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BHOPAL शहर के बंटवारे का का ड्राफ्ट जारी, शहर को 2 हिस्सों में बांटा जा रहा है

भोपाल 08 अक्टूबर 2019 । नगर निगम चुनाव से पहले भोपाल शहर को दो हिस्सों में बांटकर दो नगर निगम (भोपाल ईस्ट और भोपाल वेस्ट) बनाने का ड्राफ्ट सोमवार रात कलेक्टर ने जारी कर दिया है। यानी भोपाल शहर के 2 हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब देखना यह है कि भोपाल के लोगों को यह बंटवारा मंजूर होगा या नहीं।

दावे-आपत्ति के लिए 7 दिन की समय सीमा
भोपाल ईस्ट के नाम से प्रस्तावित नई नगर निगम में 31 वार्ड होंगे। इसमें कोलार, बावड़िया, मिसरोद, बागमुगालिया, कटारा, भेल, अयोध्या नगर, भानपुर और करोंद का इलाका शामिल किया गया है। भोपाल वेस्ट नगर निगम में मौजूदा 85 में से 54 वार्ड शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित ड्राफ्ट पर दावे-आपत्ति के लिए 7 दिन की समय सीमा तय की है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। राज्यपाल की अनुमति मिलने पर ही दो निकायों के गठन की अंतिम अधिसूचना जारी होगी।

कोलार की राजनीति के कारण भोपाल बंट रहा है
दो नगर निगम का ड्राफ्ट तो तैयार हो गया है लेकिन पेयजल सप्लाई और कचरा खंती जैसी आपस में जुड़ी सुविधाओं और सेवाओं का बंटवारा कैसे होगा? स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रोजेक्ट अमृत जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पूरे शहर को कैसे मिलेगा? जैसे कई सवालों के जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं। कांग्रेस सरकार बनने के बाद वार्ड नंबर 80 से 85 को भोपाल नगर निगम से पृथक करने की अधिसूचना जारी हुई थी लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद नगरीय आवास एवं विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कोलार नपा गठन को नामंजूर कर दिया। इसके बाद दो नगर निगम की कवायद शुरू हुई। तीन अलग-अलग सुझावों पर चर्चा के बाद जिला कांग्रेस ने पूर्वी भोपाल और पश्चिमी भोपाल नगर निगम केे गठन का प्रस्ताव दिया था।

वेस्ट भोपाल में क्या होगा
54 वार्ड
12,13,430 जनसंख्या
185.23 क्षेत्रफल वर्ग किमी

पूर्वी भोपाल
31 वार्ड
7,08,700 जनसंख्या
232.61 क्षेत्रफल वर्ग किमी

व्यावहारिक मुश्किलें…
एक ही शहरी क्षेत्र में दो नगर निगम होने से सफाई, पेयजल, संसाधनों को लेकर आ सकती है परेशानी
1 आदमपुर छावनी का क्षेत्र पूर्वी भोपाल के पास होगा। ऐसे में पश्चिमी भोपाल के लिए नई कचरा खंती बनाना पड़ेगी। इसका सीधा असर स्वच्छ भारत मिशन पर पड़ेगा।
2 होशंगाबाद रोड और कोलार रोड यानी पूर्वी भोपाल से आने वाली नर्मदा व कोलार लाइन के रिजरवायर अरेरा हिल्स यानी पश्चिमी भोपाल में हैं और इनसे दोनों हिस्सों को पानी जाता है।
3 बड़ा तालाब पश्चिमी भोपाल में हैं और इससे जुड़ा अरेरा हिल्स स्थित प्लांट पूर्वी भोपाल में। भेल को बड़े तालाब से कच्चा पानी सप्लाई के लिए भी अरेरा हिल्स पर प्लांट है।
4 कोलार तहसील का कुछ क्षेत्र पूर्वी भोपाल में और कुछ पश्चिमी भोपाल में आएगा, ऐसे में एक तहसील दो निकायों में बंट जाएगी। ऐसे में तहसील का भी पुनर्गठन करना होगा।
5 स्मार्ट सिटी, अमृत और पीएमएवाय जैसी योजनाएं दोनों निकायों में कैसे लागू होंगी? निगम के जो लोन हैं और जो म्युनिसिपल बॉन्ड है उसकी लायबिलिटी किसके हिस्से आएगी?

