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प्रेसीडेंट डिनर में ट्रंप से मिले अरुण पुरी, आजतक की व्यूअरशिप जान दंग रह गए US राष्ट्रपति

नई दिल्ली 27 फरवरी 2020 । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप मंगलवार को राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उनका स्वागत किया. अपने भारत दौरे के अंतिम दिन रात्रिभोज के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने वहां उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और मोदी कैबिनेट के कई मंत्रियों से मुलाकात की. इस दौरान इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी से भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुलाकात की. इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे और राष्ट्रपति ट्रंप और उनके बीच काफी बातचीत हुई.

राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद जब अरुण पुरी से पूछा गया कि राष्ट्रपति भवन में डोनाल्ड ट्रंप का व्यवहार कैसा था तो उन्होंने कहा, ट्रंप न्यूयॉर्क से रहने वाले हैं और न्यूयॉर्क के लोग काफी रफ होते हैं, बिजनेस प्रवृत्ति के होते हैं. लेकिन जब डोनाल्ड ट्रंप मुझसे मिले तो काफी विनम्र थे, बात सुन रहे थे.अरुण पुरी ने आगे कहा, मैंने उन्हें बताया कि मैं इंडिया टुडे ग्रुप का एडिटर-इन-चीफ हूं. हमारे पास चैनल है इंडिया टुडे और आजतक. आजतक का व्यूअरशिप 15 करोड़ है तो उन्होंने कहा- वाओ, इतना बड़ा. मैंने उन्हें बताया कि आजतक अमेरिका में भी उपलब्ध है. आपकी भारत की पूरी जर्नी को वहां भी दिखाया गया है. इस पर ट्रंप ने कहा कि आप लोग शानदार काम कर रहे हैं, आगे भी करते रहें. मैं उनके विनम्र स्वभाव से काफी हैरान था. सब लोगों की बात उन्होंने काफी आराम से सुनी.

जब इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी से पूछा गया कि टीवी में जिस तरह की डोनाल्ड ट्रंप की इमेज है और आप उनसे आमने-सामने मिले तो क्या फर्क नजर आया तो इस पर अरुण पुरी ने कहा, टीवी पर ऐसा लगता है कि वह काफी अकड़ू हैं, कुछ भी बोल देते हैं. लेकिन वह बहुत विनम्रता और आराम से लोगों की बात सुन रहे थे. वहां काफी लोग थे तो वे हर किसी की बात सुनते गए.आगे इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ और चेयरमैन से पूछा गया कि डोनाल्ड ट्रंप दो दिन की भारत यात्रा पर थे और उन्होंने कई बार कहा कि मैं इस सम्मान को नहीं भूलूंगा, आज उन्होंने अपने दौरे के अंतिम दिन क्या कहा? इस पर अरुण पुरी ने कहा, यह रिवाज होता है कि पहले भारत के राष्ट्रपति स्पीच देते हैं और फिर मेहमान.

राष्ट्रपति कोविंद के बाद जब ट्रंप खड़े हुए तो डायनिंग टेबर पर पोडियम लेकर आते हैं ताकि वो अपनी स्पीच वहां रखें तो राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मुझे इसकी जरूरत नहीं है तो बगैर कोई चीज देखे दिल से उन्होंने बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें और मेलानिया ट्रंप को कितनी खुशी हुई और कितना अच्छा लगा भारत आकर. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और बताया कि दोनों में कितनी अच्छी दोस्ती है और उन्हें यहां का दौरा बहुत अच्छा लगा. गौरतलब है कि दो दिवसीय भारत यात्रा के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार रात अमेरिका लौट गए.

खत्‍म हुआ डोनाल्‍ड ट्रंप का दौरा, यहां जानें-भारत को इससे क्‍या-क्या मिला

भारत में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का दो दिवसीय दौरा समाप्‍त हो चुका है. इस दौरे के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप काफी उत्‍साहित नजर आए. ट्रंप के इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम डील भी हुई हैं. इनमें सबसे बड़ी डील डिफेंस से जुड़ी थी. वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति के दौरे से एक बड़ी ट्रेड डील के भी संकेत मिल गए.

3 बिलियन डॉलर की डील

– इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच 3 बिलियन डॉलर की डील हुई है. इसके तहत 24 रोमियो हेलिकॉप्टर खरीदे जाएंगे. इस दौरान भारत-अमेरिका पार्टनरशिप के महत्वपूर्ण पहलुओं डिफेंस, सुरक्षा, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, ट्रेड जैसे सभी मसलों पर चर्चा हुई.

– ट्रंप के दौरे की एक सबसे बड़ी सफलता अमेरिकी एनर्जी कंपनी एग्जॉन मोबिल कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (IOC) के बीच की डील भी रही. दरअसल, देश के जिन शहरों में पाइपलाइन नहीं है, वहां कंटेनर के जरिए गैस पहुंचाने में भारत, अमेरिका की मदद लेने वाला है. इस पहल से देश में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होगी और दोनों देशों के बीच एनर्जी सेक्टर में सहयोग बढ़ेगा.

– इसी तरह, मादक पदार्थो की तस्करी, मादक पदार्थ से जुड़े आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में एक नए तंत्र पर भी सहमति बनी. जबकि कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने में सहयोग करने को भी दोनों देश सहमत हुए.

ट्रेड डील पर भी बनेगी बात

वहीं दोनों देश जल्‍द ही एक बड़े ट्रेड डील को अंतिम रूप दे सकते हैं. इसके बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जतायी कि दोनों पक्ष इस दिशा में पहले एक सीमित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इसका कानूनी रूप से जांच-पड़ताल जल्द पूरा कर लेंगे. गोयल ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि सीमित व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. इस पर चर्चा हो चुकी है और अंतिम रूप दिया जा चुका है…हम इसकी कानूनी रूप से जांच परख करेंगे और जल्दी ही इसे अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचाएंगे.’’

इसके अलावा दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय किया है. यह पूछे जाने पर कि भारत-अमेरिकी कितनी तेजी से एफटीए को अंतिम रूप दे सकते हैं, पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि हम 2-3 कारणों से अपेक्षाकृत अधिक तेजी से मुक्त व्यापार समझौता कर सकते हैं. ’’

आर्थिक मोर्चे पर अमेरिका और भारत

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2018-19 में भारत और अमेरिका के बीच 87.95 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था. इसी तरह 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 68 अरब डॉलर रहा. अमेरिका उन चुनिंदा देशों में से है, जिसके साथ व्यापार संतुलन का झुकाव भारत के पक्ष में है. यहां बता दें कि साल 2019 में भारत ने 239 अरब डॉलर के सरप्लस के साथ अमेरिका के 9वें सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार का अपना रुतबा बनाए रखा. दोनों देशों के इस व्यापार में कच्चे तेल की भूमिका सबसे अहम रही.

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