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मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारियों पर केस खत्म करने का दबाव बना रहे

भोपाल 30 मार्च 2019 । भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से सत्ताधारी कांग्रेस के सांसद और विधायक द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें की हैं। पार्टी की ओर से इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है।

मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारियों पर केस खत्म करने का दबाव बना रहे

निर्वाचन आयोग को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि धरमपुरी जिला-धार के विधायक पांचीलाल मेढ़ा और उनके समर्थक के विरूद्ध धामनोद में शराब ठेकेदार के साथ अपहरण, मारपीट और 20 लाख रूपये की फिरोती मांगने का आरोप लगाया गया था। किस प्रकार से राजनेता अपना और अपने समर्थकों के द्वारा किये गये अपराध को छिपाने के लिए धारा 144 के लगने के बाद भी अवैध समूह बनाकर थाने पर जाकर और पुलिस थाना जो कि शासकीय संपत्ति है वहां पर अभद्र आचरण करना, पुलिस अधिकारियों पर केस खत्म करने का दबाव डालना और आज फिर मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ पर दबाव डालना कि अगर यह केस समाप्त नही किया गया तो वह इस्तीफा दे देगें। इतने गंभीर अपराध होने के बाद भी कार्यवाही न होना और पुलिस प्रशासन पर दबाना बनाना भी आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। पार्टी ने पांचीलाल मेढ़ा के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के आरोप दर्ज कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

धार्मिक मान्यता के आधार पर वोट मांग रहे

शिकायत में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य श्री दिग्विजय सिंह भोपाल लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किये गये है और श्री दिग्विजय सिंह अपना चुनाव प्रचार प्रारंभ करने के लिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर जूलूस के रूप में दिनांक 29/3/2019 दिन शुक्रवार को सीहोर रोड़ स्थित फंदा के हरिहर मठ में जनता के सामने मठ मंदिर में पूजा अर्चना कर चुनाव प्रचार किया। आज दिनांक 29/3/2019 के प्रदेश टाइम के प्रथम पृष्ठ पर छापे गये है जो कि आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। कार्यकर्ता के झुण्ड बनाना, जुलूस के रूप में हरिहर के मठाधीश के समक्ष कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करना, जो कि इतने लोगों की उपस्थिति को दर्शाता है कि श्री दिग्विजय सिंह धार्मिक मान्यता के आधार पर वोट मांग रहे है यह भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। श्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ आरोप दर्ज कर कार्यवाही करने की मांग की।

चिकित्सा प्रकोष्ठ 30 मार्च को प्रदेश भर में धरना देकर ज्ञापन सौंपेगा

भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. लक्ष्य भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा गरीबों के हित में लागू की गयी दीनदयाल उपचार योजना को कांग्रेस सरकार द्वारा बंद करने से लाखों निर्धन परिवारों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सा प्रकोष्ठ 30 मार्च को कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदेश के सभी जिलों में प्रत्येक शासकीय चिकित्सालयों के सामने विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन करेगा। धरने के पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा जायेगा।

बेहतर होगा राहुल गांधी से माफी मांग कर घर बैठें दिग्विजय सिंह: आलोक संजर

दिग्विजयसिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए जिन-जिन लोगों और वर्गों का नुकसान किया है, जिन्हें परेशान किया है, उनकी सूची बहुत लंबी है। दिग्विजयसिंह अपने इन कर्मों के लिए किस-किस से माफी मांगेंगे। अब उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे राहुल गांधी से माफी मांग कर घर बैठें। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद श्री आलोक संजर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह द्वारा राजधानी भोपाल में सरकारी कर्मचारियों से माफी मांगने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों से अपने पिछले व्यवहार के लिए माफी मांगी थी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं सासंद श्री आलोक संजर ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों को परेशान करना मि.बंटाढार का एक कारनामा था, उन्होंने प्रदेश की जनता पर और भी कई जुल्म किए थे। उन्होंने प्रदेश की अधोसंरचना की दुर्गति कर दी थी, जिससे प्रदेश बरसों पीछे चला गया। उन्होंने दो घंटे की बिजली के लिए प्रदेश के लोगों से 10-10 घंटे इंतजार कराया। उन्होंने सरकारी नौकरियों पर रोक लगाकर उस समय के युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं में अड़ंगा लगाकर प्रदेश की कृषि के विकास को रोक दिया। उन्होंने अपनी सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले से पूरे समाज का बंटाढार कर दिया था। श्री संजर ने कहा कि प्रदेश को बरबादी के रास्ते पर ले जाने वाले दिग्विजयसिंह किस-किस से माफी मांगेंगे। यदि वे ऐसा कर भी लें, तो प्रदेश की जनता को उनके कार्यकाल के दौरान हुई आम लोगों की दुर्गति अभी भी याद है और वह उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

