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विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद BJP संगठन नाराज़,पूर्व सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को किया तलब

भोपाल 25 जुलाई 2019 । मध्यप्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में फेल होने के और दो विधायकों के पाला बदलने के बाद बीजेपी हरकत में आ गई है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद BJP संगठन नाराज़ है। संगठन मंत्री सुहास भगत से शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को तलब किया है। संगठन मंत्री सुहास भगत नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से भी जवाब तलब कर सकते हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के घर आपात बैठक बुलाई गई थी ।बैठक में फ्लोर मैनेजमेंट फेल होने को लेकर समीक्षा की गई है। बैठक में 20 से ज्यादा विधायक शामिल हुए थे। शिवराज के आवास पर बुलाई इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद रहे। बैठक में फ्लोर टेस्ट में नाकाम रहने के कारणों पर मंथन किया गया है । वहीं इस बैठक के बाद संगठन मंत्री सुहास भगत ने शिवराज और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को तलब किया है।ज्ञात हो कि गौ-रक्षकों के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे लोगों पर लगाम कसने गौवंश वध प्रतिशेध संशोधन विधेयक 2019 प्रस्तुत किया। इस दौरान सदन में मौजूद भाजपा विधायक बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी और विधायक शरद कौल ने ना केवल क्रॉस वोटिंग की बल्कि सीएम कमलनाथ के पक्ष में बयान भी दिया। दोनों विधायकों ने कमलनाथ को विकास पुरुष बताते हुए अपना समर्थन देने की बात कही है। इस विधेयक के तहत दोषी व्यक्ति को 3 साल तक की सजा हो सकती है। प्रदेश विधान सभा में बुधवार को गौवंश वध प्रतिशेध संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया।

दोनों विधायक कांग्रेस से भाजपा में हुए थे शामिल :-ज्ञात हो कि 2014 लोकसभा चुनाव से दो दिन पहले मैहर से कांग्रेस विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा पार्टी से नाराज होकर भजापा में प्रवेश कर लिया था। इसके बाद 2016 के उप चुनाव में भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस के मनीष पटेल को 28282 मतों से हराया। नारायण त्रिपाठी 2005 में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी रहे। वहीं, एक समय में कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शरद कौल ने 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रामपाल स‍िंह 32450 वोटों से हराया था। अब वे कांग्रेस में वापसी करने की राह पर हैं।

शिवराज के बयान पर बोले जीतू पटवारी, यह कुमारस्वामी की नहीं, कमलनाथ की सरकार है, गिराने के लिए 7 जन्म लेने होंगे

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिरने के बाद मध्य प्रदेश की हवा में तेजी आ गई है. अटकलें लगाई जा रही है कि मध्य प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस की सरकार गिर सकती है. इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस की बीच खूब बयानबाजी हो रही है. इस दौरान कांग्रेस नेता ओर प्रदेश के शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार को गिराने के लिए कई बार नाकाम कोशिश की. उन्होंने हमारे लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है, लेकिन उसे कभी सफलता नहीं मिल पाएगी. यह कमलनाथ की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार में घोड़े का व्यापार करने के लिए सात जन्म लेने होंगे. वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर मध्य प्रदेश में सरकार गिरती है तो इसके लिए कांग्रेस के नेता खुद जिम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा-बसपा के कार्यकर्ताओं में अंदरुणी संघर्ष है. अगर ऐसा कुछ होता है तो हम कुछ नहीं कर सकते. सरकार गिरने की जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी. इससे साफ जाहिर होता है कि मध्य प्रदेश में भी हलचल पैदा हो गई है. मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल सीट की संख्या 230 है. जिसमें कांग्रेस के पास 114 विधायक है. वहीं बीजेपी के 109 विधायक. सपा के पास 1 और बसपा के पास 2 विधायक हैं. बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 7 विधायकों की दरकार है. इसके लिए बीजेपी और कांग्रेस की बीच संघर्ष है. वहीं कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई. विश्वास मत में गठबंधन की सरकार को 99 वोट मिले. वहीं बीजेपी को 105 वोट मिले. इसके साथ ही गठबंधन की सरकार गिर गई.

700 करोड़ विज्ञापनों पर उड़ाए,मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दिया जवाब, 3 साल में खूब बांटे विज्ञापन

पिछले करीब तीन साल में जनसंपर्क विभाग द्वारा विज्ञापनों पर करीब 700 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई है। यह जानकारीमुख्यमंत्री कमल नाथ ने विधानभा में दी। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जबलपुर के विधायक विनय सक्सेना के एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 1 जनवरी 2016 से 10 नवम्बर 2018 तक जनसम्पर्क विभाग ने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक चैनलों, समाचार पत्र-पत्रिकाओं, वेबसाइटों और स्मारिकाओं में विज्ञापनों पर करीब 700.17 करोड़ रुपए की राशि खर्च की। वहीं इस अवधि में मध्यप्रदेश माध्यम ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापनों पर 7.17 करोड़ रुपए और समाचार पत्र-पत्रिकाओं में 46.23 करोड़ रुपए खर्च किए।

शासन की अच्छी छवि पेश करते हैं विज्ञापन
विधायक नीलांशु चतुर्वेदी और महेश परमार के एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री नेे बताया कि जनसंपर्क विभाग में पदस्थ अधिकारियों का मुख्य दायित्व सरकार की नीतियों, निर्णयों, योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी प्रचार-प्रसार माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना और जनमानस में शासन की उज्जवल छवि प्रस्तुत करना है।

कांग्रेस का काम है धोखा देना: शिवराज सिंह चौहान

कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के गिरने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर हमला बोला है. पूर्व सीएम ने कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी करार दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपती है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कर्नाटक की सरकार को गिरना ही था, क्योंकि जो गठबंधन था वो स्वार्थ का गठबंधन था और कांग्रेस धोखेबाज पार्टी है. कांग्रेस का इतिहास ही रहा है कि उसने समर्थन दिया है और साथ ही नहीं दिया. वो गठबंधन धर्म कभी निभाती नहीं है. पीठ में छुरा घोंपती है.

शिवराज सिंह चौहान कर्नाटक में सरकार कांग्रेस के कारण गिरी. आप कांग्रेस का इतिहास देख लीजिए. चौधरी चरण सिंह को समर्थन देकर प्रधानमंत्री बनाया, फिर गिरा दिया. चंद्रशेखर को समर्थन दिया, उन्हें भी गिरा दिया. एचडी देवगौड़ा को पीएम बनाया तब भी जूनियर देवगौड़ा को अक्ल नहीं आई, उन्हें गिरा दिया. पूर्व सीएम ने आगे कहा, कर्नाटक की सरकार कांग्रेस ने गिराई है. मुझे कुमारस्वामी से सहानुभूति है. वह जबसे सीएम बने, कांग्रेस उन्हें रुलाती रही. उन्होंने आखिरी दिन भी रोकर विदाई ली.

हालांकि कर्नाटक में बीजेपी पर भी सरकार गिराने के आरोप लग रहे हैं. इस पर पार्टी का बचाव करते हुए शिवराज ने कहा कि सरकार गिराने में बीजेपी की कोई दिलचस्पी नहीं है. कुमारस्वामी सरकार में अंतर्विरोध इतने हैं. सपा, बसपा निर्दलीय और कांग्रेस के अपने गुट. अब कौन गुट किसके साथ जाएगा, कौन किसका दुश्मन, कौन दोस्त. अब वह अंतर्विरोध के चलते गिर जाए तो हम क्या कर सकते हैं.

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