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लोकसभा चुनावों में टी-20 फॉर्मूला अपनाएगी BJP

नई दिल्ली 17 सितम्बर 2018 । अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 जैसे नतीजे दोहराने के लिए बीजेपी ने एक नई रणनीति बनाई है. बीजेपी चुनाव से पहले ‘टी-20’ फॉर्मूला आजमाने जा रही है. आप सोच रहे होंगे कि ये क्या रणनीति है तो आपको बता दें, ये क्रिकेट वाला टी-20 नहीं है, इसका मतलब है कि हर कार्यकर्ता 20 घरों में जाकर चाय पिएगा और मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी उन घरों के सदस्यों को देगा.

टी-20 के अलावा बीजेपी ने “हर बूथ दस यूथ”, नमो ऐप सम्पर्क पहल और बूथ टोलियों के जरिये मोदी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचने का कार्यक्रम तैयार किया है. बीजेपी ने अपने सांसदों, विधायकों, स्थानीय और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से अपने अपने क्षेत्रों में जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा है.

क्या है ये टी-20 फॉर्मूला
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के प्रत्‍येक गांव में जाएं और कम से कम 20 घरों में जाकर चाय पिएं.’ इस ‘टी-20’ पहल का मतलब जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है.

गौरतलब है, 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने आक्रामक प्रचार शैली अपनाई थी. इसमें खास तौर पर सूचना तकनीक माध्यम का उपयोग किया गया था. इसका खास आकर्षण 3-डी रैलियों का आयोजन था.

इन 3-डी रैलियों में एक ही समय में कई स्थानों पर बैठे लोगों के साथ एक साथ जुड़ने की पहल की गई थी. सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ने और चाय पे चर्चा की पहल भी की गई थी.

लोगों से जुड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी बीजेपी
अगले लोकसभा चुनाव के लिये बीजेपी अपने उस अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाना चाहती है. बीजेपी ने बूथ स्तर के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे नरेन्द्र मोदी ऐप से अधिकाधिक लोगों को जोड़ें.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगले सप्ताह नरेन्द्र मोदी ऐप का नया प्रारूप आने वाला है जिसमें पहली बार कार्यकर्ताओं के कार्यों के संबंध में भी एक ऑप्शन होगा. उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता क्या करने वाले हैं, उसका एक ऑप्शन ऐप में होगा. इसमें बताया जाएगा कि लोगों को कैसे जोड़ना है. ऐप में कुछ साहित्य, छोटे छोटे वीडियो और ग्राफिक्स के रूप में सूचनाएं भी होंगी.

नरेंद्र मोदी ऐप को और लोकप्रिय बनाएगी पार्टी
पार्टी ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर 100 लोगों को नरेन्द्र मोदी ऐप से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है. हर बूथ पर पार्टी के सभी मोर्चों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जा रही है जो मोदी सरकार एवं राज्य सरकार (जहां बीजेपी की सरकारें हैं) की योजनाओं से होने वाले सीधे लाभ की जानकारी देगी.

पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया, “कोशिश करना है कि हर बूथ पर 20 नए सदस्य जोड़े जाएं. हमें हर वर्ग से, हर समाज के सदस्यों को पार्टी से जोड़ना है.” पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंथन के बाद कार्यकर्ताओं से ‘घर-घर दस्तक’ अभियान पर तेजी से अमल करने को कहा गया है.

हर बूथ पर बनेगी कार्यकर्ताओं की टोली
हर बूथ पर लगभग दो दर्जन कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जा रही है. यह टोली हर रोज सुबह-शाम और छुट्टी वाले दिनों में घर-घर जाकर परिवारों से मिलेगी. इसके साथ ही टोली दुकानदारों एवं अन्य छोटे-मोटे काम करने वालों से भी संपर्क करेगी.

बीजेपी का यह संपर्क अभियान कई दौर में चलेगा और लोगों को बताएगा कि विपक्ष के आरोप एवं सरकार के काम की हकीकत क्या है? देश पांच सालों में कहां पहुंच गया है और अगले पांच साल में क्या होगा? बीजेपी कार्यकर्ता तथ्यों, आंकड़ों एवं तर्कों से लोगों को समझाएंगे कि मोदी सरकार को बरकरार रखना कितना जरूरी है.

