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लद्दाख दौरे पर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, चीन पर बोले- नियंत्रण में स्थिति

नई दिल्ली 2 अक्टूबर 2021 । चीन से बढ़ रहे विवादों के बीच शुक्रवार को आर्मी चीफ जनरल नरवणे लद्दाख दौरे पर निकल गए हैं। अपनो दो दिनों के दौरे पर नरवणे सीमा पर तैनात जवानों से मिले और बॉर्डर पर तैयारियों का जायजा लिया है। थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने इस बीच रेजांगला युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी। नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में ‘फॉरवर्ड’ इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा स्थितियों का जायजा लिया। सैनिको से बातचीत के दौरान नरवणे ने जवानों को हौसला बढ़ाया और उनके मनोबल की सराहना भी की।
भारत-चीन के रिश्तों पर क्या बोले नरवणे

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने भारत-चीन गतिरोध पर न्युज एंजेसी ANI से साक्षात्कार में कहा कि, मेरा दृढ़ मत है कि हम अपने मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझा सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम परिणाम हासिल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने आगे कहा कि, पिछले 6 महीनों में स्थिति काफी सामान्य रही है। हमें उम्मीद है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में 13वें दौर की वार्ता होगी और हम इस बात पर आम सहमति पर पहुंचेंगे कि अलगाव कैसे होगा।सेना प्रमुख ने आगे कहा कि, हम उनकी सभी गतिविधियों पर नियमित रूप से नजर रख रहे हैं। हमें मिली जानकारी के आधार पर, हम बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सैनिकों के मामले में भी समान विकास कर रहे हैं, जो किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए आवश्यक हैं। फिलहाल, हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।एएनआई को सेना प्रमुख ने बताया कि,चीनियों ने हमारे पूर्वी कमान तक पूरे पूर्वी लद्दाख और उत्तरी मोर्चे पर काफी संख्या में तैनाती की है। निश्चित रूप से अग्रिम क्षेत्रों में उनकी तैनाती में वृद्धि हुई है जो हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

सेना प्रमुख जनरल नरवणे K-9 VAJRA स्व-चालित तोपखाने के प्रदर्शन पर कहा कि, ये तोपें ऊंचाई वाले इलाकों में भी काम कर सकती हैं, फील्ड ट्रायल बेहद सफल रहे। हमने अब एक पूरी रेजिमेंट जोड़ ली है, यह वास्तव में मददगार होगा।

पाकिस्तान पर नरवणे ने साधा निशाना

सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि, हमने हर हफ्ते होने वाले हॉटलाइन संदेशों और डीजीएमओ स्तर की वार्ता के माध्यम से अवगत कराया है कि उन्हें (पाकिस्तान) किसी भी आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों को समर्थन नहीं देना चाहिए।फरवरी से जून के अंत तक पाक सेना द्वारा कोई संघर्ष विराम उल्लंघन नहीं किया गया था। लेकिन हाल ही में घुसपैठ के प्रयासों में वृद्धि हुई है जो संघर्ष विराम उल्लंघन द्वारा समर्थित नहीं थे। 10 दिनों में दो बार संघर्षविराम का उल्लंघन हो चुका है। स्थिति फरवरी से पहले के दिनों में वापस आ रही है।

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