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डेढ़ महीने पहले घोषित कर देंगे 230 सीटों पर प्रत्याशी : ज्योतिरादित्य

जबलपुर 16 जुलाई 2018 । विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तैयारी तेजी से बढ़ रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जबलपुर में उन्होंने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर संभागीय चुनाव प्रचार अभियान समिति की बैठक भी ली। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बार प्रदेश की सभी 230 सीटों पर डेढ़ महीने पहले ही विधानसभा उम्मीदवार घोषित कर देगी।

इसके अलावा 30 प्रतिशत नए चेहरों को टिकट देगी। नए चेहरे का आशय विधानसभा चुनाव न लड़ने वाले प्रत्याशी से है। टिकट उसे दिया जाएगा जो जिला पंचायत सदस्य या निकाय का चुनाव लड़ा हो। सिंधिया ने कहा कि टिकट वितरण में समाज, जाति, वर्ग को भी अहमियत दी जाएगी।

शिवराज रथ से उतरकर ज़मीन पर चले तो अमेरिका-लंदन सब दिख जायेंगे: कमलनाथ

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जनआशीर्वाद यात्रा पर निकले शिवराज द्वारा प्रदेश की सड़कों की तुलना अमेरिका से करने के बाद अब मालवा को लंदन बनाने की घोषणा पर कहा कि शिवराज हाईटेक, सर्वसुविधायुक्त रथ पर सवार है, यदि वो रथ छोड़कर ज़मीन पर आ जाये तो चंद किलोमीटर की दूरी पर ही उन्हें प्रदेश की सड़कें व स्थिति, अमेरिका-लंदन सब दिखा देंगी। शिवराज को प्रदेश की तुलना अमेरिका-लंदन से करना छोड़, प्रदेश का मज़ाक़ उड़ाना अब बंद करना चाहिये।

नाथ ने कहा कि शिवराज कहते हैं कि उनके रथ में कौन बैठेगा, तो पहले शिवराज यह तो बता दे कि शिवराज के रथ में उनके अलावा क्या प्रदेश का ग़रीब, किसान, मज़दूर, बेरोज़गार युवा बैठा है? 20 फ़िट ऊँचे रथ पर बैठकर वो ज़मीन पर खड़ी जनता को आशीर्वाद देने निकले हैं या आशीर्वाद लेने? यह तो जन आशीर्वाद नहीं, ज़बरन का आशीर्वाद है। नाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा शिवराज को किसान पुत्र व उनकी सरकार को किसानों की सरकार बताने पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि:-
ऽ जो प्रदेश देश में किसानों की आत्महत्या में अव्वल हो? ऽ जिस प्रदेश का किसान पुत्र मुखिया ख़ुद किसानों से कहे कि खेती घाटे का सौदा बन चुकी है, किसान खेती छोड़ नौकरी-उद्योग लगाये।
ऽ जिस प्रदेश में अपना हक़ माँगने पर किसानों के सीने पर गोलियाँ दाग़ी जाती हों और दोषियों को कोई सज़ा नहीं। जाँच रिपोर्ट में भी दोषियों को क्लीनचिट?
ऽ जिस प्रदेश में किसानों को थाने में कपड़े उतारकर बंद कर पिटा जाता हो?
ऽ जिस प्रदेश में अपने हक़ के लिये आंदोलन कर रहे किसानो से शांति भंग के बांड भरवाए जाते हों?
ऽ जिस प्रदेश में किसानों का क़र्ज़ माफ़ी से सरकार साफ मना कर देती है? क्या वहाँ एक किसान पुत्र व किसानों की सरकार हो सकती है? प्रदेश के किसान, इस किसान विरोधी सरकार को इस चुनाव में उखाड़ फेंकेंगे।
नाथ ने कहा कि कांग्रेस का सेनापति तो किसान, बेरोज़गार युवा, अपनी सुरक्षा माँग रही बहनें, शिवराज सरकार से हर वर्ग सताया है, लेकिन भाजपा में तो कोई सेनापति ही नहीं है। ख़ुद अमित शाह कह चुके है कि हमारा चेहरा शिवराज नहीं संगठन होगा। बेहतर हो शिवराज कांग्रेस की छोड़, अपनी पार्टी की चिंता करें।

MP, छत्तीसगढ़ में गठबंधन के पक्ष कांग्रेस

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में इन तीनों राज्यों में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी से गठबंधन की तैयारियों में जुट गए हैं। राहुल दलित मतदाताओं को साथ लेने के मकसद से बसपा के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रहे हैं। इसी सिलसिले में राहुल ने शनिवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। राहुल गांधी ने इन तीन राज्यों के नेताओं से कहा है कि वे इस संदर्भ में अगले कुछ दिनों के भीतर ‘जमीनी ब्यौरा’ सौंपें।

