मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> CM उद्धव ठाकरे की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया, क्या आप सेक्युलर हो गए हैं? तो वह भड़क गए

CM उद्धव ठाकरे की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया, क्या आप सेक्युलर हो गए हैं? तो वह भड़क गए

मुंबई 29 नवम्बर 2019 । शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक बुलाई. इसके बाद जब पत्रकारों ने पूछा कि शिवसेना सेक्युलर हो गई है? यह सवाल सुनकर ठाकरे भड़क गए और उन्होंने उल्टा पत्रकारों से पूछ डाला कि सेक्युलर क्या होता है? अपने जवाब में उद्धव ने कहा, ”सेक्युलर का मतलब क्या है? संविधान में जो लिखा है वो सेक्युलर है.”

दरअसल, शपथ ग्रहण से पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बन चुकी है. सबसे प्रमुख मुद्दा धर्मनिरपेक्षता है जिस पर तीनों पार्टियों ने सहमति जताई है. यानी शिवसेना ने हिंदुत्व के मुद्दे से किनारा कर लिया है.

किसानों के लिए जल्द होगा ऐलान
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी सरकार आम जनता के लिए काम करेगी. एक या दो दिन में किसानों के लिए मदद का ऐलान किया जाएगा. ठाकरे ने कहा, ”मैंने अधिकारियों से अगले दो दिनों में किसानों के लिए राज्य और केंद्र की योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए कहा है. एक बार जब मुझे सभी विवरण मिल जाएंगे, तो मैं उसके अनुसार निर्णय लूंगा.”

20 करोड़ में संवरेगा शिवाजी का किला
मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि रायगढ़ किले को संवारा जाएगा, जो कि छत्रपति शिवाजी की राजधानी थी. कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि शिवाजी के किले की मरम्मत के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

6 मंत्रियों की एक समन्वय समिति
महाराष्ट्र के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने पहली कैबिनेट बैठक के बाद कहा, ”सरकार के भीतर मुख्यमंत्री सहित 6 मंत्रियों की एक समन्वय समिति होगी. एक बाहरी समिति होगी जो लक्ष्यों को हासिल करने में सरकार का मार्गदर्शन करेगी.”

महाराष्ट्र के 18वें मुख्यमंत्री
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को शपथ ग्रहण की. उद्धव ने शिवाजी महाराज को नमन करते हुए मराठी भाषा में शपथ ली. वह ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री हैं. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शाम 6.40 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उद्धव के बाद कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई.

6 विधायक बने मंत्री
उनके अलावा शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के दो-दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें शिवसेना के एकनाथ शिंदे व सुभाष देसाई, राकांपा के जयंत पाटिल व छगन भुजबल और कांग्रेस के बालासाहेब थोरात व नितिन राउत शामिल हैं.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम
शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (कॉमन मिनिमम प्रोग्राम) में किसान, रोजगार, शिक्षा, शहरी विकास, पर्यटन, कला, संस्कृति और महिलाओं के मुद्दे पर काम करने का वादा किया गया है.

इन दिग्गजों ने की शिरकत
शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण समारोह में कारोबारी मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी और बेटे भी मौजूद रहे. इसके आलावा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मनोहर जोशी, मप्र के सीएम कमलनाथ, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, कपिल सिब्बल, पृथ्वीराज चव्हाण, द्रमुक के स्टालिन, टीआर बालू, मनसे के राज ठाकरे ने हिस्सा लिया. इसके अलावा संजय राउत, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार और सुप्रिया सुले भी समारोह में शामिल हुए.

अधर में लटक सकता है मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहद महत्वकांक्षी परियोजना बुलेट ट्रेन (Bullet train) अधर में लटक सकती है. सूत्रों के मुताबिक बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा करना और बुलेट ट्रेन (Bullet train) को चलाने का लक्ष्य मुश्किल ही नही अब असंभव सा नजर आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट की राह में एक दो नहीं बल्कि 5 बड़े ऐसे रोड़े हैं, जिनके सरकार बुलेट ट्रेन (Bullet train) को लेकर तय समसीमा को बदलाव कर आगे बढ़ा सकती है.

