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21 साल बाद कांग्रेस को गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिलना लगभग तय

नई दिल्ली 8 जून 2019 । लोकसभा चुनाव-2019 में मिली हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी। जिसको पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था। लेकिन राहुल गांधी अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। ऐसे में खबर आ रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ने नये चेहरे की तलाश शुरू कर दी है। खबरों के मुताबिक दो महीने में कांग्रेस के नये अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है।

वेबसाइट एनडीटीवी ने सूत्रों के मुताबिक दावा किया है कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष दो महीने के भीतर ही चुन लिया जायेगा। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष गांधी परिवार का नहीं होगा। राहुल गांधी ने पिछली कार्यसमिति की बैठक में भी यह कहा था कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को इस सब मामलों में ना लाया जाए। यानी इस लिस्ट में प्रियंका गांधी का भी नाम शामिल नहीं है। अध्यक्ष पद के रेस में सोनिया गांधी का भी नाम नहीं है, वो पहले ही अपने स्वास्थ्य को लेकर पहले ही पार्टी में सक्रियता कम कर चुकी हैं। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस पार्टी की इतिहास में 21 साल बाद कोई ऐसा अध्यक्ष बनेगा, जो गांधी परिवार से नहीं है।

सोनिया गांधी सीताराम केसरी की जगह 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। सोनिया गांधी दिसंबर 2017 तक पार्टी अध्यक्ष रहीं। उनके बाद उनके बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 52 सीटों पर जीत मिली जिसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। अभी तक राहुल ने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया है।

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अब ऐसे नाम पर विचार कर रही है, जिसपर गांधी परिवार की भी सहमति हो और पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी मंजूर हो। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए किन-किन नेताओं का नाम लिस्ट में है, इस पर कोई सूचना अभी नहीं है। लेकिन इतना तो तय माना जा रहा है कि इस लिस्ट में अशोक गहलोत, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम जैसे नेता नहीं होंगे, क्योंकि राहुल गांधी ने 25 मई को CWC की बैठक में कहा था कि अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम जैसे कई बड़े नेताओं ने लोकसभा चुनाव-2019 में पार्टी को नजरअंदाज करते हुए, सिर्फ अपने रिश्तेदारों पर ध्यान लगाया।

महाराष्ट्र, हरियाणा सहित अन्य राज्यों के चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि अध्यक्ष पद के लिए नाम जल्दी ही फाइनल हो जाना चाहिए। हालांकि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का प्लान था कि राहुल गांधी से कहा जाए कि वे फिलहाल तीन चार महीने तक जब तक कि महाराष्ट्र, हरियाणा सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव सम्पन्न नहीं हो जाते तब तक अध्यक्ष पद पर बने रहे इस दौरान पार्टी उनके विकल्प की तलाश जारी रखेगी।

सूत्रों का कहना था कि राहुल गांधी से यह भी आग्रह किया जा रहा है कि तीन महीने के कार्यकाल में वे पार्टी संगठन में किए जाने वाले परिवर्तनों को अंजाम दें। पार्टी नेताओं का यह फार्मूला राहुल गांधी ने स्वीकार नहीं किया। लोकसभा चुनाव-2019 में कांग्रेस को सिर्फ 52 सीटें मिली हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) 303 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत से जीती है।

कांग्रेस में भगदड़ रोकने आयेंगे गैर गांधी नये अध्यक्ष
मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कई राज्यों में कांग्रेस गुटबाजी से जर्जर हो गयी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस छोड़ कर दूसरी पार्टियों में पलायन कर रहे हैं. कांग्रेस में गुटबाजी के कारण मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारों पर संकट मंडरा रहा है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद छोड़ने का निश्चय कर लिया है. कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि अगले दो महीनों में पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जायेगा जो गांधी परिवार का नहीं होगा.

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने से इनकार करने के बाद से ही पार्टी के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू है. राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्रियंका गांधी या गांधी परिवार का नाम अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित नहीं किया जायेगा. राहुल गांधी ने पिछली कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि प्रियंका गांधी का नाम अध्यक्ष के लिए नहीं लिया जाये. यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी अपने स्वास्थ्य को लेकर पार्टी में अपनी सक्रियता कम कर चुकी हैं. ऐसे में कांग्रेस का अगला अध्यक्ष गैर गांधी होगा और अगले दो महीने में नया अध्यक्ष चुन लिया जाएगा.

