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कार्ड क्‍लोनिंग से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई बैंकों को करना होगी

नई दिल्ली 2 जनवरी 2019 । हकों की सुरक्षा को लेकर आरबीआइ की ओर से 2015 में जारी निर्देशों पर अमल न करने वाले बैंकों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

अपने ग्राहकों को 31 दिसंबर 2018 तक चिप बेस्ड एडवांस क्रेडिट / डेबिट कार्ड उपलब्ध न कराने वाले बैंकों के खिलाफ आरबीआइ दिशा-निर्देश लाने की तैयारी कर रहा है।

इसके तहत बिना चिप बेस्ड एटीएम कार्ड के इस्तेमाल के दौरान कार्ड क्लोनिंग से ग्राहक को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई संबंधित बैंक को करनी होगी।

दरअसल, एटीएम कार्ड संबंधी फ्रॉड पर अंकुश लगाने के मकसद से आरबीआइ के सीजीएम नंदा एस. दावे की ओर से 27 अगस्त 2015 को ग्राहकों के कार्ड रिप्लेस करने के निर्देश दिए गए थे।

इसके तहत सभी पुराने मैग्नेटिक स्टिप बेस्ड डेबिट/ क्रेडिट (डोमेस्टिक व इंटरनेशनल ) कार्ड को बदल कर चिप बेस्ड ईएमवी कार्ड जारी होने थे।

आरबीआइ ने इसके लिए बैंकों को 31 दिसंबर 2018 तक की मोहलत दी। सोमवार को विभिन्न बैंकों ने दावा किया कि अधिकतर ग्राहकों को एडवांस ईएमवी कार्ड उपलब्ध करा दिए गए जबकि हकीकत यह है कि कई ग्राहकों के पास पुराने एटीएम ही हैं।

आरबीआइ के सूत्रों का कहना है कि 31 दिसंबर 18 के बाद भी पुराने कार्ड चालू रहेंगे। कार्ड रिप्लेस करने की जिम्मेदारी बैंकों की थी, ऐसे में ग्राहकों को परेशान न उठानी पड़े, इसलिए पुराने कार्ड भी चालू रहेंगे।

अगर पुराने कार्ड के इस्तेमाल में ग्राहक के साथ कोई फ्रॉड होता है तो उसके जिम्मेदार बैंक होंगे।

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