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अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकता है विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान

भोपाल  28 सितम्बर 2018 । अक्टूबर के पगले सप्ताह में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान हो सकता है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने 29 सितंबर और एक अक्टूबर को कैबिनेट बैठक करने जा रही है। संभवत: अक्टूबर महीने की पहली तारीख को होने वाली कैबिनेट बैठक इस सरकार की आखिरी बैठक हो। सरकार इस बैठक में कुछ बड़े फैसले ले सकती है।

विधानसभा चुनावों की आचार संहिता लगने से पहले भाजपा सरकार 29 सितंबर और एक अक्टूबर को कैबिनेट बैठक करने जा रही है। इसकी सूचना सभी संबंधित विभाग प्रमुख व मंत्रियों को दे दी गई है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह यानि 4 से 6 अक्टूबर के बीच निर्वाचन आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है।

पिछली बार भी चार अक्टूबर को हुई थी घोषणा

पिछले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता चार अक्टूबर को लगी थी। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी चार तारीख के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है। चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मध्यप्रदेश में एक ही चरण में मतदान होगा। त्योहारों को देखते हुए मतदान 7 से 15 दिसंबर के बीच हो सकता है। निर्वाचन आयोग 27 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर देगा।

आचार सहिंता लगने से पहले मेट्रो की आधारशिला

भोपाल मेट्रो की आधारशिला 29 सितंबर को रखी जा सकती है। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा आयोजित स्टार्टअप काॅनक्लेव के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसी परिसर में मेट्रो कंपनी के दफ्तर का शुभारंभ करेंगे। वे पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड से मिली मंजूरी के आधार पर मेट्रो रूट का काम शीघ्र शुरू करने की भी घोषणा करेंगे।

इसलिए अटका है कार्यक्रम

अभी केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी की औपचारिकता शेष है। यदि 29 सितंबर तक यह मंजूरी मिल गई तो भूमिपूजन भी हो सकता है। अन्यथा भूमिपूजन के लिए एक और कार्यक्रम का आयोजन होगा। मेट्रो रेल कंपनी के अधिकारी लगातार कोशिश कर रहे हैं कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले कैबिनेट की मंजूरी की औपचारिकता पूरी हो जाए। इसके बाद ही मेट्रो रूट के सिविल वर्क का काम करने वाली दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को लेटर ऑफ इंटेंट जारी हो पाएगा।

भाजपा में बड़े बदलाव की तैयारी, सुषमा समेत 150 सांसदों के कट सकते हैं टिकट

लोकसभा चुनाव अब नजदीक है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदाी मिलकर बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। दोनों की एक नयी योजना ने भाजपा में हड़कंप मचा दिया है। खबर मिली है कि इस लोकसभा चुनाव में अमित शाह कई सांसदों के टिकट काटने जा रहे हैं। इनमें सुषमा स्वराज से लेकर कई बड़े नाम भी शामिल हैं। आइए जानते हैं क्या है वजह और किन नेताओं के नाम लिस्ट में हैं।

दिखने जा रहा है बड़ा बदलाव
भारतीय जनता पार्टी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने जा रहा है। भाजपा अब साल 2014 वाली भाजपा नहीं दिखेगी क्योंकि सिरे से पूरे संगठन को बदलने की योजना बन चुकी है। आनंद बाजार पत्रिका की खबर के मुताबिक भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने 150 सांसदों के टिकट काटने की तैयारी कर ली है। खास बात है कि इस लिस्ट में कई बड़े चेहरे भी शामिल हैं जिनको झटका देने की तैयारी है।

इन नेताओं के नाम है लिस्ट में
इनमें सबसे बड़ा नाम विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का है। इसके अलावा मंत्री उमा भारती का नाम भी सूची में है। इतना ही नहीं वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का टिकट भी कट सकता है। इसके अलावा बीसी खंडूरी, राधा मोहन सिंह सुमित्रा महाजन, करिया मुंडा और शांता कुमार जैसे बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं।

आखिर क्या वजह दी जा रही टिकट काटने की
भाजपा शीर्ष नेतृत्व टिकट काटने की वजह भी देने जा रहा है। जैसे सुषमा स्वराज को बीमारी की वजह से टिकट नहीं मिल रहा है। वहीं उमा भारती और सुमित्रा महाजन और राधा मोहन ने खुद ही टिकट लेने से मना कर दिया है। वहीं मुरली मनोहर, मुंडा, शांता कुमार और खंडूरी का टिकट उम्र के नाम पर काटा जा सकता है..

पत्रिका अखबार के सर्वे में मध्यप्रदेश में यह पार्टी निकली सबसे आगे

दोस्तों आप सभी जानते हैं कि इस साल मध्यप्रदेश में अक्टूबर नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं।इन चुनावों को लेकर राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां कांग्रेस और बीजेपी कड़ी तैयारी कर रही हैं।बीजेपी जहां लगातार चौथी बार चुनाव जीतने का दावा कर रही है वहीं कांग्रेस को अपनी वापसी का भरोसा है।

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े अखबारों में से एक पत्रिका अखबार ने एक सर्वे किया है।जिसके नतीजे काफी चौंकाने वाले है।सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश की जनता मैजूदा सरकार से खुश नही है।जब लोगों से पूंछा गया कि क्या वो शिवराज सरकार को पुनः 5 साल का मौका देंगे तो 54 प्रतिशत लोगों ने इसका जवाब न में दिया।इसी तरह जब सीएम पद की पहली पसंद का सर्वे किया गया तो 60 प्रतिशत लोगों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को फेवरेट बताया वहीं शिवराज को केवल 24 प्रतिशत लोग पसंन्द करते हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि मध्यप्रदेश में फिलहाल कांग्रेस पार्टी आगे निकलती हुई नजर आ रही है।लेकिन अभी चुनाव में 5 महीने का वक़्त है तो शिवराज सरकार मेहनत के दम पर वापसी बजी कर सकती है।

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