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पूछताछ में 7 आईएएस का नाम लेकर खुद ही फंस गए चिदंबरम!

नई दिल्ली 24 अगस्त 2019 । पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से सीबीआई की पूछताछ जारी है। सीबीआई उस दौर में वित्त मंत्रालय के भीतर चल रहे रिश्वत के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति विदेशी निवेश के नियमों में ढील करवाकर भारी हेर फेर किया करते थे। सूत्रों के मुताबिक पी चिदंबरम ने इस सब का ठीकरा आईएएस अधिकारियों पर फोड़ दिया है।

सीबीआई चिदंबरम से आईएनएक्स मीडिया को मिले एफआईपीबी अप्रूवल के बारे में पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक पी चिदंबरम ने इसका जिम्मेदार एफआईपीवी बोर्ड को बता दिया है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने 7 आईएएस के नाम लिए हैं जो इस बोर्ड का हिस्सा हुआ करते थे। इसमें पूर्व डीईए सचिव और आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव का नाम भी शामिल है। चिदंबरम ने कहा है कि इस ये सभी आईएएस इसी एफआईपीबी बोर्ड का हिस्सा थे। इन की सहमति के बाद ही वे अंतिम स्वीकृति देते थे।

मगर यहीं सबसे बड़ा पेच है क्योंकि एफआईपीबी बोर्ड के अधिकारी पहले ही ईडी के सामने अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं। इस बयान में उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि किस तरह से बोर्ड को अंधेरे में रखकर चिदंबरम ने मनमाने फैसले किए। यह फैसले पूरी तरह से नियम कानूनों को ताक पर रखकर लिए गए। तत्कालीन डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी डी सुब्बाराव ने ईडी के सामने लिखित बयान में दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। वे उस कार्यकाल में एफआईपीबी बोर्ड के एक्स ऑफीशियो चेयरमैन थे।

सुब्बाराव ने बताया की आईएनएक्स मीडिया में डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट की जानकारी बोर्ड को नहीं दी गई थी। बोर्ड के सामने जो कागजात लाए गए, उसमें कोई भी अनियमितता नहीं थी। उधर एफआईपीबी यूनिट के तत्कालीन इंचार्ज दीपक कुमार सिंह ने भी इस बात का खुलासा किया कि आईएनएक्स मीडिया ने डाउनस्ट्रीम इन्वेस्टमेंट के लिए इजाजत नहीं ली थी। ऐसे में सवाल यही खड़ा होता है कि 4.62 करोड़ के स्वीकृत विदेशी निवेश की जगह आईएनएक्स मीडिया में 305 करोड़ का निवेश कैसे आ गया? चिदंबरम इसी सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

इधर विदेश गए मोदी, उधर भाजपा के लिए आ गई ये बहुत बड़ी खुशखबरी

प्रधानमंत्री दूसरे देशों से भारत के संबंध मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी वजह से वो अपनी दो दिवसीय यात्रा पर विदेश दौरे पर निकल गए हैं। सबसे पहले वो फ्रांस पहुंचे और वहां से अब यूएई के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर निकले और इधर भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है।

फ्रांस में भारतीय समुदाय को किया संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जैसे ही फ्रांस पहुंचे, वहां पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। पीएम मोदी का वहां रहने वाले वोहरा मुसलमान समुदाय के लोगों ने तो तिरंगा लहराकर स्वागत किया। इस अवसर पर मोदी वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करने से नहीं चूके। उन्होंने अपने संबोधन में इशारों में कश्मीर और अनुच्छेद 370 का भी जिक्र किया और बोले कि अब भारत में कुछ भी अस्थाई नहीं रहने वाला है।

जानें मोदी के विदेश जाते ही भाजपा के लिए आई कौन सी खुशखबरी
इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर निकले और उधर भारत में भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आ गई। भाजपा ने जो सदस्यता अभियान चलाया है उसका ताजा आंकड़ा सामने आ गया है और भाजपा को बड़ी खुशखबरी मिली है। सिर्फ डेढ़ महीने में बीजेपी ने तीन करोड़ 80 लाख नए सदस्यों को अपने साथ जोड़ लिया है। अब पार्टी के सदस्यों की संख्या 14 करोड़ 80 लाख हो गई है। जबकि साल 2015 में ये संख्या 11 करोड़ थी।

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