी सरकार व मशीनरी इस यात्रा की तैयारियों में झोंक दी गयी। सारे सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी इस यात्रा को लेकर लगायी गयी। सारे सरकारी संसाधन इस यात्रा को लेकर झोंक दिये गये। हज़ारों बसो का अधिग्रहण इस यात्रा की शुरुआत के लिये किया गया। सिर्फ़ कहने को यह यात्रा भाजपा की लेकिन है यह सरकारी। जनता के पैसे का जमकर दुरुपयोग इस यात्रा के नाम पर किया जा रहा है। कांग्रेस इसकी शिकायत चुनाव आयोग को भी करेगी।

कांग्रेस में भी साठ साल का फार्मूला …..?

कांग्रेस में अब चुनाव लडने के लिए साठ साल की उम्र मौखिक रूप से तय की जा रही है। इसके लिए नये प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ पहल कर रहे हैं। वहीं आज भी कांग्रेस के ६० से अधिक उम्र वाले ताल ठोंक कर चुनाव लडने की तैयारी कर चुके हैं।
पिछले १४ सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा को हटाने के लिए कांग्रेस तरह तरह के प्रयोग करने जा रही है। कांग्रेस इस बार लगभग ३० प्रतिशत युवाओं को टिकट देगी वहीं अब वह मौखिक रूप से ६० साल पूरी कर चुके जनप्रतिनिधियों से टिकट नहीं लेने की गुहार कर रहे हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष की यह बात गर्त में जाती दिख रही है क्योंकि चुनाव में इस आर ७५ साल तक के कार्यकर्ता अपने को युवा मानते हुए टिकट पर दावा पेश कर रहे हैं। अब देखना है कि कांग्रेस में उम्र के बंधन पर बना फार्मूला क्या सफल होगा। इसका इंतजार रहेगा।

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