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पहली बार राहुल के बयान से डरी भाजपा

मोहाली 12 दिसंबर 2018 । भाजपा पर न्यायपालिका, सेना और मीडिया जैसे संस्थानों की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को 2019 के आम चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेकेंगी। राहुल ने चंडीगढ़ से सटे पंजाब के इस शहर में कहा, “हम भाजपा को उसकी जगह दिखाएंगे और चुनाव में हराएंगे। 2019 में हम सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली में भाजपा को सत्ता से बेदखल किया जाए।”

राहुल, यहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के साथ समाचार पत्र नवजीवन को फिर से लांच करने के लिए आयोजित समारोह में हिस्सा लेने आए थे।

भाजपा और मोदी सरकार पर बरसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में डर का एक माहौल बनाया गया और मीडिया को भी दबाने की कोशिश की गई।

राहुल ने कहा, “मीडिया को भी डराया जा रहा है, दबाया जा रहा है। मीडिया केवल वही कहती है, जो शक्तिशाली लोग सुनना चाहते हैं। ऐसे माहौल में ‘नवजीवन’ एक स्वतंत्र आवाज बनेगा। यह अखबार कांग्रेस पार्टी की भी आलोचना कर सकता है।”

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश खुले तौर पर कह रहे हैं कि उन्हें काम करने नहीं दिया जा रहा है। सेना के जनरल कह रहे हैं कि मोदी सेना का दुरुपयोग कर रहे हैं और चुनाव आयोग को भी दबाया जा रहा है।

राहुल ने कहा, “हम इन संस्थानों की रक्षा के लिए लड़ेंगे। हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) और भाजपा के जैसे नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्तासीन लोग मीडिया को बेरोजगारी और किसानों की दुर्दशा जैसे मुद्दे नहीं उठाने दे रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सराहना करते हुए राहुल ने कहा कि उन्होंने यह दिखाया कि कैसे विनम्रता और सम्मान के साथ नेतृत्व किया जाता है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने(मनमोहन) विश्व के नेताओं को बताया कि कैसे काम किया जाता है। वह ब्रह्मांड के गौरव हैं।”

‘नवजीवन’ कांग्रेस के स्वामित्व वाले नेशनल हेराल्ड अखबार का हिंदी संस्करण है।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस शासित पंजाब में हुए इस समारोह में भाग नहीं लिया।

114 सीटों पर अटकी कांग्रेस, बहुमत से 2 कदम पीछे
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में दोनों बड़ी पार्टियों के बीच जबर्दस्‍त कांटे की टक्कर देखें को मिली है। किसी भी पार्टी को अकेले के दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस 114 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है जबकि एक पर वह आगे चल रही है। वहीं बीजेपी को 109 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी 15 सालों से मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज थी। मध्यप्रदेश में सरकार बनाने में अब निर्दलीयों, बसपा एवं सपा की अहम भूमिका होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार कमलनाथ ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर दावा किया कि उनके पास स्पष्ट बहुमत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी निर्दलीय विधायकों के संपर्क में है। प्रदेश की इन दोनों प्रमुख पार्टियों के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) को एक सीट बिजावर मिल गई है। वहीं, 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। इनके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 2 सीटों पथरिया एवं भिंड में जीती है।
इससे पहले कमलनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र लिखकर मुलाकात का वक्त मांगा था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि उनके पास स्पष्ट बहुमत है और राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दें। इस पर राजभवन की तरफ से जवाब दिया गया कि चुनाव आयोग की तरफ से नतीजों की आधिकारिक घोषणा होने से पहले राज्यपाल किसी भी पार्टी से मुलाकात नहीं करेंगी।
बीजेपी सांसद का दावा- निर्दलीय हैं संपर्क में
इस बीच जबलपुर से बीजेपी सांसद राकेश सिंह ने ट्वीट के जरिए दावा किया है कि निर्दलीय और अन्य विधायक बीजेपी संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया बीजेपी नेता बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
इस चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब आठ फीसदी बढ़ा। उसे करीब 41 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि भाजपा को भी 41 फीसदी से थोड़ा अधिक वोट मिला। इसके अलावा, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस इस बार एकजुट होकर चुनाव लड़ी, जबकि इससे पहले के चुनाव में कांग्रेस में गुटबाजी नजर आती थी, जिसके कारण उसे सत्ता से 15 साल तक बाहर रहना पड़ा था। कांग्रेस द्वारा अपने वचन पत्र (घोषणा पत्र) में मध्यप्रदेश के सभी किसानों को दो लाख रूपये तक कर्ज माफ करने एवं उनकी विभिन्न उपजों पर बोनस देने का वादा कांग्रेस के लिए इस विधानसभा चुनाव में फायदेमंद रहा। कांग्रेस का अच्छा प्रदर्शन करने की यह भी एक मुख्य वजह रही। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इन दोनों वादों को प्रमुखता से अपनी सभी चुनावी सभाओं में उठा कर लोगों को पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए आकर्षित किया था।

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