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संघ की रिपोर्ट से भाजपा की नींद उडी…..?

भोपाल 26 अक्टूबर 2018 । इन दिनों संघ की एक गोपनीय रिपोर्ट से भाजपा आलाकमान व सरकार में बैठे लोगों  की नींद उड गई है। इस रिपोर्ट में स्वयं अधिकांश दिग्गजों  की सीटों पर खतरा बताया है।
हालांकि हम इस सूची की सत्यता की पुष्टि नहीं करते , लेकिन यदि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की यह रिपोर्ट सही है तो भाजपा के लिये यह अच्छा संकेत नहीं है। संघ की यह रिपोर्ट गोपनीयता की फाइल से बाहर भी आ गई है और इसकी प्रतिलिपि कई लोगों तक पहुंच भी गई है।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा , ऐसे होगी भाजपा के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा
भाजपा के प्रदेश चुनाव समिति की बैठक इस महीने में होगी। उसके बाद चयनित नामों को केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाएगा और फिर दिल्ली से ही नामों की घोषणा की। ये कहना है भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर का।
चुनावों के मद्देनजर भाजपा के उम्मीदवारों की सूची के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश चुनाव समिति की बैठक इसी महीने में होगी। इसके बाद इस सूची को केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजा जाएगा। फिर वहां से अनुमोदन के बाद ही प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होगी।
कांग्रेस की लगातार वायरल हो रही प्रत्याशियों की सूची के बारे में पूछे जाने पर तोमर बोले कि उन्हें दूसरी पार्टी की सूची से कोई मतलब नहीं है। वे किसी भी पार्टी की किसी सूची का इंतजार भी नहीं कर रहे।
जयस संगठन के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर तोमर ने कहा कि कांग्रेस के साथ किसी ने गठबंधन नहीं किया। बसपा, सपा और गोंडवाना गणतंंत्र पार्टी तीनों ही कांग्रेस से गठबंधन से इंकार कर चुके थे, ऐसे में जयस के साथ गठबंधन के बाद डूबते को तिनके का सहारा मिल गया है।
मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा पर लगा ब्रेक
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जुलाई महीने से ही ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ कर रहे हैं। सीएम प्रदेश की सभी 230 सीटों पर जनता से आशीर्वाद लेने निकले थे, लेकिन यह यात्रा अपने तय कार्यक्रम के तहत पूरी नहीं हो सकी। गुरूवार को जबलपुर पहुंचे सीएम की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ पर ब्रेक लग गया है। यात्रा का आज कर दिया जाएगा। जो विधानसभा क्षेत्र बचे हैं वहां सीएम चुनाव प्रचार अभियान के तहत जाएंगे। पार्टी की चुनाव की तैयारियों के चलते यात्रा रोकी गई है।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और जन आशीर्वाद यात्रा के प्रभारी प्रभात झा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अटल जी के निधन के बाद पार्टी ने जन आशीर्वाद यात्रा रोक दी थी। इस दौरान करीब सात दिनों तक अटल जी की अस्थी कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें पूरा एक हफ्ता लगा। उसके बाद दुर्गा पूजा, गणेश पूजा के चलते भी जन आशीर्वाद यात्रा में रुकावट आई थी। फिर भी बची हुई सीटों पर मुख्यमंत्री किसी ना किसी रूप में जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिवराज की जन आशीर्वाद यात्रा 182 सीटों तक पहुंची है। जो सीटें बच गईं हैं वह सीएम जल्द ही अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरों में कवर करेंगे।
गौरतलब है कि शुरुआती कार्यक्रम के हिसाब से मुख्यमंत्री 55 दिन राज्य में घूमकर 700 सभाओं के जरिए 230 विधानसभा सीटों में जनता से संपर्क कायम करना था। इसके लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से दो स्पेशल गाड़ियां तैयार की गईं थी। लेकिन 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया था। जबसे प्रदेश में आचार सहिंता लागू है। पहले सीएम की यात्रा के समापन 11 अक्टूबर तक होना था।
शिवराज के खिलाफ शंखनाथ करने वाले कंप्यूटर बाबा की तबीयत बिगड़ी
शिवराज सरकार से नाराज महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा की तबीयत अचानक खराब हो गई है। सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें प्रायवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कंप्यूटर बाबा को गुरुवार दोपहर से सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही थी, शाम को यह समस्या बढ़ने पर बाबा को सुयश अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है।राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद बाबा ने शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 23 अक्टूबर को बाबा ने इंदौर में संत समागम सम्मेलन का आयोजन कर शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा था।
बाबा विपिन बिहारी ने की टिकट की दावेदारी, मंत्रोच्चार से गूंजा बीजेपी कार्यालय
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार राजनेताओं के अलावा साधु संतों और बाबाओं ने भी ताल ठोक दी है। इस बार सियासत पर धर्म नहीं बल्कि धर्म पर सियासत का रंग चढ़ता दिख रहा है। अभी तक बीजेपी के सामने अपनी ही पार्टी के दावेदारों के निपटने की चुनौती थी, लेकिन अब चुनावी रण में बाबाओं ने भी एंट्री ली है। गुरूवार को बीजेपी प्रदेश कार्यलय में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां सागर जिले से बाबा विपिन बिहारी अपने पंंडित साथियों के साथ कार्यलय पहुंचे। यहां उन्होंने मंत्रोच्चार कर पार्टी के सामने सागर से दावेदरी ठोकी। साथ ही पार्टी के ही विधायक की मुश्किलें भी बढ़ा दी। उन्होंने जैन समाज की जगह ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को टिकट देने की अपील की है।
बाबा विपिन बिहारी ने कहा कि इस बार सागर विधानसभा से ब्राह्मण जाति के उम्मीदवार को टिकट दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने खुद के लिए भी टिकट की मांग की है। उन्होंने जैन समाज के बजाए ब्राह्मण जाति के उम्मीदवार को टिकट दिए जाने की मांग की। उन्होंने इस दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत से मुलाकात करने की मंशा जाहिर की। सरकार लगातार साधू, संतों को लोकर चिंता में है। पहले कंप्यूटर बाबा ने सीएम शिवराज पर गंभीर आरोप लगाकर राज्य मंत्री का दर्जा ठुकराकर इस्तीफा दे दिया। अब एक और बाबा ने प्रदेश कार्यलय में प्रकट होकर पार्टी की चिंता बढ़ा दी।
बाबा बिहारी की एंट्री से पूरे कार्यलय में हड़कंप मच गया। बाबा ने कार्यलय में पहुंचते ही मंत्रोच्चारण करना शुरू कर दिया। जिसे देख वहां मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता हैरान रह गए। कोई समझ नहीं पाया हो क्या रहा है। कुछ देर बाद बाबा बिहारी ने अपने टिकट की दावेदारी को लेकर सुहास भगत से मिलने की बात कही। लेकिन उनके वहां मोजूद नहीं होने से यह मुलाकात टल गई। हालांकि, बाबा ने कार्यलय छोड़ने से पहले बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस बार ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया गया तो बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में शिवराज सरकार ने पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। जिसके बाद मप्र में विभिन्न मुद्दों पर काम कर रहे साधु-संतों की सियासी महत्वाकांक्षा जाग उठी है। कई साधु-संत अपने समर्थकों के जरिए भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। कुछ तो कह रहे हैं कि यदि भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। साधु-संत भी सियासत में अपना स्थान देखने लगे हैं और कुछ ने तो चुनाव लड़ने का एलान भी कर दिया है। वहीं कई अपने समर्थकों के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
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