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लोकसभा के साथ 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी में बीजेपी?

नई दिल्ली 5 जुलाई 2018 । साल के अंत मतलब अक्टूबर-नवंबर में चार राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के विधानसभा चुनाव होने हैं। मगर बीजेपी के बड़े नेता इन राज्यों का दौरा नहीं कर बल्कि पूरे देश का दौरा करने में जुटे हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह केरल से लेकर जम्मू महाराष्ट्र से लेकर उड़ीसा तक तूफानी दौर लगा रहे हैं मगर चुनावी राज्यों में वो समय नहीं दे रहे हैं जितना कि वो चुनाव के समय में देते हैं। अमित शाह के इस रणनीति को अगर पैमाने पर तौलें तो साफ दिखता है कि मामला कुछ जरूर गड़बड़ है।

चुनावी विकल्प जो बीजेपी को भाए

अनुमान है कि बीजेपी अपनी सहुलियत और फायदे के मद्देनजर या तो लोकसभा चुनाव के साथ ही सभी राज्यों का विधानसभा चुनाव करा सकती है। दूसरा विकल्प चारों राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ राजस्थान और मिजोरम विधानसभा चुनाव लोक सभा चुनाव के साथ अगले साल अप्रैल में करा सकती है। तीसरा विकल्प है कि लोकसभा चुनाव इन चार राज्यों के साथ नवम्बर दिसंबर में ही ना करा दिया जाए।

बीजेपी को क्या फायदे होंगे

चार राज्यों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की सरकार है। यह वो राज्य हैं जहां बीजेपी को गंवाने पर सकते हैं । अभी तक बीजेपी कांग्रेस शासितराज्यों को ही जीतती आ रही थी मगर अब उसे पहली बार अपने राज्यों को बचाने की चिंता हो रही है । फिर इन तीनों राज्यों में सरकार विरोधी लहर की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार सहज नहीं दिख रही है। बीजेपी को आभास हो चुका है कि अगर सीधे लड़ाई हुई तो हार भी सकते हैं। अगर बीजेपी की हार इन राज्यों में होती है तो आगामी लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। दूसरी बात कांग्रेस मजबूत होगी और महागठबंधन को बल मिलेगा। बीजेपी अब इस जुगत में है कि इन चारों राज्यों का चुनाव लोकसभा के साथ ही कराया जाए जिससे कि सरकार विरोधी लहर खत्म हो जाए और केन्द्र की मोदी सरकार के ऐजेंडे के साथ फिर से इन राज्यों में सरकार बनाया जा सकता है।

बीजेपी फिलहाल इन चारों राज्यों में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा कर राज्य में केंद्र सरकार के ऐजेंडे को लेकर माहौल तैयार करेगी। इस फार्मूले को सबसे अधिक तरजीह दी जा रही है। दूसरे लोकसभा चुनाव को समय से पहले कराकर विपक्षी दलों को तैयारी का मौका नहीं देने की है। जिससे कि महागठबंधन आकार नहीं ले सके। हालांकि इस फार्मूले पर अभी जोर नहीं दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार बाकी समय में देश की मिजाज अपने पक्ष में करने के लिए पसीने बहायेगी। बीजेपी को उम्मीद है कि वो सरकार और संगठन की रणनीति से उन तमाम मुद्दों को खत्म कर देगी जो आज तक उनके खिलाफ देश में उठ रहे हैं।

सबसे अधिक उम्मीद लोकसभा चुनाव के समय इन राज्यों के चुनाव होने की संभावना है। एक और बात अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और उड़ीसा विधानसभा के चुनाव होते रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार चारों उन राज्यों के साथ इन तीनों राज्यों यानी सभी सात राज्यों का चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ ही करा सकती है। जिससे कि ये तमाम चुनाव मोदी सरकार के काम और मोदी के चेहरे को आगे करके ही लड़ा जा सके। उम्मीद की जा रही है कि इससे बीजेपी को लाभ मिलेगा और शायद यही कारण है कि अमित शाह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान को लेकर वो गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जो अन्य राज्यों में दिखा रहे हैं ।

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