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नेताओं के सेक्स वीडियो विरोधियों को 30 करोड़ रुपए में बेचने का सौदा लेकर गई थी सुंदरियां

भोपाल 02 अक्टूबर 2019 । देश का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल माने जा रहे मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप कांड में अब एक नया खुलासा हुआ है। हनी ट्रैप की आरोपियों ने सेक्स वीडियो का इस्तेमाल सिर्फ जाल में फंसे नेताओं, अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के लिए नहीं किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं के सेक्स वीडियो को मुंहमांगी कीमत पर उनके विरोधी दलों के नेताओं को बेचने की भी कोशिश हुई थी। आरोपियों को लगता था कि नेताओं के अश्लील विडियो के लिए उनके प्रतिद्वंद्वी मुंहमांगी कीमत देने के लिए तैयार हो जाएंगे ताकि संबंधित नेताओं की छवि खराब कर राजनीतिक फायदा लिया जा सके। लेन-देन को लेकर हनी ट्रैप कांड की 2 आरोपियों की कांग्रेस और बीजेपी के कुछ नेताओं से कई दौर की बातचीत भी हुई लेकिन पैसों को लेकर सौदेबाजी अटक गई।

30 करोड़ रुपये में सेक्स वीडियो बेचने की हुई कोशिश
हनी ट्रैप कांड के आरोप में पकड़ी गईं महिलाओं में से 2 ने लोकसभा चुनाव के दौरान कई बड़े नेताओं के युवतियों के साथ अंतरंग संबंध वाले वीडियो 30 करोड़ रुपये में बेचने की कोशिश की थी। इस मामले में लेन-देन को लेकर कुछ नेताओं से इन महिलाओं की कई दौरान की बातचीत भी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता बदलने पर इन महिलाओं का नई सरकार में दखल कम हो चला था, लिहाजा इन महिलाओं ने सरकार से जुड़े दल कांग्रेस के कई नेताओं और दूसरी ओर विपक्षी दल बीजेपी के नेताओं से संपर्क बनाए रखा था।

कई नेताओं, अफसरों के युवतियों के साथ बनाए अश्लील वीडियो
नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस अबतक 5 महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन किया जा चुका है। एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि पकड़ी गई महिलाओं के मोबाइल, लैपटॉप और पेन ड्राइव से बड़ी संख्या में वीडियो क्लिपिंग मिली हैं। एसआईटी को क्लिपिंग की 4000 से ज्यादा फाइलें हाथ लगी हैं और कई तस्वीरें व ऑडियो क्लिपिंग भी बरामद हुई हैं। आरोपी महिलाओं ने पूछताछ में कई नेताओं और अफसरों के नामों का भी खुलासा किया है। एसआईटी फिलहाल कुछ भी बताने से बच रही है।

नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर भी आरोपियों ने किए थे संपर्क
इन महिलाओं ने दोनों दलों के कई नेताओं के वीडियो होने का दावा करते हुए मनचाही रकम मांगी, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने नेताओं से व्यक्तिगत संपर्क किया। भोपाल के एक नेता का वीडियो भी इन महिलाओं ने बनाया था और उस वीडियो के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही दलों के नेताओं से उसका सौदा करना चाहा था।

6 करोड़ रुपये देने को तैयार थे नेता : सूत्र
सूत्र बताते हैं कि एक राजनीतिक दल के नेता कई वीडियो 6 करोड़ रुपये में खरीदने को राजी भी हो गए, मगर महिलाएं और उनके करीबी लोग 30 करोड़ रुपये से कम पर वीडियो बेचने को तैयार नहीं हुए। सूत्रों का कहना है कि इन महिलाओं को इस बात का गुमान था कि राजनीतिक दलों से जुड़े लोग उनके वीडियो मनचाही कीमत में खरीद लेंगे, क्योंकि इनके जरिए दूसरे दल के नेताओं की छवि को प्रभावित किया जा सकता था। लेकिन मांगी गई रकम बहुत ज्यादा होने के कारण कोई भी लेने के लिए राजी नहीं हुआ।

पूर्व सांसद की रंगरलियों की 30 सीडी!

