मुख्य पृष्ठ >> Uncategorized >> मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किया लोकसभा चुनाव-प्रचार का शंखनाद

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किया लोकसभा चुनाव-प्रचार का शंखनाद

नई दिल्ली 13 मार्च 2019 । प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज दमोह से लोकसभा चुनाव-प्रचार का शंखनाद करते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को छह हजार रूपये प्रतिवर्ष देने का एलान कर उनका अपमान किया है। प्रधानमंत्री ने 15 लाख रुपये देने का वादा किया था लेकिन नोटबंदी कर उन्होंने देश की जनता की थोडी-थोडी कर की गई बचत की रकम भी लूट ली। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने फिजूलखर्ची कर प्रदेश का खजाना खाली कर दिया। इस खाली खजाने के बीच हमने 25 लाख किसानों का कर्जा माफ किया है और अब हम मध्यप्रदेश में विकास का ऐसा इतिहास बनाएंगे जिसमें नौजवानों के पास काम होगा, किसानों के पास दाम होगा और महिलाओं सहित हर वर्ग का सम्मान होगा। श्री नाथ आज दमोह में विशाल आम सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की लोकसभा चुनाव का एलान होने के बाद पहली आमसभा है।
कमलनाथ ने कहा कि मात्र 80 दिन में हमने बताया है कि मंत्रालय से सरकार चलती है न कि फोटो समारोह या ढोल-मंजीरों से। उन्होंने कहा कि 80 दिन में नई सरकार ने काम करके बताया है। सबसे बड़ी चुनौती हमारे वचन-पत्र का पहला बिन्दु किसानों का कर्ज माफी था। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी की घोषणा थी, जिसे पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
श्री नाथ ने मोदी सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि एक ओर राहुल गांधी जी लागत से कम मूल्य मिलने के कारण किसानों के सिर पर लदे कर्ज को उतारने के लिये उसे माफ करने की घोषणा कर रहे हैं तो दूसरी ओर हमारे देश के प्रधानमंत्री सिर्फ साल भर में छह हजार रुपये किसानों को देकर अपनी पीठ खुद थपथपा रहे हैं। जितना वे किसानों को दे नहीं रहे हैं, उससे अधिक उन्होंने अपनी इस घोषणा के प्रचार पर खर्च कर दिया। वे किसानों को प्रतिदिन 17 रुपये देकर कह रहे हैं कि अच्छे दिन आएंगे। अच्छे दिन तो सिर्फ भाजपा के नेताओं के आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े नारे देकर प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को धोखा दिया है। आज देश में युवाओं को काम नहीं मिला, बल्कि बड़े पैमाने पर उनसे रोजगार छीन लिया गया है।
श्री नाथ ने कहा किसान का जन्म कर्ज में होता और मृत्यु भी कर्ज में ही होती है। हम वचनवद्ध हैं कि किसानों के सिर से कर्ज का बोझ उतारेंगे। लगभग 24 लाख किसानों के कर्ज माफ करने की प्रकिया पूरी कर ली है। उन्होंने कहा मैं वचन देता हूँ कि कृषि के क्षेत्र में नई क्रांति लाई जायेगी। प्रदेश के 70 प्रतिशत लोग कृषि से जुड़े हैं। किसानों को फसल की सही कीमत मिले, यह हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा किसानों को धान और उड़द की पूरी कीमत दी जायेगी।
श्री नाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार के पाँच साल और 80 दिन की मध्यप्रदेश सरकार की तस्वीर आपके सामने हैं, सच्चाई को समझिये, अपनाईये और सच्चाई का साथ दीजिये। उन्होंने कहा आपने प्रदेश में जो विश्वास कांग्रेस पार्टी को दिया है उसे अधूरा मत छोड़िये। मेरा विश्वास है, जिस प्रकार मध्यप्रदेश की विधानसभा में कांग्रेस का झंडा लहरा रहा है, उसी प्रकार संसद में भी लहरायेगा।

BJP का वार रूम 150 प्रोफेशनल के साथ सक्रिय

भाजपा का वार रूम लोकसभा चुनावों की घोषणा के छह महीने पहले से ही काम कर रहा है। लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही यह भी वार मोड में आ गया है। पार्टी के पुराने मुख्यालय 11 अशोक रोड में काम कर रहे इस वार रूम में विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 150 प्रोफेशनल काम कर रहे हैं। वार रूम में चुनाव क्षेत्र, उम्मीदवार, राजनीतिक माहौल समेत विभिन्न मुद्दों पर डाटा संग्रह, डाटा विश्लेषण, अनुसंधान आदि का काम किया जा रहा है। समय समय पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी वार रूम का दौरा करते हैं।

भाजपा का मुख्यालय साल भर पहले ही 11 अशोक रोड से अपने नए खुद के बनाए 6 ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर आ चुका है। ऐसे में पुराने दफ्तर को वार रूम में तब्दील कर दिया गया है। वार रूम नए मुख्यायल में बने आईटी रूम से पूरी तरह से कनेक्ट है जिससे वहां का सारा डाटा नए कार्यालय में भी देखा जा सकता है। वार रूम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी समय समय पर बुलाया जाता है। समय-समय पर केंद्रीय पदाधिकारी व मंत्री भी वार रूम में आते हैं।

