मुख्य पृष्ठ >> खास खबरें >> इन दो राज्यों में भी बीजेपी को मिल सकती है हार

इन दो राज्यों में भी बीजेपी को मिल सकती है हार

नई दिल्ली 9 जुलाई 2018 । वर्तमान सत्ताधारी पार्टी बीजेपी अपने चौथे सालगिरह को धूम-धाम से मनाने में जुट गई है। नरेंद्र मोदी के अगुवाई में बनी बीजेपी सरकार को 26 मई को सत्ता में आए पूरे चार साल हो जाएगें । इसी दौरान बीजेपी सरकार के कई फैसले और योजनाओं ने खूब वाह-वाही लुटी तो वही कई फैसलो से आलोचनाओं में घिरते दिखे। ऐसा माना जा रहा है कि 2019 से पहले 2018 बीजेपी सरकार के लिए सेमीफाइनल है।

जहां विपक्ष एक तरफा होकर मोदी सरकार को हराने में लगा है और तरह-तरह की योजना बना कर नरेद्र मोदी को जीत से रोकने की कोशिशे कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के दिग्गज नेताओं को पूरा भरोसा है कि वो दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल होगें। इस मौके पर कुछ समाचार चैनलों के द्वारा सर्वे के माध्यम से देश के मूड को जानने की कोशिश गई।

पहले सर्वे में राजस्थान की जनता का मन टटोलने की कोशिश…..

एक नीजि समाचार पत्र चैनल एबीपी न्यूज के द्वारा राजस्थान की जनता का मन टटोलने की कोशिश की गई एक सर्वे के माध्यम से कि अगर अभी चुनाव होता है तो जनता किस पर भरोसा करना चाहेगी। इसी साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाला हैं और ऐसा माना जा रहा है कि 2019 से पहले इस राज्य में बीजेपी के लिए एक कड़ी परीक्षा होगी। एक सर्वे के अनुसार राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जीतने की उम्मीद ज्यादा है। राजस्थान में कांग्रेस को 44%, बीजेपी को 39%, और अन्य दलो को 17 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मध्य प्रदेश में बीजेपी को मिल सकती है हार

इस चैनल के सर्वे के मुताबिक बीजेपी के लिए मध्यप्रदेश से भी अच्छी खबर नही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को वहां भी हार का सामना करना पड़ सकता है। इस सर्वे के मुताबिक मध्यप्रदेश में बीजेपी को 36%, कांग्रेस को 49% और अन्य के खाते में 13% वोट शेयर जाने की संभावना है। मतलब यहां भी सत्ता बीजेपी के हाथ से निकलती दिख रही है।

अपना जनाधार बनाकर ही चुनाव लडूंगा

भोपाल के वीआईपी इलाकों में 65 रुपए प्रतिलीटर वाला SUDHAMRUT सप्लाई कर रहे, कार्तिकेय सिंह चौहान (KARTIKEY SINGH CHOUHAN) चाहते हैं कि राजनीति में उनकी अपनी पहचान बने। जिस दिन लोग उन्हे कार्तिकेय के नाम से जानने लगेंगे और उनके पास अपना जनाधार होगा उस दिन चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल कार्तिकेय सिंह को सारी दुनिया सीएम शिवराज सिंह के पुत्र के तौर पर ही जानते हैं। कार्तिकेय ने भोपाल के बिट्टन मार्केट इलाके में एक फूल की दुकान भी खोली थी। कार्तिकेय ने अपना यह संकल्प राजनीति में परिवारवाद केे प्रश्न पर सार्वजनिक किया। बता दें कि भाजपा में इन दिनों नेतापुत्रों को टिकट का अभियान शुरू हो चुका है। इससे पहले एक बयान में कार्तिकेय ने कहा था कि ‘मैं दूध का धंधा करता हूं, चुनाव नहीं लडूंगा।’

परिवारवाद को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा है कि जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, उन्हें टिकट मिलता है। यही परिवारवाद है परंतु यदि व्यक्ति का जनाधार है तो वह उसकी मेहनत मानी जाएगी। जहां तक मेरा सवाल है, तो अभी तो मेरी उम्र ही कम है। अभी वकालत करुंगा। जब मेरी पहचान मुख्यमंत्री पुत्र की नहीं, बल्कि कार्तिकेय चौहान के रूप में होगी, मेरा खुद का जनाधार होगा और जनता योग्य समझेगी तो टिकट का सोचूंगा। कार्तिकेय सिंह सागर में प्रतिभा एवं सामाजिक कार्यकर्ता सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।

घर पर पिताजी से भी राजनीति की ही बात होती है
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता होने के नाते सक्रिय हूं। जहां पार्टी को जरूरत होगी, वहां काम करुंगा। कार्तिकेय ने बताया कि मेरी पिताजी से घर पर राजनैतिक चर्चा नहीं होती, वो वैसे ही प्रदेश की जनता के कारण थोड़ा सा ही समय देते हैं। ऐसे में उस समय घर की ही बातें हो पाती हैं।

सूत्रों का कहना है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान चाहते हैं कि कार्तिकेय सिंह राजनीति में उनका उत्तराधिकारी बने। वो चाहते हैं कि जिस तरह से वो अपने भाषण से जनता को सम्मोहित कर लेते हैं, ऐसा ही कुछ कार्तिकेय भी करे। यही कारण है कि बार बार कार्तिकेय को राजनीति में एक्टिव किया जाता है। यह तीसरी बार है जब कार्तिकेय को सक्रिय राजनीति में भेजा गया है।

किसानों को एक साल में दिये 35 हजार करोड़ : मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है।

राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे।

किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था

श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया।

महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे।

प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

BJP प्रदेश अध्यक्ष स्वागत दौरों में व्यस्त

यह चुनावी साल है। राजनीति में सबकुछ फटाफट हो रहा है। 18 अप्रैल को भाजपा ने अपने नए प्रदेश अध्यक्ष सांसद राकेश सिंह की ताजपोशी की थी। 01 मई को कांग्रेस के कमलनाथ ने चार्ज लिया। शनिवार को कमलनाथ की टीम का ऐलान हो गया परंतु राकेश सिंह की टीम के लिए अभी तक चर्चाएं भी शुरू नहीं हुईं हैं। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह अपनी नियुक्ति के बाद से ही मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। सोशल मीडिया राकेश सिंह के स्वागत सत्कार के फोटो से भरा पड़ा है। संगठन में अभी तक उन्होंने कुछ उल्लेखनीय नहीं किया है।

क्या नंदकुमार सिंह की टीम कराएगी चुनाव

संगठन में अब यह सवाल भी पूछा जाने लगा है कि क्या राकेश सिंह अपनी नई टीम बना पाएंगे या फिर नंदकुमार सिंह की टीम ही चुनाव कराएगी। राकेश सिंह टीम में थोड़ी बहुत जोड़ घटा कर लेंगे। दरअसल, पिछले कुछ सालों में मध्यप्रदेश में भाजपा थम सी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ नए विभाग बनाए और उनमें नियुक्तियां भी हुईं परंतु भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख पदों में परिवर्तन बहुत कम हुए हैं। फैसलों में काफी देरी हो रही है। नंदकुमार सिंह चौहान को हटाए जाने का फैसला 1 साल पहले हो गया था। नए नाम की तलाश में हाईकमान ने 1 साल खर्च कर दिया।

प्रदेश प्रवक्ता के नाम तय नहीं हो पाए

राकेश सिंह ने 18 अप्रैल को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभाली थी। इसके बाद चुनावी टीमें तो बनीं, लेकिन प्रदेश पदाधिकारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह चर्चा जरूर है कि वे कुछ नए प्रदेश प्रवक्ता बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा या आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. हितेश वाजपेयी हो सकते हैं।

कमलनाथ चाँदी के सिक्के, शिवराज तो खोटे सिक्के: कांग्रेस

 मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत, जीतू पटवारी, बाला बच्चन, सुरेन्द्र चौधरी, मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल व मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को पुरानी शताब्दी के चाँदी के सिक्के बताने पर अपनी संयुक्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इशारों-इशारों में भाजपा की बैठक में भी सच कह गये है। पुरानी शताब्दी के सिक्के आज भी पूजनीय, दुर्लभ व अनमोल है।

नेतागणों ने कहा कि सहस्त्रबुद्धे ने भाजपा के लोगों को ही इशारों में कमलनाथ की ताकत व विश्वसनीयता बता दी है। भले सहस्त्रबुद्धे लंबे समय बाद प्रवास पर प्रदेश आये है, लेकिन उन्होंने सच को स्वीकारा है। वो यह भी जानते है कि शिवराज जी अब खोटे सिक्के हो चले है। जिनका कोई मोल नहीं, कोई विश्वसनीयता नहीं और कोई उसे ना अपने घर, ना अपने पास रखना चाहता है। जिनकी बातों का, झूठी घोषणाओं का, झूठे वादों का कोई मोल नहीं है। अब प्रदेश की जनता भी इन पर भरोसा नहीं कर सकती। क्योंकि इन्होंने प्रदेश की जनता को सदैव ठगा है।

करोड़ों खर्च कर प्रचार व ब्रांडिंग के द्वारा ये सदैव खोटे सिक्के को चमकाते रहते आये है लेकिन प्रदेश की जनता अब इन खोटे सिक्कों को पहचान चुकी है और इनका मोल जान चुकी है। वह अब उन्ही सिक्कों को आज़मायेगी, जिनका मोल हो, जिनकी विश्वयनियता हो, जिनके वादों में दम हो, जो प्रदेश की तस्वीर बदलना चाहते है, जो जनता के सच्चे हितैषी हो।

कांग्रेस तीस फीसदी नए चेहरों को टिकट देगी : सिंधिया

पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के चुनाव अभियान प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि इस बार के होने वाले विधानसभा चुनावों में ३० प्रतिशत नये चेहरों को टिकट दिया जाएगा। पूर्व मंत्री सिंधिया कल रात यहां चुनाव अभियान समिति की बैठक से पूर्व पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
गठबंधन के बारे में पूछे एक प्रश्र के उत्तर में सिंधिया ने कहा कि उनका मानना है कि गठबंधन मूल्य , सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने अवसरवादी के साथ गठबंधन नहीं करने की बात कही। फर्जी मतदाताओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने लगभग दस लाख डुप्लीकेट नाम काटे हैं। सिंधिया ने राज्य और केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में मुख्यमंत्री को समय नहीं है उनकी चिंता नहीं है,और वह एक माह की जन आशीर्वाद यात्रा पर निकल रहे हैं। राज्य में मुख्यमंत्री चेहरा की बात से उन्होंने इंकार किया । कांग्रेस में गुटबाजी को सिंधिया ने नकारते हुए कहा कि राज्य में कमलनाथ दिकग्वजय सिंह और वह अलग अलग काम कर रहे हैं लेकिन उनका समन्वय पूरा है। सारी रणनीति तीनों एक साथ बैठकर बनाते हैं।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

अभ्यास के दौरान गन का बैरल फटा, BSF जवान शहीद, 2 घायल

नई दिल्ली 4 मार्च 2021 । भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जैसलमेर जिले में कल …