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प्रदेश में पासपोर्ट कार्यालय के लिए बड़ी घोषणा

भोपाल 25 सितम्बर 2018 । प्रदेश के विभिन्न जिलों में पासपोर्ट कार्यालय शुरू करने के लिए सरकार की ओर से बड़े फैसले की घोषणा की गई है। उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यहाँ प्रवासी कॉन्फ्रेंस में कहा कि दुनिया के देशों में दूरियाँ खत्म हो गई हैं। अब केवल भौतिक सीमायें ही देशों को परिभाषित कर रही हैं। आम व्यक्ति को एक देश से दूसरे देश में आने-जाने के लिये अब दूरियाँ मायने नहीं रखतीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश भी सीधे विभिन्न देशों से निवेश के लिये कार्य-योजना बना रहे हैं और निवेश के लिये समिट का आयोजन किया जा रहा है। शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश भी फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी. के जरिये पूरी दुनिया में फैले प्रदेशवासियों को जोड़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार केन्द्र के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में भी प्रवासी भारतीयों के लिये विभाग बनाया गया है। मध्यप्रदेश के ऐसे सभी प्रवासी, जो विदेशों में रहते हैं, उनकी सुविधाओं के लिये और समस्याओं के निदान के लिये विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कायम है। फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी बनने से विदेशों में मध्यप्रदेश से उद्योगपति और स्थानीय नागरिक परिचित हो रहे हैं। विदेशों में फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी के सदस्य राजदूत का काम कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के सचिव ग्यानेश्वर मूले ने कहा की वर्तमान परिस्थितियों में विदेश नीति गोपनीय विषय नही रही। किसी भी देश के राज्यों और उसकी आंतरिक स्थिति मजबूत होने पर विदेशों में उसकी पहचान भी ताकतवर देश के रूप में होती है। इसके लिये केन्द्र और राज्य अब मिलकर कार्य कर रहे हैं। राज्यों को विदेश मंत्रालय के कार्यों से अवगत करवाने के लिये राज्यों में भी विदेश मंत्रालय भवन बनाये जा रहे हैं। मुंबई में भवन बनकर तैयार हो गया है, यहाँ कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मंत्रालय विदेश में जाने वाले लोगों के लिये लीगल एडवाईस के साथ उनकी मदद के लिये भी तैयार रहता है। विदेश मंत्रालय का सूत्र वाक्य ‘आपका दोस्त-विदेशों में भारतीय दूतावास’ है। आगामी अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी सम्मलेन बनारस में आयोजित किया जा रहा है। भारत सरकार नागरिकों को पासपोर्ट की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये कार्य कर रही है। अभी तक देश में 8 करोड़ लोगों के पास पासपोर्ट हैं। वर्ष 2014 में देश में केवल 77 पासपोर्ट कार्यालय कार्यरत थे, आज 220 पासपोर्ट कार्यालय काम कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट कार्यालयों को जिला स्तर तक ले जाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि 165 देशों में ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही लीगल माइग्रेशन के लिये ई-माइग्रेट प्रक्रिया चालू की गई है। इसमें 275 और 375 रूपये में 10 लाख की बीमा सुविधा प्रदान की जा रही है इससे विदेशों में काम करने के लिये जाने वाले लोगों और काम देने वाली संस्थाओं का डाटाबेस विदेश मंत्रालय के पास उपलब्ध रहता है। मंत्रालय भारतीयों के साथ विदेशों में होने वाली किसी भी दुर्घटना, लापरवाही, धोखाधडी होने पर तुरंत कार्यवाही करता है। अब हर जिले में पासपोर्ट कार्यालय खोला जाएगा।

प्रमुख सचिव विदेश प्रवासी विभाग मध्यप्रदेश मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि विदेशों में रहने वाले मध्यप्रदेश के लोगों को जोड़ने के लिये सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जनवरी 2018 में इंदौर में फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी का आयोजन किया गया, जिसमें 300 से अधिक लोगों ने स्वयं के व्यय पर आकर इसमें भाग लिया। विदेशों से निवेश को आकर्षित करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार एक प्लेटफार्म बना रही है, जिसका आधार फ्रेन्डस ऑफ एम.पी के सदस्य हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और सिंगापुर में फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी पोर्टल के माध्यम से चैप्टर बने हैं, जिनमें लोग आपस में संवाद स्थापित कर कार्य कर रहे हैं । इंदौर के रहने वाले लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी चैप्टर से 80 से अधिक लोगों को जोड़ा है। चैप्टर के माध्यम से फ्रैंन्डस ऑफ एम.पी के सदस्य टेलेंट पूल, एनआरआई डेस्क, मेडिकल ट्रीटमेंट, वैवाहिक संबंधों पर भी चर्चा कर रहे हैं।

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