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चुनावी फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा, कलकत्ता में 370 करोड़ रुपए का ‘गुप्त दान’

नई दिल्ली 6 जून 2019 । करोड़ों रुपये का राजनीतिक चंदा देने के लिए इस्तेमाल हुए इलेक्टोरल बॉन्ड्स का एक बहुत बड़ा हिस्सा कोलकाता में खरीदा गया। एक अंग्रेजी अखबार ने राइट टु इन्फॉर्मेशन के तहत मिली सूचना के आधार पर यह जानकारी दी है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मई महीने में देश भर में स्टेट बैंक की चुनिंदा शाखाओं से कुल 822 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे गए। इसमें से 370 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स तो कोलकाता की बैंक शाखाओं से ही जारी किए गए। यह रकम मई में बेचे गए कुल बॉन्ड्स का 45 फीसदी है। अगर जनवरी से लेकर मई तक इलेक्टोरल बॉन्ड्स में निवेश किए गए रकम पर गौर करें तो यह करीब 4,794 करोड़ रुपये बैठती है। बता दें कि सोमवार को बैंक के आंकड़े सार्वजनिक होने से पहले सीएम ने आम चुनाव में पैसे के इस्तेमाल की जांच करवाने की बात कही थी।

द टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे के रहने वाले शख्स विहार दुरवे की ओर से दाखिल आरटीआई के जवाब में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने यह जानकारी मुहैया कराई है। यह जानकारी ऐसे वक्त में सामने आई है, जब राजनीतिक चंदा जुटाने के इस तरीके को लेकर विवाद हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी राजनीतिक पार्टियों को आदेश दिया था कि वे इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए मिली रकम और इन्हें खरीदने वाले लोगों की जानकारी चुनाव आयोग के पास दाखिल करे। 30 मई इसकी डेडलाइन थी, लेकिन बीजेपी या कांग्रेस में से किसी ने यह जानकारी आयोग को नहीं सौंपी। इलेक्टोरल बॉन्ड्स की खासियत होती है कि इसे व्यक्ति विशेष या कॉरपोरेट कंपनियां, दोनों ही राजनीतिक दान के लिए खरीद सकती हैं। हालांकि, इन बॉन्ड्स को खरीदने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं होता। इससे इस बात की आशंका जताई गई कि अमीर लोग या कंपनियां बिना पहचान सार्वजनिक किए पैसे के जोर पर राजनीतिक नतीजों को किसी एक पार्टी के हित में मोड़ने की कोशिश कर सकती हैं। इलेक्टोरल बॉन्ड्स के बिक्री के आंकड़ों पर गौर करें तो मई महीने में एसबीआई के कोलकाता ब्रांच में इनकी सबसे ज्यादा बिक्री हुई। यह रकम करीब 370,45,75,000 रुपये यानी 370 करोड़ रुपये बैठती है। इनमें से अधिकतर बॉन्ड्स 1 करोड़ रुपये के डिनॉमिनेशन में बिके। जाहिर है कि इन्हें खरीदने की हैसियत बड़ी कंपनियों या अमीर लोगों की ही होगी। कोलकाता ब्रांच से 1 करोड़ रुपये के डिमॉनिमेशन में कुल 353 करोड़ रुपये रकम के इलेक्टोरल बॉन्ड्स बिके। चुनावी नतीजों की गिनती के अगले दिन यानी 24 मई तक कुल 822,25,79,000 रुपये यानी 822 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स जारी हुए। इसी समयावधि में 819 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स इस्तेमाल भी कर लिए गए। बता दें कि इन बॉन्ड्स की वैलिडिटी जारी किए जाने की तारीख से 15 दिनों तक होती है। आरटीआई में हुए इस खुलासे पर सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने ट्वीट करके कहा कि बीजेपी को बंगाल में अप्रत्याशित जीत कैसे मिली, यह दिन प्रति दिन साफ होते जा रहा है। बता दें कि सीपीएम और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियां इलेक्टोरल बॉन्ड्स का विरोध कर चुकी हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने 2017-18 के बजट में इन बॉन्ड्स को पेश किया था।

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