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इमरान खान को अमरिंदर सिंह का जवाब- भारत को लेक्चर मत दो

नई दिल्ली 20 फरवरी 2019 । जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आंतकी हमले के पांच दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रेस कान्फ्रेंस करके कहा कि हिंदुस्तान की सरकार पुलवामा हमले को लेकर बिना किसी सबूत के पाकिस्तान के ऊपर इल्जाम लगा रही है. पाकिस्तान क्यों करेगा आतंकी हमला, इससे हमें क्या फायदा. अगर भारत की सरकार हमें कोई सबूत देगी तो हम इस मसले पर जांच करने के लिए तैयार हैं. इमरान को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि भारत को भाषण नहीं आतंकी मसूद अजहर को पकड़कर दो.

अमरिंदर ने कहा कि आपके पास जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर है जो बहावलपुर में बैठा है. आईएसआई की मदद से आतंकी हमलों को अंजाम दे रहा है. जाओ उसे वहां से उठाओ और भारत के हवाले करो यदि आप नहीं कर सकते हैं तो हमें बताइये. मुंबई के 26/11 हमले के सबूत दिए गए, उनका क्या किया बताएं.

तमाम दलों ने इमरान खान के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि क्या कातिल अपने कत्ल को कभी कबूल करता है? क्या कभी पाकिस्तान ने अपनी करतूतों को कबूल किया है? भारत कमज़ोर नहीं है इसका पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देगा.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि इमरान खान आतंकियों के एहसान का बदला चुका रहे हैं. पाक चुनाव के दौरान मसूद अजहर ने इमरान खान के लिए प्रचार किया था. ऐसे में इमरान खान का मसूद अजहर का बचाव करना कोई आश्चर्य की बात नहीं है.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पलटवार करते हुए कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा से सबूत रहे हैं. पाकिस्तान के पीएम सेना के हाथों कठपुतली बनकर रह गए हैं. इमरान खान के बयान से साफ है कि पाकिस्तान युद्ध की राह पर चल रहा है.

जेडीयू नेता ने कहा कि पाकिस्तान की सेना जो चाहती है वही पाकिस्तानी सरकार करती है. पाक सैनिकों के मंसूबे भारत विरोधी रहे हैं, कश्मीर में आतंकवाद फैलाने का काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि मसूद अजहर जैसा खूंखार आतंकवादी पब्लिक मीटिंग रावलपिंडी में और लाहौर में कर रहा हो. ऐसे में पाकिस्तान पीएम के बयान पर हंसी आ सकती है.

त्यागी ने कहा कि भारत से वार्ता करने के लिए अच्छे रिश्ते के लिए दुहाई दे रहा है. पाकिस्तान के 65 और 71 में टुकड़े टुकड़े हुए. कारगिल और 47 में जो कबायली आए थे सब लोग पाकिस्तान की बर्बादी का हश्र देख चुके हैं. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. यह भारत 62 का भारत नहीं है यह 2019 का भारत है.

पाकिस्तान द्वारा सबूत मांगने की बात पर केसी त्यागी का कहना है कि 26/11 हमले के समय डॉजियर भारत ने पाकिस्तान को दिया था लेकिन उसका क्या हुआ.

केसी त्यागी का कहना है कि भारत सरकार कई तरीके से काम करती है. एक तो कूटनीतिक तरीके से उसे अलग-थलग करना ही सबसे बड़ी सजा है. उसके लिए हम यूरोपीय, अमेरिका और साउथ एशिया के सभी देशों के संपर्क में हैं. पाकिस्तान का बयान वही घिसा पिटा है.

पुलवामा हमला: दिग्विजय सिंह ने दी नवजोत सिंह सिद्धू को सलाह, जानें क्या कहा

पुलवामा हमले पर विवादित बयान के बाद आलोचना झेल रहे पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को उनकी पार्टी कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने नसीहत देते हुये कहा है कि उनके दोस्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की वजह से उन्हें गालियां पड़ रही हैं और वह अपने मित्र को समझाएं।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कई ट्वीट कर सिद्धू को नसीहत देने के साथ ही इमरान खान को भी नहीं बख्शा और कहा कि वह साहस दिखाते हुए आतंकवाद के सरगनाओं हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को सौंप दें।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “नवजोत सिंह सिद्धू जी अपने दोस्त इमरान भाई को समझाएं। उसकी वजह से आपको गालियां पड़ रही हैं।” पुलवामा हमले के बाद सिद्धू के बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। टेलीविजन चैनल सोनी के मनोरंजक कार्यक्रम ‘द कपिल शर्मा’ शो से भी उन्हें हटा दिया गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए दिग्विजय ने लिखा, “पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री कम आन, साहस दिखाइये और हाफिज सईद और मसूद अजहर आतंक के स्वयंभू सरगनाओं को भारत को सौंप दें। ऐसा करके आप न केवल पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबारने में कामयाब होंगे बल्कि नोबेल शांति पुरस्कार के भी प्रबल दावेदर बन जायेंगे।”