भाजपा के खिलाफ लामबंद हुआ अग्रवाल समाज, दी धमकी, किया ऐलान

भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत वोट बैंक अग्रवाल समाज ने भाजपा के खिलाफ ताल ठोक दी है। अग्रवाल समाज ने भाजपा के विधायक मुरैना व मंत्री रुस्तम सिंह को खुला चैलेंज किया है। समाज के खुले अधिवेशन में आयोजक और उद्यमी रमेशचंद्र गर्ग ने कहा कि हम चुनाव भले न जीत पाएं, लेकिन चुनाव में हराने का दम रखते हैं। उन्हहोंने कैबिनेट मंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुये कहा कि वह गुंडों को संरक्षण देते हैं और व्यापारियों को परेशान करते हैं। इस दौरान सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे आप पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल ने उन्हें पार्टी से टिकट देने का ऑफर भी दे दिया।
2018 और 2019 के चुनाव में किसी को समर्थन नहीं
अग्रवाल समाज का खुला अधिवेशन जीवाजीगंज स्थित अग्रसेन पार्क में आयोजित किया गया । अधिवेशन में मुरैना, भिंड, श्योपुर और धौलपुर के अग्रवाल समाज के करीब 8 हजार लोग शामिल हुए। इसके साथ ही पोरसा से लेकर श्योपुर तक समाज, संगठन के लोग हजारों की संख्या में लोग आए। इस अधिवेशन में समाज ने सर्वसम्मति से सत्ताधारी पार्टी भाजपा का विरोध करने का निर्णय लिया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि हमने तय किया है कि 2018 विधानसभा चुनाव और 2019 में लोकसभा चुनाव में किसी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे।
आप और कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए
समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप मित्तल ने कहा कि अग्रवाल समाज केवल लंच और मंच संभालने के लिए नहीं है। हमें राजनीतिक नेतृत्व चाहिए। अब हम खुद अपना फैसला करेंगे। किसी को इसका निर्णय नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि देश में 20 फीसदी वैश्य हैं और दो फीसदी अग्रवाल समाज। ऐसे में हम पीछे क्यों रहें। बैठक में भाग ले रहे आप पार्टी के संयोजक आलोक अग्रवाल, आप पार्टी से राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल शामिल हुए।

मायावती का बड़ा दांव, कहा- किसी की बुआ नहीं, 2019 में सम्मानजनक सीटों पर ही होगी बात
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 13-ए माल एवेन्यू स्थित सरकारी बंगला छोड़कर 7 माल एवेन्यू में नए बंगले में प्रवेश करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि लोग राजनीतिक फायदा लेने के लिए मुझसे रिश्ता जोड़ना चाहते हैं और मुझे बुआ कहते हैं.

नए घर में प्रवेश के बाद मायावती ने किसी नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के लिए अपना नाम मुझसे जोड़ते हुए मुझे बुआ कहते हैं. ऐसा ही सहारनपुर जातीय हिंसा मामले में आरोपी (भीम आर्मा के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’) ने भी किया, मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं है. यह बीजेपी का गेम प्लान है.

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने बयानो में बसपा सुप्रीमो मायावती को बुआ कहते रहे हैं.

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आगामी चुनावों में पार्टी बीजेपी को रोकने का पूरा प्रयास करेगी. वहीं महागठबंधन पर उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों से गठबंधन तभी होगा जब हमें सम्मानजनक सीटें मिलेंगी.

मायावती ने कहा कि 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट को लेकर हुए बंद में शामिल लोगों पर अभी भी अत्याचार जारी है. उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है. जो एक सरकारी आतंक है. बढ़ती मॉब लिंचिग की घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि इससे देश कलंकित हुआ है. यदि पीएम मोदी और बीजेपी अटल के बताए रास्ते पर चलती तो आज देश की ये दशा नहीं होती.

उन्होंने कहा कि बीजेपी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भुनाने की पूरी कोशिश में लगी है, जबकि उनके रास्ते पर कभी नहीं चली. इसलिए इसका कोई लाभ नहीं मिलने वाला है.

भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मायावती ने कहा कि बीजेपी राफेल लड़ाकू विमान सौंदे पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है. वहीं महंगाई और बेराजगारी पर लगाम लगाने में विफल रही. नोटबंदी को राष्ट्रीय त्रासदी बताते हुए उन्होंने कहा कि आरबीआई की रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि नोटबंदी फेल रही. साथ ही पेट्रोल-डीजल के दामों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी. वहीं जीएसटी की वजह से अभी भी व्यापारियों में अफरातफरी बनी हुई है.

मायावती ने कहा कि बीजेपी के दमन के जवाब में देश भर के पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हुए और चंदा इकट्ठा कर जो पैसा दिया उससे लखनऊ और दिल्ली में बंगला बनाया गया.

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