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6 तहसीलों के साथ जिले में 648 गांवों को किया जाएगा शामिल

उज्जैन 19 मार्च 2020 । सियासत के दाव पेंचों के बाद बुधवार को कमलनाथ सरकार की कैबिनेट ने मप्र में तीन नवीन जिलों का सर्जन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जिसमें उज्जैन जिले में स्थित औद्योगिक नगर नागदा के नाम पर भी हरी झंडी मिली है। सरकार ने यह कार्यवाही कांग्रेस विद्यायक दिलीप सिंह गुर्जर की मांग पर की है। इस नवीन जिले की तस्वीर कैसे होगी, इस बात को लेकर मप्र शासन के समक्ष एक परीक्षण प्रस्ताव पहुंचा था। कलेक्टर उज्जैन ने एक निर्धारित प्रोफार्मा में अनुविभागीय अधिकारियों से जानकारियां लगभग 8 माह पहले संकलित की थी।

कलेक्टर उज्जैन ने जो प्रस्तवित नागदा जिले की जानकारियां प्रेषित की थी, उसका संकलन कुछ इस प्रकार है। इस परीक्षण पर ही नागदा नवीन जिला बनेगा। जिसके तहत उज्जैन जिले की नागदा, खाचरौद, महिदपुर, झारडा तहसील तथा उन्हेल क्षेत्र के गांवों को परीक्षण में शामिल किया गया है। इसके अलावा रतलाम जिले की तहसील आलोट, ताल को भी शुमार किया जा रहा है। हालांकि आलोट विधानसभा उज्जैन संसदीय क्षेत्र से ही जुड़ा है।

महिदपुर -झारडा तहसील के साथ ही जिले में होंगे 648 गांव
नवीन नागदा जिला अस्तित्व में आता है तो इस जिले के कलेक्टर के नियंत्रण में 561 गांवों की बागडोर होगी। इसी प्रकार सेे 301 ग्राम पंचायतों पर नियंत्रण होगा। इन गांवों का तहसील के अनुसार देखा जाए तो नागदा क्षेत्र के 114 गांव, खाचरौद के 110, महिदपुर 114, झारड़ा 113 एवं रतलाम जिले के आलोट के 110, ताल के 87 गांवों को जिला मुख्यालय नागदा होगा।

नागदा जिले की जनसंख्या 8 लाख 77 हजार 180 होगी
कलेक्टर के परीक्षण के दस्तावेजों तथा पिछली जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार नवीन जिले की पहचान 8 लाख 77 हजार 180 की आबादी की होगी। अब 2021 की जनगणना में ये आंकड़े और अधिक हो जाएंगी। प्रत्येक तहसील जो नवीन जिले में समाहित हो रही उसका आंकलन किया जाए तो नागदा क्षेत्र की जनसख्या 2 लाख 37 हजार 996 खाचरौद- 1 लाख 61 हजार270, महिदपूर 1 लाख 51 हजार 736, झारड़ा- 1 लाख 7 हजार 563, आलोट- 1 लाख 11 हजार 636, ताल – 99 हजार 979 आबादी नवीन जिले से जुड़ेगी।

उन्हेल कस्बा के 28 गांव भी होंगे शामिल
कलेक्टर के परीक्षण में कस्बा उन्हेल के 28 गांवों को भी इस नवीन जिले में शामिल किया जा रहा है। इस क्षेत्र का अधिकांश भाग वर्तमान में घटिया विघानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। इन कुल 28 गांवों की आबादी 42 हजार 18 आंकी गई है। इस क्षेत्र के 17 पटवारी हल्कों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

रतलाम जिले की जनसंख्या होगी कम
रतलाम जिले से आलोट-ताल को नागदा में मिलाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में रतलाम जिले में गांवों की संख्या कम हो जाएगी। वर्तमान में रतलाम जिले में अभी 1089 गांव शामिल है। इस में से आलोट के को नागदा में शामिल करने पर रतलाम जिले में गांवों की संख्या 979 रह जाएगी। इसी प्रकार से पटवरी हल्के तथा पंचायतों की संख्या में भी गिरावट आएगी।

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