भारतीय जनता पार्टी ने की निर्वाचन आयोग से शिकायतें

भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से सत्ताधारी कांग्रेस के नेताओं, मंत्रियों द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें की हैं। पार्टी की ओर से इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है।

जातिवाद, सांप्रदायिकता भड़का रहे कांग्रेस नेता

निर्वाचन आयोग को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि हिन्दू मतदाताओं के वोट कबाड़ने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी जिस प्रकार से हिन्दुवादी होने का महत्व देकर प्रचार रही है वह आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के मंत्री एवं दिग्विजयसिंह के सुपुत्र श्री राज्यवर्धन सिंह ने बार-बार दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा को लेकर प्रचार किया जा रहा है। वहीं, मीडिया विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्री के.के.मिश्रा ने वक्तव्य दिया कि ‘‘दिग्विजय सिंह से कोई बड़ा हिन्दुवादी नेता नही है। इसी तरह प्रदेश सरकार के मंत्री आरिफ अकील ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि दिग्विजय सिंह से बड़ा कोई हिन्दुवादी नेता नहीं है। इस प्रकार के राजनैतिक बयान से कांग्रेस नेताओं द्वारा धार्मिक, जातिवादी भावना और साम्प्रदायिकता को भड़काकर हिन्दू समाज के मतदाताओं को लुभाने का प्रयत्न किया जा रहा है जो आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है, जिस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

बिना अनुमति भंग कर दिया उड़न दस्ता

भारतीय जनता पार्टी की ओर से शिकायत की गई है कि पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम हेतु शासन ने 6 उड़नदस्ते का गठन किया था। लेकिन शासन के एक मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने तथा चुनावी चंदा एकत्रित करने के उद्देश्य से खनिज मंत्री से चर्चा कर इन्दौर संभाग के उड़नदस्ते को भंग कराया, जिससे अवैध उत्खन्न को प्रोत्साहन मिल सके। यह आदेश आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के पश्चात 23 मार्च को जारी किया गया है, जबकि इस संदर्भ में आयोग से अनुमति लेना आवश्यक था। बिना अनुमति उड़नदस्ते को भंग कर अधिकारी-कर्मचारियों को बिना आयोग की अनुमति के अन्यत्र स्थानों पर पदस्थ करना आदर्श आचार संहिता एवं आयोग के द्वारा दिये गये आदेश-निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है। कांग्रेस पार्टी के द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के आशय से एवं प्रदेश के राजस्व को हानि पहुंचाने के दूषित मंतव्य से प्रेरित होकर यह आदेश जारी किया गया है जो अवैध है और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है, जिसे तत्काल रोका जाना लोकहित में आवश्यक है। पत्र में मांग की गई है कि आदेश जारी करने वाले अपर सचिव राजेश कौल, विभाग के प्रमुख सचिव एवं सहमति देने वाले मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने अपनी और बेटे की सुविधा से तैनात किए पुलिस अफसर