क्यों लटक सकता है बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट-:

1. सबसे पहले और बड़ा कारण है महाराष्ट्र में राजनैतिक बदलाव. चूंकि महाराष्ट्र में अब शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की महागठबंधन सरकार है और शिवसेना ने पव्हले से ही साफ कर दिया है कि बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट इस राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में नही है. लिहाजा ये साफ है कि मुंबई-अहमबदाबाद बुलेट ट्रेन (Bullet train) की राह आसान नही होगी. 2. बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक- बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र के हिस्से में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने का या भार उठाने के ज़िम्मा आया था. अब मुंबई में BKC या बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स में बुलेट ट्रेन (Bullet train) का स्टेशन बनाना है. तत्कालीन राज्य सरकार ने बीकेसी ज़मीन का लैंड वैल्यूएशन तकरीबन 3000 करोड़ लगाया था और केंद्र से कहा कि बीकेसी की ज़मीन बुलेट ट्रेन (Bullet train) के लिए देने के बाद वह सिर्फ 1500 करोड़ का ही अतिरिख भार इस प्रोजेक्ट के लिए उठाएंगे. इस बड़े अनसुलझे पेंच के चलते भी प्रोजेक्ट लटकना तय माना जा रहा है.

3. तीसरा बड़ा मुद्दा ज़मीन अधिग्रहण का है. महाराष्ट्र के ही पालघर इलाके में 300 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण किया जाना है. सूत्रों के मुताबिक अब तक सिर्फ 30 हेक्टेयर ज़मीन का ही अधिग्रहण हो पाया है. और ऐसे में अधिग्रहण एक बड़ा रोड़ा बन गया है.

4. महाराष्ट्र की नई सरकार ने भी इशारों में कहा है कि बुलेट ट्रेन (Bullet train) परियोजना क्वन्द्र की है और केंद्र ही इसमें पैसा लवाये जबकि राज्य सरकार अपने हिस्से का पैसा किसानों के लिए खर्च करेगी.

5. शिवसेना के अंदरखाते आदित्य ठाकरे को जनता के बीच सुपरहीरो की छवि के साथ पेश करने की है. हाल ही में आरे फारेस्ट मामले को लेके भी आदित्य ठाकरे ने अहम भूमिका निभाई थी. शिवसेना सूत्रों के मुताबिक पार्टी एक बाए फिर बुलेट ट्रेन (Bullet train) के लियव ठाणे इलाके में मैन्ग्रोव को खत्म किये जाने का विरोध कर सकती है.

ऐसे में केंद्र सरकार के लिए बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट को 2024 तक पूरा कर पाना लगभग असम्भव है. सूत्रों के मुताबिक- केंद्र सरकार ने बुलेट ट्रेन (Bullet train) के लिए नई डेडलाइन तय कर सकती है. 2029 नई डेडलाइन घोषित की जा सकती है बुलेट ट्रेन (Bullet train) के लिए सरकार बुलेट ट्रेन (Bullet train) प्रोजेक्ट की समय सीमा को और 5 साल आगे बढ़ा सकती है.

उद्धव ठाकरे बने महाराष्‍ट्र के 18वें मुख्‍यमंत्री, शिवसेना-NCP-कांग्रेस के इन 6 मंत्रियों ने भी ली शपथ

शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित होने के एक महीने बाद 59 वर्षीय ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली. मुंबई के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उन्‍हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उद्धव ने मंच पर नतमस्‍तक होकर जनता और समर्थकों के सामने आशीर्वाद लिया. उद्धव ठाकरे के बाद शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई ने शपथ ग्रहण की. उनके बाद एनसीपी नेता जयंत पाटिल और छगन भुजबल ने शपथ ग्रहण की. उनके बाद कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट और डॉ. नितिन राउत ने मंत्री पद की शपथ ली.

शपथ ग्रहण समारोह पूरा होने के बाद शिवसेना-NCP-कांग्रेस के समर्थकों ने पटाखे जलाकर और नाचकर अपनी खुशी का इजहार किया.

शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां शिवाजी पार्क पहुंची और सभी मंच पर आसीन रहे. इनमें महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख और उद्धव ठाकरे के भाई राज ठाकरे, कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, कपिल सिब्‍बल, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, अजित पवार, नवाब मलिक, छगन भुगबल, प्रफुल्‍ल पटेल, शिवसेना के वरिष्‍ठ नेता मनोहर जोशी, मध्‍य प्रदेश के सीएम कमलनाथ समेत अन्‍य नेता मौजूद हैं. वहीं, पूर्व मुख्‍यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष चंद्रकांत पाटिल भी कार्यक्रम में पहुंचे. वहीं, उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी पत्‍नी नीता अंबानी भी मंच पर मौजूद थे.

शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए शिवाजी पार्क में पहले से ही भारी भीड़ पहुंची थी. इस तरह शपथ ग्रहण समारोह के लिए शिवाजी पार्क खचाखच भरा हुआ था. शपथ ग्रहण समारोह के लिए भव्‍य मंच बनाया गया, जिसमें प्रमुख रूप से शिवाजी महाराज की मूर्ति को रखा गया. उद्धव ठाकरे शाम 6 बजे मातोश्री से शिवाजी पार्क के लिए रवाना हो गए थे. उद्धव ठाकरे मनोहर जोशी और नारायण राणे के बाद इस पद पर काबिज होने वाले शिवसेना के तीसरे नेता हैं.

वहीं, एनसीपी नेता और पूर्व उप मुख्‍यमंत्री अजित पवार ने शपथ नहीं ली. सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए खुद अजित पवार ने कहा था कि वह नवनियुक्त मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ गुरुवार को शपथ नहीं लेंगे. अजित पवार ने कहा था कि इसमें एनसीपी के राज्य अध्यक्ष जयंत पाटिल व पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल शपथ लेंगे. उन्होंने कहा कि नई सरकार के विश्वास मत हासिल कर लेने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें बाद में कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है.

अजित पवार होंगे उप-मुख्यमंत्री- नवाब मलिक

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि अजित पवार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री बनेंगे. हालांकि मलिक ने ये भी कहा कि आज वो शपथ नहीं लेंगे.

बीबीसी मराठी संवाददाता संकेत सबनिस के एक सवाल के जवाब में नवाब मलिक ने कहा, ”10 दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है. अजित पवार इससे पहले उप-मुख्यमंत्री बन जाएंगे. तीन दिसंबर तक विश्वासमत हासिल कर लिया जाएगा. उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष की नियुक्ति होगी और फिर अजित पवार उप-मुख्यमंत्री बनेंगे. अजित पवार की नाराज़गी की ख़बरें हैं लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. वो नाराज़ नहीं हैं.”

अजित पवार ने भी कहा है कि वो नाराज़ नहीं हैं. अजित ने भी कहा कि वो आज यानी 28 नवंबर को शपथ नहीं लेंगे. एनसीपी की तरफ़ से जयंत पाटिल और छगन भुजबल मंत्री पद की शपथ लेंगे.

अजित पवार ने कहा कि बाक़ी मंत्रियों की शपथ भी विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही होगा. उन्होंने कहा, ”मैं बिल्कुल नाराज़ नहीं हूं. मैं कभी भी नाराज़ नहीं था. बुधवार को हुई पार्टी बैठक में मैंने मार्गदर्शन भी किया था. उसके बारे में मुझे अब कुछ नहीं कहना है. मैं और सुप्रिया साथ में ही शपथ ग्रहण समारोह जाएंगे.”

शिव सेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत यह गठबंधन सरकार काम करेगी. उन्होंने कहा कि सबसे पहले देश है और इस विचार पर तीनों में सहमति बनी है.

एकनाथ शिंदे ने कहा, ”हमारे साथ कम से कम 170 विधायक हैं. नई सरकार भारतीय संविधान के मूल्यों के आधार पर काम करेगी. हम धर्म, जाति, प्रांत और भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करेंगे. आम लोग और किसान हमारी प्राथमिकता में हैं.”

शिव सेना के लिए मराठी पहचान उसकी राजनीति की अहम हिस्सा रही है. लेकिन कांग्रेस और एनसीपी के साथ आने के बाद उसने आक्रामक मराठी अस्मिता को पीछे छोड़ने की बात कही और कहा कि सरकार तीनों दलों के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत काम करेगी.

सुप्रिया सुले ने ट्वीट कर कहा है, ”माँ साहेब और बाला साहेब- आज आप दोनों बहुत याद आ रहे हैं. आप दोनों को आज होना चाहिए था. आपने मुझे बेटी से ज़्यादा प्यार दिया था. आप दोनों की भूमिका मेरे जीवन में हमेशा ख़ास और यादगार रही है.”

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

राहुल ने जारी किया श्वेतपत्र, बोले- तीसरी लहर की तैयारी करे सरकार

नई दिल्ली 22 जून 2021 । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस …