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अमित शाह बोले, CRPF के जवान ना होते तो मेरा बचना मुश्किल था

नई दिल्ली 17 मई 2019 । ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हिंसा करने का आरोप लगाया है। मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है। मगर कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा TMC कर रही है।। बंगाल में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक चुनाव के 6 चरण समाप्त हो चुके हैं, इन 6 के 6 चरणों में सिवाय बंगाल के कहीं भी हिंसा नहीं हुई। शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर सीआरपीएफ के जवान ना होते तो उनका बचके निकलना मुश्किल था।

अमित शाह ने कहा कि हार से घबराकर हिंसा करवा रही हैं ममता बनर्जी। उन्होंने कहा कि ईश्वरचंद विद्यासगर की मूर्ति बीजेपी ने नहीं तोड़ी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती क्यों नहीं कर रहा है औ ममता की धमकी पर चुनाव आयोग ने एक्शन क्यों नहीं लिया। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, बंगाल में एक भी हिस्ट्रीशीटर को नहीं पकड़ा गया।

उन्होंने कहा कि रोड शो से पहले ही वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए गए। रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा, 2.30 घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला। 3 बार हमले किये गए और तीसरे हमले में तोड़फोड़, आगजनी और बोतल में केरोसिन डालकर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी के अंदर से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। पुलिस ने कोई जांच नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गयी। जहां ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतीमा रखी है वो जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, सब लॉक हो चुका था, फिर किसने कमरे खोले। ताला भी नहीं टूटा है, फिर चाबी किसके पास थी। कॉलेज में टीएमसी का कब्जा है।

अमित शाह बोले, वोटबैंक की राजनीति के लिए महान शिक्षाशास्त्री की प्रतिमा का तोड़ने का मतलब है कि टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना है। चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

इससे पहले अमित शाह के मंगलवार को कोलकाता में हुए विशाल रोड शो के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। हालांकि, शाह को किसी तरह की चोट नहीं आई और पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जब विद्यासागर कॉलेज के भीतर से टीएमसी के कथित समर्थकों ने शाह के काफिले पर पथराव किया जिससे दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़प हुई।

गुस्साए भाजपा समर्थकों ने भी उसी तरह प्रतिक्रिया दी और कॉलेज के प्रवेशद्वार के बाहर टीएमसी प्रतिद्वंद्वियों के साथ मारपीट करते नजर आए। बाहर खड़ी कई मोटरसाइकलों को आग के हवाले कर दिया गया। ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी झड़प के दौरान तोड़ दी गई। पुलिसकर्मी पानी भरी बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश करते देखे गए।

शाह क्या भगवान हैं जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर मंगलवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह क्या भगवान हैं जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता। बनर्जी ने आज कोलकाता में शाह के रोडशो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पों के बाद यह बात कही। इस दौरान ईश्वरचंद विद्यासागर कॉलेज में तोड़फोड़ और 19वीं सदी के समाज सुधारक विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगे हैं।

कोलकाता हिंसा पर EC की बड़ी कार्रवाई, प्रधान और गृह सचिव की छुट्टी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया है. आयोग ने बंगाल में गुरुवार रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है. इसके अलावा आयोग ने राज्य के प्रधान सचिव और गृह सचिव की छुट्टी कर दी गई है.

आयोग ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालने पर भी बैन लगा दिया है. बंगाल के ADG CID राजीव सिंह को गृह मंत्रालय भेजा गया है. राज्य में 19 मई को 9 सीटों पर वोट डाले जाने हैं. उससे पहले ही आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है.

वहीं ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति खंडित होने पर आयोग ने सख्त नाराजगी जताई है. चुनाव आयोग ने कहा कि इस प्रकार की हिंसा फिर से हुई तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे. राज्य की 9 सीटों पर प्रचार की अवधि शुक्रवार शाम पांच बजे तक थी, लेकिन आयोग ने एक दिन पहले ही इसे खत्म कर दिया.

मंगलवार की शाम कोलकाता में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा के बाद आज पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासत सुलग उठी है. टीएमसी ने ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति खंडित होने को भावनात्मक मुद्दा बना लिया. वहीं बीजेपी और टीएमसी दोनों एक दूसरे पर मूर्ति खंडित करने का आरोप मढ़ रही हैं. वामपंथी दलों का कहना है कि बीजेपी और टीएमसी के झगड़े में पूरा बंगाल जल रहा है.

इनका नसीब अच्छा, वरना 1 सेकेंड में BJP दफ्तर पर कर सकती हूं कब्जा: ममता

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद से सियासी संग्राम छिड़ गया है. इसको लेकर बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर करारा प्रहार किया है. वहीं, ममता बनर्जी ने भी भारतीय जनता पार्टी को अपने सख्त तेवर दिखाए हैं.

दीदी ने बीजेपी को चेताते हुए कहा, ‘तुम लोगों का नसीब अच्छा है कि मैं यहां शांत बैठी हूं. वरना तो मैं एक सेकेंड में दिल्ली में बीजेपी दफ्तर और तुम्हारे घरों पर कब्जा कर सकती हूं.’ ममता बनर्जी ने बीजेपी अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमित शाह क्या भगवान हैं, जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता है? ममता बनर्जी का यह बयान कोलकाता में अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद सामने आया है.

आपको बता दें कि मंगलवार को कोलकाता में अमित शाह के रोड शो के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने रोड शो पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा ईंट और पत्थर फेंकने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा, ‘मेरी रैली के दौरान दो जगहों पर अशांति पैदा की गई. तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हिंसा भड़काने की कोशिश की और हम पर ईंट व पत्थर फेंके.’ वहीं, अमित शाह के रोड शो में कथित पथराव के बाद कॉलेज स्ट्रीट के पास हिंसा भड़क उठी और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया.

बीजेपी का कहना है कि टीएमसी के कार्यकर्ता कलकत्ता विश्वविद्यालय के गेट पर काले झंडे लेकर पहले से ही जमा थे. अमित शाह का रोड शो जैसे ही वहां से गुजरा, उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और काले झंडे दिखाए. तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने भी पत्थरबाजी की.

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर ईश्वरचंद विद्यासागर कॉलेज में तोड़फोड़ और 19वीं सदी के समाज सुधारक विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के आरोप लगे. ममता बनर्जी ने उत्तर कोलकाता स्थित विद्यासागर कॉलेज का दौरा करने के बाद कहा, ‘अमित शाह खुद को क्या समझते हैं? क्या वो सबसे ऊपर हैं? क्या वो भगवान हैं, जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता?’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘अमित शाह इतने असभ्य हैं कि उन्होंने विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा तोड़ दी. वो सभी बाहरी लोग हैं. बीजेपी मतदान वाले दिन के लिए उन्हें लाई है.’

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