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बाढ़-बारिश से 9 दिन में 324 लोगों की मौत, 2 लाख से ज्यादा राहत शिविरों में

नई दिल्ली 18 अगस्त 2018 । केरल में नौ दिन से भारी बारिश और बाढ़ के चलते 324 लोगों की मौत हुई। भूस्खलन और बाढ़ में गुरुवार को 106 जानें गईं। सेना के साथ एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। करीब 2 लाख 23 हजार लोगों को 1500 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शुक्रवार को ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री देर रात केरल पहुंचे। सुबह साढ़े सात बजे वे हवाई सर्वे के लिए कोच्चि रवाना हुए।

मुख्यमंत्री विजयन ने ट्विटर के जरिए मुख्यमंत्री राहत कोष का बैंक खाता नंबर शेयर कर लोगों से मदद की अपील की। पंजाब और दिल्ली सरकार ने 10-10 करोड़ रुपए की सहायता देने का ऐलान किया। भीषण आपदा के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी आ गई। यातायात ठप होने से ज्यादातर पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं। कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। रेलवे ने राज्य में पीने के पानी से भरे टैंकर रवाना किए। उधर, कर्नाटक-केरल के बीच चलने वाली 17 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया।

सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील :शुक्रवार को नौसेना के हेलिकॉप्टर ने एक गर्भवती को एयरलिफ्ट किया। सेना के अस्पताल में महिला की डिलिवरी कराई गई। वरुण धवन, अनुष्का शर्मा और समेत तमाम बॉलीवुड एक्टरों ने हेल्पलाइन नंबर शेयर किए। साथ ही लोगों से मदद के लिए आगे आने को कहा है।विदेशों में रहने वालों को बाढ़ में फंसे परिजनों की चिंता सता रही है। वे टीवी चैनल और सोशल मीडिया के जरिए अपनों की मदद की गुहार लगा रहे हैं।

केरल में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट :मौसम विभाग ने रविवार तक केरल में भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के 14 में से 13 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। कासरगोड़ा, इडुक्की, अलाप्पुझा, त्रिशूर, एर्नाकुलम जिले में हालात सबसे बदतर हैं। पेरियार नदी में बाढ़ से कोच्चि एयरपोर्ट समेत शहर के ज्यादातर इलाके डूब गए। ये एयरपोर्ट 26 अगस्त तक बंद रहेगा। बारिश की वजह से इडुक्की, मल्लाप्पुरम और कन्नूर जिले में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ।

1924 के बाद केरल में सबसे बड़ी आपदा :गृहमंत्री भी पिछले दिनों केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में केरल के लोगों की पूरी मदद करेगी। केंद्र की ओर से उन्होंने 100 करोड़ की मदद का ऐलान भी किया। हालांकि, मुख्यमंत्री विजयन ने सरकार से 8,316 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की है।

बारिश से मालवा-निमाड़ अंचल में जनजीवन प्रभावित, निचली बस्तियों में घुसा पानी

अंचल में लंबी खेंच के बाद गुरुवार रात भर कई स्थानों पर हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। सेगांव क्षेत्र में रात को हुई तेज बरसात से नदी में आई बाढ़ में एक व्‍यक्ति बह गया।

मप्र के चेरापूंजी कहे जाने वाले कट्ठीवाड़ा (आलीराजपुर) में 10 और भीकनगांव (खरगोन) में 9 इंच बारिश हुई। कुंदा नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात परिवर्तित करना पड़ा।

खंडवा-वड़ोदरा राजमार्ग बाधित – बोराड़ नदी का पुल जलमग्न होने पर खंडवा-वड़ोदरा राजमार्ग बाधित हुआ। निचली बस्तियों में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। गोगावां में दीवार ढहने से 9 लोग दब गए। हालांकि इन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। सैकड़ों एकड़ मे फसलें नष्ट हो गईं। खरगोन में जिले में प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी देते हुए अलर्ट किया है।

12 घण्टे मे 7 इंच बारिश से खंडवा तरबतर

जिले में पिछले तीन सप्ताह से जारी अवर्षा की स्थिति को खंडित करते हुये तीन दिनों में रूकरूकर हो रही बारिश ने फसलों को जहंा बुधवार को जीवनदान दिया वही अगले दिन गुरूवार को तो भिंगो दिया। शुक्रवार को सुबह 6 बजे समाप्त 24 घण्टों में खडवा में 173 मिमी याने करीब 7 इंच बारिश जिला मुख्यालय खडवा मे दर्ज की गयी जबकि इस दरम्यिान पंधाना म 103 एमएम हरसूद में 31 पुनासा में85 व खालवा केन्द्र पर 33 मिलीमीटर दर्ज कीगयी। तीसरे दिन शुक्रवार को भी रिमझिम बारिश का दौर रूकरूककर जारी है।
जिले मे करीब 3 लाख हेक्टर में खडी खरीफ फसले खिल उठी है वहीं जोरदार बारिश ने किसानों में छाई मायूसी को धो डाला है।किसान सवेकराम पटेल ने कहा कि एक सप्ताह बारिश मेें देर हो जाती तो उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होता और किसान बर्बादी के कगार पर होता लेकिन किननारे से फसलें बच गयी है। इन्द्रदेव को मनाने के लिये ग्राम ग्राम पूजा पाठ भजन कीर्तन के साथ प्राथनायें शुरू हो गयी थी। देर से सही लेकिन इन्द्रदेव मेहरबान हो गये है। खेतो में फसले खिल उठी है तो किसानों के चेहरे भी खिल गये है जो तीन हफतो से वर्षा की खेंच से दम ताोड रही फसलो को लेकर बेहद मायूस था।
बुधवार को अल्प लेकिन अमृत वर्षा से दम तोडती खरीफ फसलों को जीवन दान मिला तो अगले दिन गुरूवार को भिगो दिया। जिले में सोयाबीन मंूग चंवला मूंगफली कपास के साथ मोटा अनाज की मक्का ज्वार व दलहन तिलहन की फसलें उर्जावान होकर लहलहा गयी है । वर्षा की लंबी खेंच को लेकर न केवल किसान बल्कि शहर का आम जन तथा व्यापारी वर्ग भी सकते में था। इसका असर बाजार पर छाने लगा था। बारिश का एक स्वर में जहां जारेदार स्वागत किया गया वहीं निचले क्षेत्रों में पानी से घिरने के बावजूद चुनौती मानकर लोगों ने इसका सामना किया। एक दर्जन निचली बस्तियों में घरो में पानी घुंसने से लोग परेशान होते रहे तो नगर निगम की अव्यवस्था एक बार फिर सिर चढकर बोली। नसले नालियों से पानी उफनकर सडको को लबालब कर गया। कई क्षेत्रों में रहगीरों का परेशानी का सामना करना पडा। तीन पुलिया उफल पडी तो ग्रामीण इलाकों में नदी नाले बह निकले।
कहीं से कोई अप्रिय खबर नही है।
जहां तक इस मानसून सत्र का सवाल है अब तक सबसे कम पुनासा तहसील में 36 फीसदी बारिश ही हुई है।भू अभिलेख विभाग के अनुसार खडवा मे बारिश का ग्राफ सालाना औसत 808 एमएम के पार होकर अब तक 818 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है।

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