पहले भी हुआ था विरोध
लोकसभा चुनाव के पहले कोलार के 6 वार्डों को अलग करके नपा गठित करने के लिए जारी अधिसूचना पर 100 आपत्तियां आईं थीं। इनमें से ज्यादातर ने विभाजन का विरोध किया था।

आईएसआई के लिए जासूसी के दावे पर विहिप अध्यक्ष बोले- सीबीआई दिग्विजय से पूछताछ करे

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि आरएसएस और भाजपा के पास कोई राष्ट्रवादी नेता नहीं है। इसलिए उन्होंने सरदार पटेल, महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर को अपनाया है। सिंह ने शनिवार को कहा था कि भाजपा और बजरंग दल के कुछ लोग आईएसआई की जासूसी कर रहे हैं। उनके इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि यदि उनके पास कोई जानकारी है तो सीबीआई को दिग्विजय से पूछताछ करनी चाहिए। अगर उनका आरोप झूठा साबित होता है तो उन्हें सजा दी जानी चाहिए। सिंह ने रविवार को ट्वीट किया, ”भाजपा-आरएसएस हेडगेवार, गोवलकर या सावरकर जयंती को इतनी धूमधाम से क्यों नहीं मना रहे हैं? वे अपनी विचारधारा को क्यों छिपा रहे हैं, उन्होंने आरएसएस के जन्म के बाद स्वतंत्रता आंदोलन में क्या भूमिका निभाई थी? आप गोडसे को स्वतंत्रता सेनानी घोषित क्यों नहीं करते? भक्तों के लिए हिम्मत दिखाओ, जिन्हें आप सोशल मीडिया पर फॉलो कर रहे हैं।”‘भाजपा के लोग आईएसआई से पैसा लेते हैं’

दिग्विजय ने कहा था कि भाजपा अपने को राष्ट्रवादी पार्टी बताती है और कहती है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ लड़ रही है। यह किस तरह की राष्ट्रवादिता है कि उनके लोग ही रुपए लेकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करते हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘भाजपा और बजरंग दल के कुछ लोग आईएसआई की जासूसी करते हुए पकड़े भी गए थे। जो अब जमानत पर बाहर घूम रहे, लेकिन उन पर केस अब भी चल रहा है।’’

‘आपका गांधी, गोडसे या गोवलकर दर्शन?’
सिंह ने 2 अक्टूबर को इंदौर में कहा था कि यह अजीब है कि जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की, उसका अपने कार्यकर्ताओं को संदेश है कि एक महीने तक हर पंचायत में पदयात्रा करो। आप वहां कौन-सा दर्शन जनता के सामने रखेंगे, गांधी दर्शन रखेंगे या गोडसे या गोलवलकर दर्शन?

‘हिंदू कट्टरपंथ देश के लिए खतरनाक’

दिग्विजय ने हिंदुओं के कट्टरपंथ को देश के लिए घातक बताया था। उन्होंने कहा था- हमने यूएन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्रीजी इमरान खान का भाषण सुना, वे कट्टरपंथी इस्लाम की बात कर रहे थे। वहां बहुसंख्यक आबादी (मुस्लिम) का सांप्रदायिकरण हुआ। उसके जवाब में भारत में हिंदुओं का कट्टरपंथीकरण करना भी उतना ही खतरनाक है।

शिव’राज’ के एक और फैसले पर कमलनाथ ने लगाई रोक
सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश की कमलनाथ सरकार एक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के फैसलों को बदल रही है। अब कमलनाथ सरकार ने शिव ‘राज’ में शुरु हुए एक्सीलेंस अवॉर्ड पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि इन अवार्ड के लिए जिन अधिकारियों को चुना गया था, वे शिवराज के खास थे, इसी के चलते फैसले को बदलने का फैसला लिया गया है। सीएम की सहमति नहीं मिलने की वजह से नए सिरे से अधिकारियों के नाम मंगाए जाएंगे।मंत्रालय के अधिकारी अब नया विज्ञापन जारी करके नाम आमंत्रित करेंगे।

दरअसल, सीएम के प्रमुख सचिव रहे आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल, पूर्व भोपाल नगर निगम के आयुक्त तेजस्वी एस नायक, भोपाल नगर निगम के तत्कालीन अपर आयुक्त संजय कुमार, तत्कालीन विशेषज्ञ डॉ महाराज सिंह ठाकुर को तीन लाख रुपए के नगद इनाम के लिए चुना गया था। इसी तरह तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर संकेत भोंडवे को 75 हजार, इंदौर के तत्कालीन एएसपी प्रशांत चौबे को एक लाख के लिए और प्रशासन अकादमी को 5 लाख रुपए के नगद पुरस्कार के लिए चुना गया था। इसके अलावा छह अधिकारियों और संस्था को अवॉर्ड देने के लिए राशि निकालने का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर तैयार कर लिया था, लेकिन जैसे ही यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने रखा गया तो उन्होंने सिरे से इसे खारिज कर दिया और नए नाम मंगाने के निर्देश दिए।

बता दे कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी शुरुआत की थी।सीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड में संस्थागत तौर पर 5 लाख और व्यक्तिगत तौर पर एक-एक लाख रुपए की नगद राशि का इनाम मिलता है। शिवराज सरकार ने वर्ष 2015-16 के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड की तो घोषणा कर दी, लेकिन बजट में प्रावधान नहीं किया। हाल ही में पेश हुए बजट में इस अवॉर्ड के लिए 18 लाख 41 हजार रुपए का प्रावधान किया गया। फिलहाल इस अवार्ड को रोक दिया गया है अब नए नाम आने पर इसकी शुरुआत की जाएगी।

सरकार ने एक जगह से दूध और चिकन बेचने की योजना बंद की
मध्यप्रदेश की सरकार ने एक ही जगह से गाय का दूध और कड़कनाथ मुर्ग़े के मांस को बेचने की योजना को बंद कर दिया है. इस योजना के तहत गाय का दूध और चिकन को एक ही पार्लर से बेचा जा रहा था.

हालांकि इसमें एक पार्टिशन किया गया था. लेकिन पिछले महीने शुरु हुई इस योजना का विरोध विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जैन समाज के लोग कर रहे थे.

जब इस योजना की शुरुआत की गई थी तो सरकार का दावा था कि उसके पार्लर में मिलने वाले चिकन और गाय के दूध की शुद्धता की पूरी गारंटी रहेंगी. लेकिन भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. भाजपा से जुड़े कई स्थानीय नेताओं का कहना है कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी. भाजपा के नेताओं का कहना था कि सरकार को किसी भी विषय पर निर्णय लेने से पहले देखना चाहिये कि उनका क़दम किसी धर्म के ख़िलाफ़ तो नहीं है.

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, “यह निर्णय बिना सोचे विचारे लिया गया था. गाय और उसके दूध का हिंदू धर्म में क्या स्थान है यह सरकार को नहीं मालूम क्या. सरकार ने उसके बावजूद इसे चिकन के साथ शुरु कर दिया.”

वो कहते हैं, “जो व्यक्ति चिकन बेच रहा है वही दूध कैसे बेच सकता है. आख़िर एक ही व्यक्ति के हाथ से जो चिकन को भी छू रहा हो और जो दूध भी बेच रहा हो, कोई कैसे ख़रीद सकता है.”

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