उन्होंने कहा, “हमें एक-दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय हमें अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक साथ आना चाहिए और कश्मीर घाटी में फिर से सांप्रदायिक सछ्वाव स्थापित करने का काम करना चाहिये ताकि वहां कश्मीरी मुस्लिम और कश्मीरी हिंदू भाइयों को साथ-साथ रहने का माहौल बने जो वहां का ‘हाल मार्क’ था।

दिग्विजय सिंह ने कश्मीर के छात्रों और स्थानीय नागरिकों का देश के विभिन्न हिस्सों में उत्पीड़न नहीं किये जाने की अपील करते हुए लिखा, “एक भारतीय के नाते क्या हम कश्मीरी छात्रों और कश्मीरी व्यापारियों को पूरे देश में परेशान करना नहीं छोड़ सकते हैं? क्या हम ऐसा कश्मीर चाहते हैं जहां कश्मीरियत ही नहीं हों? एक राष्ट्र के तौर पर हमें अपना विकल्प चुनना ही होगा।”

सिंह ने कश्मीर के लिए एक रोडमैप तैयार करने सुझाव देते हुये कहा कि क्या कांग्रेस, भाजपा, नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कश्मीर की अन्य पार्टियां अगले 10 वर्ष के लिये एक रोडमैप तैयार नहीं कर सकते

पाकिस्तानी नागरिकों को जिला छोड़ने के आदेश

बीकानेर के जिला कलेक्टर ने जिले में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर जिला छोड़ने का आदेश दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकों की उपस्थिति से कानून-व्यवस्था पर खतरे का हवाला देते हुए इस आशय का आदेश जारी किया है।

जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने कहा कि यह निषेधाज्ञा आदेश सोमवार को जारी किए गए। ये आदेश उन पाकिस्तानी नागरिकों पर लागू नहीं होंगे जिन्होंने भारत के विदेशी नागरिक पंजीयन कार्यालय (एफआरओ) में खुद का पंजीयन करवा रखा है।

गौतम के अनुसार दीर्घकालिक वीजा पर भारत आकर आजीविका के लिए यहां काम करने वाले तथा किसी अन्य जगह का वीजा लेकर बीकानेर में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिक इस आदेश के दायरे में आते हैं।

जिला कलेक्टर ने कहा, ‘‘यह संवेदनशील इलाका है इसलिए निषेधाज्ञा आदेश जारी किए गए हैं। होटल व अन्य प्रतिष्ठानों से कहा गया है कि वे ऐसे लोगों को अपने यहां नहीं रुकने दें और न ही उन्हें किसी काम पर रखें।’’ हालांकि कलेक्टर ने यह नहीं बताया कि जिले में कितने पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी राजस्थान के चार जिलों बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर व श्रीगंगानगर की सीमा पाकिस्तान से लगती है। बीकानेर के अलावा किसी अन्य जिले में इस तरह के आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि यह उन पाकिस्तानी नागरिकों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने खुद को एफआरओ के यहां पंजीबद्ध करवा लिया।

उल्लेखनीय है कि भारत आने वाले अनेक पाकिस्तानी हिंदू जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर व बीकानेर सहित अनेक स्थानों पर रहते हैं।

पाक हिंदू विस्थापितों से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहे जोधपुर के कार्यकर्ता हिंदू सिंह सोढा ने कहा कि जिला प्रशासन को इस तरह का आदेश जारी करने के बजाय अपंजीकृत हिंदू विस्थापितों का पंजीकरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगभग 25000 पाक विस्थापितों में से करीब 5000 ने अपना पंजीकरण एफआरओ में नहीं करवाया है। ज्यादातर पाक हिंदू विस्थापित जोधपुर में रहते हैं और बीकानेर में इनकी संख्या बहुत ही कम है।

जिला मजिस्ट्रेट गौतम ने अपने आदेश में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत बीकानेर राजस्व सीमा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर जिला छोड़ने का आदेश दिया है। यह आदेश पुलवामा आतंकी घटना के बाद आम लोगों में पाकिस्तान के प्रति रोष को देखते हुए जारी किया गया है। आदेश दो महीने तक प्रभावी होगा।

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