भारतीय जनता पार्टी ने शिकायत की है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने गृह जिले छिंदवाड़ा से उपचुनाव लड़ रहे हैं एवं उनके बेटे नकुलनाथ लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने और अपने बेटे की सुविधा की दृष्टि से जिले में पुलिस अधीक्षक से लेकर निचले स्तर तक के पुलिस अधिकारी अपनी मनमर्जी से तैनात किए हैं। शिकायत के साथ इन अधिकारियों की जानकारी भी आयोग को दी गई है। पत्र में कहा गया है कि श्री मनोज कुमार राय को पुलिस अधीक्षक छिन्दवाड़ा पदस्थ किया गया है जो पुलिस अधीक्षक के रूप में उनका प्रथम जिला है। श्री मनोज कुमार राय पुलिस अधीक्षक छिन्दवाड़ा के पद पर पदस्थापना के पीछे यह तथ्य है कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के खिलाफ वाराणसी में पूर्व में चुनाव लड़ चुके श्री अजय राय के नजदीकी रिश्तेदार है। इसके साथ ही श्री कमलनाथ के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव के अभिन्न मित्र हैं। इसके अलावा पुलिस निरीक्षक सियाराम सिंह गुर्जर, सतीश पटेल और प्रशांत यादव को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से स्थानांतरित कर अपने जिले छिन्दवाड़ा में पदस्थ किया है। पुलिस मुख्यालय ने यह नियम बनाया है कि किसी भी पुलिस अधिकारी को नक्सल प्रभावित क्षेत्र से बाहर 2 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के पहले पदस्थ नही किया जायेगा। पत्र में कहा गया है कि इन पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना नियम विरूद्ध और छिन्दवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को निर्वाचन में लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। अतः श्री मनोज कुमार राय पुलिस अधीक्षक, छिन्दवाड़ा को निर्वाचन कार्य से पृथक रखा जाये और उनका छिन्दवाड़ा से पुलिस मुख्यालय का पदस्थी आदेश जारी कर कंडिका चरण-2 में वर्णित चुनाव अवधि के दौरान पदस्थ पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन कार्य से पृथक रखे जाने का आदेश प्रदान करें।

पूर्वाग्रह से काम कर रहे सतना कलेक्टर को हटाएं

भारतीय जनता पार्टी ने सतना कलेक्टर डॉ. सत्येंद्रसिंह को हटाए जाने के बारे में निर्वाचन आयोग को फिर से पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि सतना जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के पद पर डॉ. सत्येन्द्र सिंह पदस्थ हैं तथा राजनैतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने के कारण उनके विरूद्ध पार्टी द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी। लेकिन उनके संबंध में कोई निर्णय नही लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि दिनांक 10 अप्रैल 2019 को लोकसभा निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाना है तथा 18 अप्रैल 2019 तक नाम निर्देश पत्र दाखिल किया जाना है। 6 मई 2019 को मतदान होना है। इसलिए ऐसे भाजपा विरोधी अधिकारी को जो खुलेआम श्री अजय सिह‘‘ राहुल भैया’’ का समर्थन करते हैं और कांग्रेस पार्टी के दिशा-निर्देश पर चलते हैं, जिला निर्वाचन अधिकारी के पद पर रखना लोकतंत्र के लिए किसी रूप में हितकर नहीं है। इसके अतिरिक्त कांग्रेस को छोड़कर भाजपा और दूसरे राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं में डॉ.सत्येन्द्र सिंह के प्रति गहरा आक्रोश है क्योंकि यह जातिवादी भावना से काम करते चले आ रहे हैं। अतएव हम आपसे पुनः अनुरोध करते हैं कि लोकतंत्र की मर्यादाएं कायम करते हुए एवं निष्पक्ष चुनाव की दृष्टि से डॉ. सत्येन्द्र सिंह जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सतना को चुनाव कार्य से पृथक रखा जाये।

पीथमपुर के विधायक और समर्थको के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग

भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर दैनिक सांध्य दैनिक-6 च्ड के पृष्ठ-6 पर छपी खबर के बारे में ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि पीथमपुर धार में जो घटना घटी है उसको देखने के पश्चात यह लगता है कि विधायक राजा हो गये है और विधायक उसके समर्थकों के खिलाफ थाने में रिर्पोट होने के पश्चात भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही ना किया जाना आश्चर्य का विषय है। थानें में आरोपीगण आते है थाना प्रभारी व अधिकारी इन्हे निरोध में नही लेते है और जांच के नाम से अपराधियों को जाने की छूट दी जाती है। संबंधित विधायक और समर्थकांे के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाये और संबधित थाना प्रभारी के विरूद्ध भी विभागीय जांच की जाये एवं दोषी पाये जाने पर ऐसे अधिकारी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाये।

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