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बड़े मीडिया ग्रुप ने बंद किया अपना अखबार

नई दिल्ली 12 जून 2019 । महज चार महीने के छोटे से सफर के बाद ‘फर्स्टपोस्ट’ का प्रिंट एडिशन बंद हो गया है। ‘नेटवर्क18’ समूह ने ‘फर्स्टपोस्ट’ समाचार पत्र के प्रकाशन को निलंबित करने का फैसला लिया। इसी साल 26 जनवरी के मौके पर साप्ताहिक न्यूजपेपर के रूप में फर्स्टपोस्ट लॉन्च किया गया था, लेकिन यह ज्यादा दूर तक नहीं चल सका।

इस संबंध में ‘नेटवर्क18’ की तरफ से कहा गया है कि ‘फर्स्टपोस्ट’ एक प्लेटफॉर्म ऐग्नास्टिक ब्रैंड है, जो मजबूत और विश्वसनीय विचारों के लिए पहचाना जाता है और यह ऐसा करना जारी रखेगा। ब्रैंड ने लगातार प्रयोग करने में विश्वास रखा है और प्रिंट के रूप में फर्स्टपोस्ट का आना भी ऐसा ही एक प्रयोग था, जिसे इस सोच के साथ शुरू किया गया था कि ऑनलाइन से अलग दर्शक वर्ग को सप्ताहांत में एक बेहतर रीडिंग अनुभव प्रदान किया जा सके।

हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन वजहों के चलते उसे यह फैसला लेना पड़ा। उसकी तरफ से बस इतना कहा गया है कि सबकुछ अच्छा चलने के बावजूद कुछ लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण वह प्रिंट संस्करण को बरकरार रख पाने की स्थिति में नहीं है।

‘नेटवर्क18’ समूह ने एक बयान जारी करके इस बारे में जानकारी दी। कंपनी ने साफ किया कि ‘फर्स्टपोस्ट’ की गुणवत्ता युक्त पत्रकारिता उसके वफादार उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल और अन्य प्लेटफार्मों पर जारी रहेगी। वर्षों से ‘फर्स्टपोस्ट’ पत्रकारिता के एक निश्चित वर्ग के लिए खड़ा हुआ है और ‘नेटवर्क18’ इसके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ब्रैंड में निवेश करना जारी रखेगी।

वैसे जब ‘फर्स्टपोस्ट’ ने प्रिंट की दुनिया में कदम रखा था, तभी आशंका जताई जा रही थी कि यह ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पायेगा, इसकी वजह प्रिंट मीडिया में चल रही गलाकाट प्रतिस्पर्धा है और अब ‘नेटवर्क18’ की घोषणा के साथ वह आशंका सही साबित हो गई है।

अब नई भूमिका में नजर आएंगे IIMC के पूर्व डीजी केजी सुरेश

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश अब नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। दरअसल, वे अब मध्य प्रदेश की जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी स्थित जागरण स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की फैकल्टी में बतौर एमरेटस प्रोफेसर (Emeritus Professor) जॉइन करने जा रहे हैं।

केजी सुरेश को पत्रकारिता के साथ ही मीडिया सलाहकार के रूप में काम करने का काफी अनुभव है। आईआईएमसी के डायरेक्टर जनरल के अलावा वह दूरदर्शन समाचार में वरिष्ठ परामर्श संपादक, एशियानेट न्यूज नेटवर्क में संपादकीय सलाहकार, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में मुख्य राजनीतिक संवाददाता, डालमिया भारत एंटरप्राइजेज लि. में ग्रुप मीडिया सलाहकार, ग्लोबल फ़ाउंडेशन फ़ॉर सिविलाइज़ेशन हार्मनी (इंडिया) में निदेशक के साथ ही विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में वरिष्ठ फेलो, संपादक और प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

वर्तमान में वह ऐकडेमिक कौंसिल एन्ड इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, सोसाइटी ऑफ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता, अनुसंधान समिति, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, शासी निकाय और सामान्य निकाय, विज्ञानप्रसार (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संगठन), सलाहकार परिषद (दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, दिल्ली विश्वविद्यालय), पाठ्यक्रम समिति (जनसंचार संचार, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान, एमएचआरडी, भारत सरकार), स्कूल बोर्ड ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया स्टडीज (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय), इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रोडक्शन सेंटर की सलाहकार समिति(इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय), शैक्षणिक परिषद, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, पुरस्कार चयन समिति, राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) अनुसंधान बोर्ड, राष्ट्रसंत तुआदोजीमहाराज नागपुर विश्वविद्यालय, शैक्षणिक परिषद, जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल, बोर्ड ऑफ स्टडीज, मीडिया स्टडीज विभाग (महात्मा गांधी केंद्रीय बिहार विश्वविद्यालय, मोतिहारी) के साथ ही 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन (मॉरिशस) की अनुशंसा अनुपालन समिति में सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

केजी सुरेश ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए (ऑनर्स) के साथ ही भारतीय विद्याभवन से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से जनसंचार में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से सार्वजनिक स्वास्थ्य पत्रकारिता में प्रयोगात्मक पाठ्यक्रम भी किया है।

उल्लेखनीय कार्यों के लिए केजी सुरेश को तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वे राष्ट्रमंडल युवा कार्यक्रम, एशिया द्वारा शांति के लिए राष्ट्रमंडल युवा राजदूत नामित हो चुके हैं। उन्हें पीआरएसआई लीडरशिप अवार्ड (जनसंपर्क में उत्कृष्ट योगदान के लिए सर्वोच्च पुरस्कार) से सम्मानित किया जा चुका है। दिसंबर 2017 में उन्हें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित 39 वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन में सम्मानित किया जा चुका है। नवंबर 2018 में उन्हें बिजनेस वर्ल्ड मैगज़ीन और एक्सचेंज 4मीडिया द्वारा स्थापित मीडिया शिक्षा में विज़नरी लीडर पुरस्कार भी दिया जा चुका है। इसके अलावा एकता, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए पहला ख्वाज़ग़रीब नवाज़ पुरस्कार भी उन्हें मिल चुका है। NISCORT मीडिया स्कूल और यूरेका प्रकाशन द्वारा मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

प्रमुख भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रों, शोध पत्रिकाओं और वेबसाइटों में उनके लेख, शोध लेख, साक्षात्कार और कॉलम प्रकाशित होते रहते हैं। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन पर कई टेलीविजन साक्षात्कार और पैनल चर्चा में वह शामिल रह चुके हैं। इसके अलावा IIMC के पीयर रिव्यूड जर्नल कम्युनिकेटर और संचार माध्यम के एडिटर-इन-चीफ़ (2016-2019) भी रह चुके हैं।

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