मध्य प्रदेश के हाईप्रोफाइल हनीट्रैप केस में फंसे पूर्व सांसद की अश्लील सीडी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि इस पूर्व सांसद की एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरी तीस सीडी बनाई गई थीं. इन सीडी के जरिए ही आरोपी महिला बार-बार उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी. लोकसभा चुनाव से पहले टिकट कटने के डर से पूर्व सांसद ने आरोपी महिला को दुबई टूर पर भेज दिया था.
माननीय का इसलिए कटा था टिकट
सूत्रों की मानें, तो जांच के दौरान एक ऐसी बात सामने आई है, जिससे जांच एजेंसी भी सकते में है. पता चला है कि एक पूर्व सांसद की सीडी एक बार नहीं, बल्कि कई बार बनाई गई है. इन्हीं सीडी के ज़रिए पूर्व सांसद से सबसे पहले दो करोड़ की रकम मांगी गई. यह सिलसिला यहीं नहीं थमा. टोटल तीस अश्लील सीडी बनने की वजह से माननीय को बार-बार ब्लैकमेल किया गया. एक बार इन्होंने खुदकुशी तक की कोशिश की थी. एक वरिष्ठ नेता के हस्ताक्षेप के बाद माननीय सदमे से उबर तो गए, लेकिन भोपाल की महिला आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. आरोपी महिला ने उन्हें बार-बार ब्लैकमेल भी किया और एनजीओ के लिए कई सरकारी काम भी कराए. भोपाल से गिरफ्तार इस महिला आरोपी से एसआईटी पूछताछ कर रही है.

हनीट्रैप के जाल में ऐसे फंसे?
बताया जा रहा है कि राजनीतिक पार्टी के संगठन के बड़े नेता के ज़रिए भोपाल की महिला आरोपी से पूर्व सांसद की पहचान हुई थी. उसके बाद आरोपी महिला अपने एनजीओ के काम से पूर्व सांसद से कई बार मिली. उसी दौरान पूर्व सांसद महिला के जाल में बुरी तरह फंस गए और उनकी एक के बाद एक कर पूरी तीस अश्लील सीडी बना दी गईं. ब्लैकमेल हुए पूर्व सांसद ने पहली बार पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी महिला को पूरे दो करोड़ रुपए दिए.
ख़ुदक़ुशी की कोशिश चर्चाओं में
जब आरोपी महिला ने तीस सीडी बनाए जाने की बात पूर्व सांसद को बताई, तो उन्होंने बदनामी के डर से खुदकुशी करने की कोशिश की थी. खुदकुशी की कोशिश की इस घटना के बाद आरोपी महिला कुछ महीनों तक शांत रही और इसके बाद उसने फिर पूर्व सांसद को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. सांसद रहते हुए नेताजी ने आरोपी महिला के एनजीओ को फंडिंग दिलाई और कई सरकारी कामकाज भी किए.
मैैैैडम को दुबई भी भेजा
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के डर से पूर्व सांसद ने आरोपी महिला को कुछ महीनों के लिए अपने खर्च पर दुबई टूर पर भेज दिया. हालांकि, उसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिला. हनीट्रैप में फंसे होने की वजह से पार्टी ने पूर्व सांसद का टिकट काट दिया. अब माननीय के पास कोई बड़ा पद नहीं है.

हनी ट्रैप गैंग लिपस्टिक और चश्मों पर फिट करता था कैमरा, ऐसे होती थी ब्लैकमेलिंग
(देवराज सिंह चौहान) नई दिल्ली: इंदौर का हनी ट्रैप मामला इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस हाइप्रोफाइल केस में नेताओं से लेकर सरकारी अफसरों तक का नाम सामने आया है जिसके बाद से इस केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच हनी ट्रैप गैंग से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा है. इस गैंग की लीडर नेताओं और अफसरों के फोन टेप करा रही थी. सूत्रों से सामने आई खबर के मुताबिक बेंगलुरू की निजी कंपनी के जरिए नेता और अफसरों के फोन पर नजर रखी जा रही थी. इतना ही नहीं ब्लैकमेलिंग के लिए लिपस्टिक और चश्मों में कैमरे फिट किए जाते थे ताकि उससे विक्टिम के वीडियो बनाए जा सकें.

सूत्रों के मुताबिक बेंगलुरू की निजी कंपनी से साइबर सिक्योरिटी, साइबर फोरेंसिक और फोन सिक्योरिटी के काम सारे काम कराए गए. इतना ही नहीं चैटिंग, एसएमएस के साथ ही कॉल रिकॉर्ड भी कराए गए. इस मामले से जुड़े अफसरों की जानकारी हासिल करने में SIT पूरी तरह जुट गई है. हनी ट्रैप गैंग मोबाइल डेटा के जरिए अफसरों को ब्लैकमेल कर ठेके और नौकरियां दिलाने का काम करता था.
बता दें कि जांच कर रही टीम को गैंग से जुड़ी कई गुमनाम शिकायतें लगातार मिल रही हैं. शिकायतें SIT, पुलिस मुख्यालय और सीएम सचिवालय पहुंच रही हैं. हनी ट्रैप कांड की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने हर छोटे-बड़े शहर, व गांवों में फैले किरदारों तक पहुंचने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है और इसके लिए उसने एक ईमेल आईडी बना दी है, जिस पर कोई भी व्यक्ति कहीं से भी इस तरह के अनैतिक कारोबार में शामिल लोगों के बारे में जानकारी दे सकता है. हनीट्रैप कांड की जांच के लिए एसआईटी ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है. इस टीम के प्रमुख का कहना है कि जिसका अपराध पाया जाएगा, उसके नाम सामने आएंगे.

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