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पाक, बांग्लादेश से आए मुस्लिम घुसपैठियों को भगाने के लिए करेंगे केंद्र का समर्थन: राज ठाकरे

नई दिल्ली 18 फरवरी 2020 । महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर केंद्र सरकार को समर्थन देने की बात कही है। मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि सीएए पर बहस हो सकती है, लेकिन हम किसी ऐसे व्यक्ति को देश में शरण क्यों दें, जो अवैध रूप से बाहर से आया हो?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए मुस्लिम घुसपैठियों को देश से बाहर करने के लिए हम केंद्र सरकार का समर्थन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, मैं कुछ मुद्दों पर राज्य के गृहमंत्री या मुख्यमंत्री से मिलूंगा। भारत के मुस्लिम मौलवी दूसरे देशों में जाते हैं, किसी को नहीं पता कि वे क्या करते हैं, यहां तक कि पुलिस भी नहीं जा सकती।राज ठाकरे ने आगे कहा कि हम नौ फरवरी को पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए एक विशाल रैली का आयोजन करेंगे।

राज ठाकरे के बेटे की राजनीति में एंट्री
राज ठाकरे ने गुरुवार को मुंबई में पार्टी के पहले महाधिवेशन पर नया झंडा लॉन्च किया। यह वही झंडा है, जिसकी तस्वीरें दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। साथ ही एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को भी आज पार्टी में शामिल किया गया है।

एमएनएस के पांच रंग के झंडे को अब भगवा रंग दिया गया है और इस झंडे में शिवाजी महाराज के शासनकाल की मुद्रा प्रिंट है। झंडे पर संस्कृत में श्लोक लिखा गया है- ‘प्रतिपच्चन्द्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववन्दिता, शाहसूनो: शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते।’

झंडे को लॉन्च करने से पहले राज ठाकरे ने अपने चाचा बाल ठाकरे को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि आज बाल ठाकरे की 94वीं जयंती है। हाल में हुई महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एमएनएस ने 101 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन उन्हें केवल एक सीट पर जीत मिली।

PAK के समर्थन में लगाए नारे, कश्मीरी स्टूडेंट्स को भेजा गया जेल

कर्नाटक के हुबली में तीन कश्मीरी स्टूडेंट्स ने पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की है. इसका वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदूवादी संगठनों और वकीलों ने केएलईएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बाहर प्रदर्शन किया. विरोध बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी तीनों कश्मीरी छात्रों को हिरासत में ले लिया. इसके बाद तीनों को कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इन तीनों कश्मीरी छात्रों को पहले भी कर्नाटक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. इन छात्रों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यह पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे. बाद में सीआरपीसी की धारा 169 के तहत एक बॉन्ड भरने के बाद तीनों छात्रों को रिहा किया गया था. इसके बाद फिर रविवार को तीनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया. जेल भेजे जाने से पहले हुबली के पुलिस कमिश्नर रामास्वामी दिलीप ने कहा कि तीन संदिग्धों से पाकिस्तान समर्थक व आजादी के नारे शुक्रवार को उनके कॉलेज में लगाए जाने को लेकर पूछताछ की जा रही है. तीनों की पहचान अमीर, बासित व तालिब के रूप में हुई है. ये कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले हैं. इन पर केएलईएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की शिकायत पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाकर सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 की तहत मामला दर्ज की किया गया है. यह धारा राज्य के खिलाफ अपराधों से जुड़ी है.

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