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भारतीय विमानन क्षेत्र में 29 लाख नौकरियां पड़ सकती हैं खतरे में

नईदिल्ली 27 अप्रैल 2020 ।  एक वैश्विक विमानन संघ ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते भारतीय विमानन क्षेत्र और उस पर निर्भर उद्योगों में 29 लाख नौकरियों के जोखिम में पड़ने की आशंका है।

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान तीन मई तक पूरे देश में वाणिज्यिक उड़ान सेवाएं निलंबित हैं।

अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) ने कहा कि उसके ताजा अनुमानों के मुताबिक एशिया प्रशांत क्षेत्र में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही भारत इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

संस्था ने कहा कि महामारी और लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधियों को काफी प्रभावित किया है, जिसमें सबसे अधिक असर विमानन और पर्यटन पर पड़ा है।

आईएटीए ने भारत के बारे में कहा कि महामारी के चलते देश के विमानन क्षेत्र और उस पर निर्भर उद्योगों में 29,32,900 नौकरियों के खतरे में पड़ने की आशंका है।

संघ ने कहा कि भारतीय बाजार से परिचालन करने वाली विमानन कंपनियों के राजस्व में 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का असर होगा और 2019 की तुलना में यात्री आय में कमी होगी।

आईएटीए करीब 290 विमानन कंपनियों का समूह है, जिसमें एयर इंडिया, विस्तारा, इंडिगो और स्पाइसजेट शामिल हैं।

सरकार छोटे दुकानदारों के लिए बनाएगी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, 7 करोड़ खुदरा कारोबारियों को जोड़ने की तैयारी

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच देशभर में सामान आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ई-कॉमर्स पोर्टल बनाने की तैयारी में है।

वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की योजना के तहत देशभर के करीब 7 करोड़ खुदरा कारोबारियों को पोर्टल से जोड़ने का लक्ष्य है।

कैट ने बताया कि डीपीआईआईटी की आपूर्ति शृंखला में काम करने वाली कंपनियों और स्टार्टअप के सहयोग से यह पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पर स्थानीय किराना स्टोर ऑनलाइन ऑर्डर लेकर ग्राहकों तक सामान की डिलीवरी करेंगे।

इस राष्ट्रीय अभियान में स्टार्टअप इंडिया, इनवेस्ट इंडिया, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और अवाना कैपिटल शामिल हैं।

पोर्टल पर उत्पाद निर्माता, वितरक, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता और उपभोक्ताओं को एकसाथ ऑर्डर देने और आपूर्ति का मौका मिलेगा।

कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वर्तमान में देश के टीयर 2 और 3 शहरों में सामान की आपूर्ति में कई चुनौतियां आ रही हैं। स्थानीय किराना स्टोर पर निर्भर इन उपभोक्ताओं तक जरूरी चीजों की पहुंच बनाने के लिए ही सरकार ने यह कदम उठाया है

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि क्षेत्र को 1 लाख करोड़ रुपये का बकाया भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। सरकार इसके लिए फंड बनाने पर काम कर रही है। यह राशि केंद्र और राज्य सरकारों के स्वामित्व वाले उद्योगों पर बकाया है।
उन्होंने कहा कि योजना को वित्त मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही स्वीकृति के लिए कैबिनेट के पास भेजी जाएगी। इस बकाया राशि के ब्याज का बोझ बांटने के लिए हमने एक फॉर्मूला भी तैयार किया है। इसमें भुगतान करने वाली इकाई और भुगतान लेने वाली इकाई के साथ बैंकों को भी शामिल किया जाएगा।

स्टार्टअप इंडिया मांग रहा आवेदन
देशभर में स्टार्टअप के लिए माहौल बनाने वाला सरकारी प्लेटफॉर्म स्टार्टअप इंडिया इच्छुक उद्यमियों से आवेदन मांग रहा है। ऐसे उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास तकनीक, भुगतान और लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त सुविधा है। आवेदन ekiranasupply@gmail.com पर भेज सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800115565 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

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