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‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में बीजेपी का बड़ा कदम

नई दिल्ली 14 अगस्त 2018 । देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाने के मुद्दे पर आज बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल लॉ कमीशन के चेयरमैन से मुलाकात करेगा. प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, भूपेंद्र यादव और अनिल बलूनी होंगे. बीजेपी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के पक्ष में है. वहीं कई विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया है. पिछले दिनों लॉ कमीशन ने सभी दलों से राय मांगी थी.

तब ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी, वामदल, आईयूएमएल, एआईएडीएमके, गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने विरोध किया था. वहीं कांग्रेस ने एक साथ चुनाव कराए जाने के मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने कहा है कि बीजेपी अगर एक साथ चुनाव चाहती है तो 2019 लोकसभा चुनाव से ही इसे लागू करे.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कहना है कि संविधान के बुनियादी ढांचे को बदला नहीं जा सकता. हम एक साथ चुनाव कराने के विचार के खिलाफ हैं. ऐसा नहीं किया जाना चाहिए. एक साथ चुनाव कराए जाने पर चुनाव आयोग का कहना है कि वह एक साथ चुनाव करवाने में सक्षम है, बशर्ते कानूनी रूपरेखा और लॉजिटिक्स दुरुस्त हो.

सरकार का मानना है कि एक साथ चुनाव कराए जाने से खर्च, समय और मैन पावर में कमी आएगी. वहीं विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार के फैसले से राज्यों को नुकसान होगा. एक तरह की सरकार को बल मिलेगा, यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर विचार करने की बात कर चुके हैं. उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि विपक्षी दल इसपर विचार करे.

अमित शाह की विधि आयोग को चिट्ठी, एक देश-एक चुनाव का किया समर्थन

एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में काफी समय से चर्चा चल रही है. विधि आयोग ने इस मुद्दे पार्टियों से चर्चा भी की है. सोमवार को इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल विधि आयोग से मिला. बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव की अगुवाई में बीजेपी के नेता विधि आयोग पहुंचे और उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की चिट्ठी उन्हें सौंपी.

भूपेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि कानून के प्रावधानों में संशोधन होना चाहिए ताकि एक साथ चुनाव हो सकें. उन्होंने कहा कि देश में अगर एक साथ चुनाव होते हैं, तो सरकारी खर्चे में काफी बचत होगी. इस दौरान उन्होंने दुनिया के कई देशों का उदाहरण भी दिया.

उनका कहना है कि देश में अभी 9 लाख 30 हज़ार बूथ हैं, जिनपर करीब 1 करोड़ लोग काम करते हैं. उन्होंने कहा कि 2011 में चुनावों में करीब 16-1700 करोड़ रुपए का खर्चा हुआ तो वहीं 2014 में 4000 करोड़ का खर्च हुआ. उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव करवाने से पैसा बचेगा.

BJP अध्यक्ष अमित शाह ने विधि आयोग के न्यायमूर्ति बलवीर चौहान को खत लिखते हुए एक देश-एक चुनाव पर पार्टी के समर्थन का दावा किया. उन्होंने इस दौरान कई बातें रखीं, जिसमें सरकार की राय, आचार संहिता के कारण विकास के कामों में बाधा आना. जैसे कई मुद्दे शामिल रहे.

कांग्रेस जता चुकी है विरोध

बता दें कि हाल ही में कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर अपने रुख को साफ किया था. कांग्रेस ने इसका विरोध किया था. पार्टी की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने विधि आयोग से कहा कि एक साथ चुनाव भारतीय संघवाद की भावना के खिलाफ है.

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