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शिवराज को आम चुनाव में उतार सकती है भाजपा -अनूप मिश्रा की मुरैना से न

भोपाल 15 जनवरी 2019 । भाजपा मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित उनकी सरकार के कई पूर्व मंत्रियों पर आगामी आम चुनाव में दांव लगा सकती है। फिलहाल पार्टी ने जिन सीटों पर प्रत्याशी बदलने का फैसला किया है, उनमें उम्रदराज नेताओं या एक ही सीट से कई बार चुनाव जीतने वाले नेताओं की संख्या ज्यादा है।खंडवा सीट से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, खरगोन से अंतरसिंह आर्य, भिंड से लालसिंह आर्य जैसे नेताओं को लोकसभा चुनाव में पार्टी उतार सकती है। पार्टी ने कुछ नेताओं से कह भी दिया है कि वह लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं।विदिशा से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर चुकी हैं। ऐसे में पार्टी की तैयारी ये है कि शिवराज सिंह को विदिशा या अन्य सीट से उतारा जाए। मुरैना सांसद अनूप मिश्रा विधानसभा चुनाव हारने के बाद से नई सीट की तलाश में हैं। देवास से मनोहर ऊंटवाल की जगह थावरचंद गेहलोत को उतारा जा रहा है, जबकि राव उदय प्रताप सिंह की जगह पार्टी को होशंगाबाद से कोई दमदार नाम नहीं मिल रहा है।मुरैना लोकसभा सीट से सांसद अनूप मिश्रा कुछ ही दिन पहले विधानसभा चुनाव हारे हैं पर उनकी लोकसभा सीट मुरैना में अनुकूल स्थितियां नहीं हैं। पार्टी नेताओं की मानें तो मिश्रा स्वयं भी अब इस सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।मुख्यमंत्री कमलनाथ की लोकसभा सीट छिंदवाड़ा भाजपा के राडार पर है। इस सीट को जीतने के लिए पार्टी ने पहले ही उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र देव सिंह को प्रभारी नियुक्त किया था पर वहां से अब तक कमलनाथ या उनके परिवार को टक्कर देने लायक कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा . अगर वहां से कोई कद्दावर नेता नहीं मिला तो पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन को भी आजमाया जा सकता  है।बुरहानपुर विधानसभा चुनाव हारने के बाद से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने खंडवा लोकसभा सीट से तैयारी शुरू कर दी है। इस सीट से फिलहाल नंदकुमार सिंह चौहान सांसद हैं। पार्टी का एक धड़ा पूर्व मंत्रियों को चुनाव लड़वाने के खिलाफ है। उनका तर्क है कि ऐसे लोग अपनी विधानसभा सीट पर फिर हारेंगे, इसलिए नए चेहरों पर दांव लगाना चाहिए।

BJP का दावा- मंत्रियों के बंगले पुतेंगे तब तक MP में गिर जाएगी कांग्रेस सरकार
मध्य प्रदेश में बीजेपी नेताओं की तरफ से इशारों-इशारों में इस बात को कहा जा रहा है कि मौजूदा कमलनाथ सरकार कभी भी गिर जाएगी. इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद पहली बार सागर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राहतगढ़ में कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक मंत्रियों के बंगले पुतेंगे तब तक सरकार गिर जाएगी. बंगले पुते के पुते रह जाएंगे.

नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष ने आगे कह, ”जिसके हार्ट और किडनी दूसरी पार्टी के हैं, वह सरकार ज्यादा दिन नहीं चलती. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार चार माह से ज्यादा नहीं चलेगी. उन्होंने कहा, ”11 दिसंबर (चुनाव परिणाम के बाद) को बीमार शिशु पैदा हुआ जिसकी किडनी समाजवादी पार्टी, हार्ट बहुजन समाज पार्टी और अन्य अंग निर्दलियों के लगे हैं.

यह पूछे जाने पर कि विपक्षी दल के तौर पर आपकी क्या चुनौतियां है? इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता के लिए की गई घोषणाएं सरकार से गला दबाकर पूरी करवाएंगे. उन्होंने कांग्रेस की गुटबाजी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब प्रदेश में 12 मुख्यमंत्री हो गए हैं जो कि सरकार का नियंत्रण कर रहे हैं.

सूबे में कांग्रेस के अलग-अलग धड़ों पर भार्गव ने कहा कि इसके कोटे में 7 मंत्री और उसके कोटे में 8 मंत्री, ये कोटे न हुए बल्कि राशन की दुकान हो गई. आपको बता दें कि सीएम कमलनाथ के मंत्रिमंडल में राज्य के तीनों बड़े नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन वाले विधायकों को जगह दी गई है. मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री कमलनाथ के 11, दिग्विजय सिंह के 9, ज्योतिरादित्य सिंधिया के 7 और अरुण यादव खेमे के एक मंत्री को शामिल किया गया है.

विपक्षी दलों के महागठबंधन को लेकर गोपाल भार्गव ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी का तूफान आता है तो शेर-बिल्ली एक साथ पेड़ पर चढ़ जाते हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद पहली बार सागर पहुंचे गोपाल भार्गव का जगह-जगह स्वागत किया गया.

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