आसान नहीं है वार रूम तक पहुंच

वार रूम में पार्टी के आम कार्यकर्ता या बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। वहां से सभी कर्मचारियों को एक्सेस कार्ड के जरिए प्रवेश मिलता है। लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही वार रूम की सक्रियता भी बढ़ गई है। वार रू में चरण वार मतदान को लेकर उस चरण में आने वाले राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों का डाटा अपडेट किया जा रहा है। वार रूम राज्यों के पार्टी के डाटा केंद्रों से भी जुड़ा है। इसमें चुनाव प्रचार के दौरान जीपीएस का उपयोग भी किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर भी हो रहा है काम

वार रूम में सोशल मीडिया को लेकर भी अलग से काम हो रहा है। फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि पर पार्टी पूरी तरह से सक्रिय है। पार्टी इन माध्यमों पर ट्रेंड का अध्ययन कर रही है और अपने कॉडर व समर्थकों को और ज्यादा सक्रिय कर रही है। मोदी है तो मुमकिन को केंद्र में रखकर सारा अभियान केंद्रित किया जा रहा है।

बाबूलाल गौर बोले 10 बार विधानसभा देख ली अब दिल्ली देखना है

अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले और पिछले कुछ समय से लोकसभा चुनाव में खुद के लिए टिकट हासिल करने को लेकर पार्टी के आलाकमान पर दबाव की राजनीति करने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर एक बार फिर चर्चा में हैं.

बाबूलाल गौर ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही एक बार फिर लोकसभा चुनाव के लिए ताल ठोकते हुए कहा, ‘दिल्ली अब दूर नहीं. मध्य प्रदेश की विधानसभा तो 10 बार देख ली अब दिल्ली देखने की इच्छा है.’ बाबूलाल गौर ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव आ गया है और मुझे उम्मीद है कि पार्टी मुझे लोकसभा का टिकट जरूर देगी.’

पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने अपने इस बयान के पीछे तर्क दिया कि बीजेपी के कार्यकर्ता महाकुंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भोपाल आए थे तो उन्होंने कहा था, ‘बाबूलाल गौर, एक बार और’.

आपको बता दें कि बाबूलाल गौर इससे पहले भी कई बार चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी गौर ने खुद के लिए टिकट मांगा था, लेकिन उम्र का हवाला देकर उन्हें टिकट नहीं दिया गया. इसके बाद गौर ने पार्टी पर दबाव बनाया और बहू कृष्णा गौर के लिए गोविंदपुरा सीट से टिकट ले लिया.

चुनाव को लेकर कांग्रेस से ऑफर

विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद बाबूलाल गौर लोकसभा चुनाव के लिए भी प्रेशर पॉलिटिक्स में लगे हैं. विधानसभा चुनाव के बाद से गौर लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनके बेटे जयवर्द्धन सिंह, अजय सिंह (राहुल), जीतू पटवारी और हर्ष यादव समेत कई नेता उनसे मिल चुके है.

बाबूलाल गौर तो यहां तक दावा कर चुके हैं कि दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर तक दिया है. बाबूलाल भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से 10 बार विधायक रह चुके थे और अब उनकी बहू कृष्णा गौर उसी सीट से विधायक हैं.

देश में 35 करोड़ सोशल मीडिया यूजर्स, PM मोदी के साथ कितने..

सोशल मीडिया ने देश की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाई है। लोकसभा चुनाव 2014 में पहली बार देश की राजनीति में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका देखी गई। साथ ही पिछले पांच साल में देश में कई बड़े तकनीकी बदलाव आये हैं। देश में मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या भी बड़ी तेजी से बढ़ी है।

‘स्टेटिस्टा’ और ‘द स्टेटिस्टिक्स’ पोर्टल की रिपोर्ट
दुनियाभर में बदलते ट्रैंड, तकनीक, अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा आदि पर सर्वे और तथ्यपरक आंकड़े देने वाली पोर्टल ‘स्टेटिस्टा’ और ‘द स्टेटिस्टिक्स’ पोर्टल पर एक रिपोर्ट में ये आंकड़े पेश किये गए हैं। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनावों में सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण भूमिका में रहेगा। देश में पिछले पांच साल में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 35 करोड़ को पार कर गई है। 2014 में ये 10 करोड़ ही थी। एयर स्ट्राइक और पाकिस्तान वाले मुद्दे के बाद लोगों में पीएम नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है। अब ये एक बड़ा प्रश्न है कि 35 करोड़ इंटरनेट यूजर्स में से पीएम नरेन्द्र मोदी को कितने यूजर्स वोट देंगे?

2014 तक देश की कुल आबादी का 20 फीसदी हिस्सा इंटरनेट सेवी
देश में पिछले लोकसभा चुनावों तक, यानी वर्ष 2014 तक भी इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोग कुल आबादी के 20 फीसदी के बराबर भी नहीं थे। सोशल नेटवर्क से तो दस फीसदी लोग भी नहीं जुड़े हुए थे। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस सहित कई बड़े राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया के माध्यम से वोटर को प्रभावित करने में बड़ी ताकत झोंकी थी।

स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग से मिला मंच
इसमें खास तौर से भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली। पिछले पांच सालों में सोशल मीडिया की खुद की ताकत भी जबर्दस्त तरीके से बढ़ गई है। स्मार्ट मोबाइल फोन का उपयोग बढ़ने के कारण इसका कैनवास बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पार्टियों के लिए यह और भी बड़ा मंच हो गया है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

PM मोदी ने कमला हैरिस को ऐतिहासिक चुनाव जीतने की दी बधाई, भारत आने का दिया न्योता

नई दिल्ली 24 सितम्बर 2021 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला …