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बिना यात्री के उड़ाए 82 विमान, 18 करोड़ रुपये की चपत

नई दिल्ली 22 सितम्बर 2019 । पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) ने आर्थिक मार झेल रहे पाकिस्तान को 18 करोड़ रुपये की चपत लगा दी है। पाकिस्तान की एक ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाक एयरलाइन पिछले काफी समय से बिना किसी यात्री के उड़ान भर रही है। इस से पाकिस्तान सरकार को 18 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज के मुताबिक पाक की सरकारी विमान सेवा ने 82 बार बिना किसी यात्री के उड़ान भरी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीआईए ने 2016-2017 के दौरान 46 बार इस्लामाबाद एयरपोर्ट से बिना किसी यात्री के उड़ान भरी। उड़ान भरने के बाद विमान को वापस इस्लामाबाद में ही उतार दिया गया।

इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान एयरलाइन ने 36 बार हज और उमरे के लिए पाकिस्तान से उड़ान भरी। लेकिन, इन उड़ानों में भी एक भी यात्री शामिल नहीं था। अक्तूबर 2018 में प्रशासन को इस बारे में जानकारी दी गई लेकिन, उन्होंने इसकी जांच नहीं कराई।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कागजों में कहा गया है कि पीआईए का प्रशासन इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार है। बिना यात्री के उड़ाई गईं इन 82 उड़ानों में पाकिस्तान सरकार को 18 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मामले में प्रशासन को जानकारी देने के बाद जांच तेज कर दी गई है।

मिलिए उन 9 राजनयिकों से जिन्होंने UNHRC में दी पाकिस्तान को मात
जेनेवा में संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) का 42वां सत्र जारी है. यह सत्र 27 सितंबर तक चलेगा यानी इस सत्र का कार्यकाल एक सप्ताह का बचा है. पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने परिषद की बैठक में कश्मीर का राग अलापा था लेकिन भारत ने इसे अपना आंतरिक मुद्दा बताते हुए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई थी. भारत की कूटनीतिक जीत के असली हीरो नौ भारतीय राजनयिक थे जिन्होंने अपनी रणनीति की बदौलत पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर मात दी.

इन नौ भारतीय राजनयिक का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के पूर्वी मामलों की सचिव विजय ठाकुर सिंह ने किया था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें रणनीति बनाने की खास जिम्मेदारी सौंपी थी. वह यूएनएचआरसी की मीटिंग के दौरान खुद जेनेवा में मौजूद थीं. विजय ठाकुर सिंह ने ही जिनेवा में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब किया था. पूर्व भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने जेनेवा में कैपिंग की. उन्होंने इस सिलसिले में सदस्य देशों से मुलाकात की थी. बिसारिया ने यूएनएचआरसी के कमिश्नर मिशेल बेस्लेट को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत के पक्ष से अवगत कराया था. विदेश मंत्री ने यूएनएचआरसी में बिसारिया को प्रतिनिधि मंडल के साथ भेजा था, यही उनका मास्टरस्ट्रोक था.

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