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यूपी में हो सकता है बड़ा फेरबदल, बंसल और योगी में होगा एक

नई दिल्ली 4 जून 2018 । पार्टी हाई कमान से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि परिणाम आने के बाद ही शाह ने पहले से तय कई कार्यक्रम निरस्त कर दिए। कुछ ज़रूरी लोगों से भी फ़ोन पर करने से इंकार कर दिया। शाह ने ज्यादातर समय पियूष गोयल और अपनी किचन कैबिनेट के नेताओं के साथ अहम विमर्श में खर्च किया । कहा जा रहा है कि यूपी में संगठन और सरकार के बीच गहराते मतभेद से शाह नाराज़ दिखे।

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह यूपी में संगठन के हाल और सरकार में मंत्रियों की मनमानी से खुश नहीं हैं। परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और एकाध अन्य मंत्रियों को छोड़ दें तो बाकि मंत्री अपने फायदे के अलावा संगठन के लिए कुछ भी नहीं कर रहे हैं। शाह ये मानते है कि संगठन के महामंत्री सुनील बंसल भी जीत का भरोसा दिलाने में बार बार असफल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही दिन रात मेहनत कर रहे हों लेकिन योगी भी सत्ता को वोट में बदल नहीं पा रहे हैं। शाह के पास ये भी रिपोर्ट है कि योगी और सुनील बंसल में शीतयुद्ध है। इस शीतयुद्ध के चलते यूपी, कई लॉबी में विभाजित हो चुका है। इसका सबसे बुरा असर पार्टी और कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है। ऐसी भी खबर है कि सुनील बंसल की जगह पार्टी कोई ईमानदार छवि वाला संघ का खांटी नेता ढूंढ रही है जिसके नेतृत्व में संगठन 2019 की तैयारी करे। उधर बंसल की लॉबी कह रही है कि संगठन के स्तर पर कोई कमी नहीं है। कमी अगर है तो योगी के नेतृत्व में है इसलिए उनके विकल्प की तलाश की जानी चाहिए।

अमित शाह के लिए सबसे बड़ी दिक़्क़्क़त ये है कि यूपी में सुनील बंसल को नियुक्त करने से लेकर सीएम के लिए योगी के चुनाव में सबसे अहम भूमिका उनकी खुद की थी। उनसे नज़दीकी के कारण, बंसल को तो वैसे भी यूपी में मिनी शाह के नाम से जाना जाता है। लेकिन सच ये है कि शाह की मयान में अब ये दोनों तलवारें आपस में लड़कर शाह के चमचमाते विक्ट्री रेकोर्ड पर ही दाग लगा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक जिस तरह के हालात इस वक्त यूपी में है और जिस तरह मोदी की 325 सीटें लाने वाली मेहनत पर पार्टी के नेताओं ने साल भर में ही पानी फेर दिया है उससे मोदी आजकल शाह से भी खुश नहीं हैं। शाह से कहा गया है कि वे हर सूरत में यूपी को दुरुस्त करें। सूत्रों का कहना है कि क्यूंकि शाह खुद अपने बुने जाल में फंसते जा रहे हैं इसलिए अपनी साख बरक़रार रखने के लिए वे बड़ा फेरबदल करेंगे। मोदी के स्वदेश आते ही शाह पीएम से मिलेंगे और यूपी के फेरबदल को लेकर अंतिम फैसला लेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है की शाह खुद एक अहम बैठक में कह चुके हैं कि यूपी में यही हाल रहा तो बीजेपी लोक सभा २०१९ की अंकतालिका में बहुत नीचे खिसक जाएगी। इसलिए 2019 में लौटने के लिए, पार्टी अब यूपी में बड़ा ऑपेरशन करने जा रही है।

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