राहुल के साथ बैठक में मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट तथा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश पटेल मौजूद थे। बैठक में बसपा के साथ गठबंधन के अलावा संगठन, चुनाव प्रचार की तैयारियों और टिकटों के आवंटन को लेकर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘‘तीनों राज्यों में बसपा के साथ गठबंधन पर जहां मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष भूपेश पटेल पक्ष में है जबकि राजस्थान के अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस पर सहमति नहीं जताई है।

राहुल ने 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
राहुल ने पार्टी नेताओं से 15 दिनों में इन तीनों राज्यों में चुनावी गठजोड़ की संभावनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही पूछा है कि यहां बसपा की क्या स्थिति है और सीटों के तालमेल में सही सूरत क्या होगी।’’ सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बसपा के साथ बातचीत पिछले कुछ महीने से चल रही है, लेकिन सीटों के तालमेल को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। चर्चा के दौरान मौजूद रहे एक अन्य नेता ने बताया, संसद सत्र के बाद राहुल गांधी के चुनावी कार्यक्रम इन तीनों राज्यों में जोरशोर से शुरू हो जाएंगे और कांग्रेस अध्यक्ष खुद चुनावी कैंपेन में उतरेंगे। अगर कांग्रेस-बसपा का गठजोड़ हो जाता है तो भाजपा के लिए समस्या खड़ी हो सकती है।

कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व जज, सुप्रीम कोर्ट भी हैरान

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस में शामिल हुए एक रिटायर जज को महाराष्ट्र सरकार और राज्य सहकारी बैंक के बीच मध्यस्थता के लिए गठित पैनल से हटा दिया है. दरअसल राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज अभय एम थिपसे कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया.

राज्य सरकार के वकील ने थिपसे के कांग्रेस में जुड़ने का पत्र जब कोर्ट में सौंपा तो वहां मौजूद सभी जज मुस्कुरा उठे. बेंच ने भी इसके लेकर अचंभित होते हुए टिप्पणी की, ‘क्या! वह एक राजनीतिक दल में शामिल हो गए हैं. यह अक्सर नहीं होता है. हमें पत्र दिखाएं.’

राज्य सरकार और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के बीच राजकोषीय विवादों में मध्यस्थता करने के लिए थिपसे को अप्रैल में दावा समिति के न्यायिक सदस्य के रूप में नामित किया गया था. उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मनोनीत एक अन्य विशेषज्ञ के साथ मिलकर राज्य सरकार द्वारा बैंक को देय राशि के विवाद सुलझाने का जिम्मा दिया गया था.

थिपसे ने ‘फांसीवाद और असहिष्णुता के खिलाफ लड़ाई’ के लिए जून में कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तब औपचारिक रूप से पार्टी में उनका स्वागत किया. वहीं इस बारे में पता चलने पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एसजे वाजिफदार को समिति के नए सदस्य के रूप में नामित करने का फैसला किया.

अदालत के आदेश में कहा गया है, ‘9 जुलाई, 2018 के एक पत्र को हमारे सामने रखा गया है, जिसके मुताबिक जस्टिस अभय एम थिपसे एक राजनीतिक दल में शामिल हो गए हैं. ऐसे में हम अब पंजाब के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसजे वाजिफदार की नियुक्ति करते हैं.’

संभावित हार के डर से BJP इसी साल करा सकती है लोकसभा चुनाव: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विकास के नाम पर लोगों को बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि चुनावों में संभावित हार के डर से भाजपा साल के अंत तक आमचुनाव के साथ-साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान विधानसभा चुनाव भी करा सकती है।

मायावती ने कहा कि मोदी ने ‘विकास’ के भ्रमित करने वाले राग काे छाेड़कर जातिवादी एवं सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की है। मोदी की घटती लोकप्रियता से बौखलाई भाजपा काफी हताश है अौर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ एवं राजस्थान विधानसभा के साथ ही लाेकसभा का आमचुनाव भी समय से कुछ पहले इस वर्ष के अंत तक करा सकती है। जम्मू-कश्मीर मे महबूबा मुफ्ती की सरकार को गिराकर भाजपा इसकी भूमिका पहले ही तैयार कर चुकी है।

आजमगढ और मिर्जापुर में मोदी के भाषण काे चुनावी जुगाड़ वाला करार देते उन्होंने कहा कि कर्नाटक में साम, दाम, दंड, भेद सभी प्रकार के हथकंडे अपनाने के बावजूद वहां सरकार नहीं बनाने के कारण भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कुंठा और हताशा से ग्रसित प्रतीत हाे रहा है। ओछी चुनावी राजनीति के लिए मैदान तैयार करने के क्रम में देश को जातिवाद, साम्प्रदायिक तनाव आैर हिंसा की आग में झाेंकने का प्रयास सरकारी संरक्षण में लगातार कर रहा है।

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