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में वैसे नामों पर विचार किया जा रहा है जिसपर गांधी परिवार की भी मूक सहमति हो और वह बाकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी स्वीकार्य हो. इधर पूर्व हॉकी खिलाड़ी असलम खान ने अध्यक्ष बनने की इच्छा जतायी है. पूर्व हॉकी खिलाड़ी ने कहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष बनने को तैयार हैं. गौरतलब है कि असलम शेरखान केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्हों ने कहा, कांग्रेस ने जब चुनाव में हार का सामना किया, उसके बाद मैंने पत्र लिखा था. जब राहुल गांधी ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्ती्फा देना चाहते हैं और मानते हैं कि उनके परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस अध्यक्ष बने, तो मैंने माना कि ये एक अवसर है.

असलम शेर खान ने राहुल गांधी को पत्र भी लिखा है कि अगर आप नेहरू गांधी परिवार से बाहर किसी को ये जिम्मेदारी देना चाहते हैं तो मुझे दीजिए. मुझे ये जिम्मेदारी दो साल के लिए दीजिए. ये समय है जब कांग्रेस को एक बार फिर से राष्ट्रदवाद से जोड़ने की जरूरत है.

कई जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का अगला अध्यक्ष महाराष्ट्र से बनाया जा सकता है. यह संभव है, क्योंकि वहां विधानसभा चुनाव होना है और एक महाराष्ट्रियन अध्यक्ष पार्टी के लिए अच्छा होगा. सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद में जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं, लेकिन पार्टी एक महीने के भीतर नया अध्यक्ष चुन ले. कांग्रेस के पास अभी कोई अध्यक्ष नहीं है इस वजह से कई राज्यों में पार्टी अनुशासनहीनता की तरफ बढ़ती जा रही है और अब दिल्ली में बैठे कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगता है कि अध्यक्ष पद को लेकर जो भ्रम के स्थिति पैदा हो गई है उसे जल्दी खत्म करना ही पार्टी हित में अच्छा होगा. गौरतलब है कि कांग्रेस कार्य समिति ( सीडब्ल्यूसी) ने प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी को पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया है.

राहुल के रुख के बाद नए कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश तेज
क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया अगले कांग्रेस अध्यक्ष होंगे या फिर यह जिम्मेदारी केसी वेणुगोपाल को मिलेगी? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता असलम शेरखान ने भी राहुल गांधी के कार्यालय को पत्र लिखकर अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर की है। राहुल गांधी इस समय सुधारवादी मिजाज में हैं और वह कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते। राहुल गांधी यह भी चाहते हैं कि इस पद के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम न घसीटा जाए। अध्यक्ष पद कोई गैर नेहरू गांधी परिवार का व्यक्ति संभाले। सूचना है कि राहुल गांधी की जिद को देखते हुए पार्टी में नए अध्यक्ष पद की तलाश तेज हो गई है।
सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी के तर्क को देखते हुए सोनिया गांधी ने भी अपनी रजामंदी दे है। कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष को मान जाना चाहिए। उन्हें जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। इससे अधिक अभी वह कुछ नहीं कहना चाहते हैं। सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी में काफी सुधार किया है। वे एनएसयूआई और युवक कांग्रेस में काफी पारदर्शिता लेकर आए। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया। अभी पार्टी को उनकी सख्त जरूरत है।
जिन नामों को लेकर कांग्रेस पार्टी में चर्चा हो रही है, उनमें केसी वेणुगोपाल और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है। ज्योतिरादित्य और वेणुगोपाल दोनों इस समय राहुल गांधी के काफी करीबी भी हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि इसी तरह के हालात रहे तो अगले दो महीने में कांग्रेस पार्टी को नया अध्यक्ष मिल सकता है।
सोनिया गांधी नहीं संभालना चाहती कमान
यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है। इसलिए सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने की इच्छुक नहीं हैं। सोनिया और राहुल दोनों इसके पक्ष में हैं कि यदि नया अध्यक्ष बनना है तो वह नेहरु-गांधी परिवार से इतर का व्यक्ति हो। इससे सोनिया और राहुल संदेश देना चाहते हैं कि वह कांग्रेस पार्टी और देश हित में कुछ भी छोड़ सकते हैं। इससे पहले साल 2004 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी से खुद को पीछे खींच लिया था।
सोनिया से पहले सीताराम केसरी थे कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी से पहले कांग्रेस के अध्यक्ष सीताराम केसरी थे। सीताराम केसरी से पहले यह पद पीवी नरसिंहा राव के पास था। नरसिंहा राव को यह पद राजीव गांधी के बाद मिला था। 1947 में देश के आजाद होने के बाद करीब 18 अध्यक्ष गैर नेहरु और गांधी परिवार से बने हैं।

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