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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 की दिशा में भाजपा के बढ़ते कदम

भोपाल 08 अप्रैल 2022 । मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में आदिवासी समुदाय पर काम करने के लिए राजभवन के दरवाजे भी खोल दिए गए हैं। इस दिशा में राजभवन सचिवालय मे जनजातीय मामलों के लिए एक प्रकोष्ठ का गठन किया गया है जिसका कार्यालय राजभवन में ही होगा। प्रकोष्ठ जनजातीय मामलों से जुड़े विषयों पर राज्यपाल के निर्देशों के अनुरूप काम करेगा। मध्य प्रदेश में जनजातीय समुदाय के वोट की वजह से विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ा था जिसकी वजह से उसके हाथ से सत्ता चली गई थी। 2018 में कांग्रेस को 32 एसटी सीटें मिलीं जबकि भाजपा की सीटें 36 से घटकर 15 पर आ गई थीं। इससे कमलनाथ सरकार बन गई और अब जब भाजपा सरकार वापस सत्ता में आ चुकी है तो वह आदिवासी समाज के वोट को अपने पास करने के लिए तमाम प्रयास कर रही है। बिरसा मुंडा जयंती पर मध्य प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया तो टंट्या भील की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

सीएम हाउस में जनजातीय समाज के लिए लक्ष्मण की प्रतिनियुक्ति
भाजपा की शिवराज सरकार कमलनाथ की सरकार गिरने के बाद जब दोबारा सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने यहां आदिवासी समाज के विशेषज्ञ की पदस्थापना के लिए अधिकारी की तलाश शुरू हुई। नेवी से जनजातीय समाज के अधिकारी लक्ष्मण सिंह मरकाम की प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं ली गईं और सीएम हाउस में वे ओएसडी के रूप में पदस्थ किए गए। लक्ष्मण सिंह मरकाम ने अपने संपर्क को आदिवासी समाज में बढ़ाया। सूत्रों के मुताबिक आदिवासी समुदाय के कांग्रेस समर्थकों पर दबाव बनाने का प्रयास किया और साम-दाम-दंड भेद की नीति पर काम शुरू किया। राजभवन में जनजातीय विषयों पर काम
मध्य प्रदेश के राजभवन में जनजातीय विषयों पर काम करने के लिए एक प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जनजातीय विषयों पर यह प्रकोष्ठ राज्यपाल के निर्देशों पर काम करेगा। इस प्रकोष्ठ में अध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दीपक खांडेकर को छोड़़कर सदस्य सचिव से लेकर विधि सलाहकार सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं। सदस्य सचिव बीएस जामोद तो विधि विशेषज्ञ भग्गू सिंह रावत व दीपमाला रावत, विधि सलाहकार विक्रांत सिंह कुमरे बनाए गए हैं। सहायक ग्रेड 3 के रूप में भी अनुसूचित जनजाति वर्ग की विदिशा कलेक्टर कार्यालय की रश्मि उइके की पदस्थापना की गई है।

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