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सीएम कमलनाथ ने दिखाई सख्ती, अवैध शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

भोपाल 13 फरवरी 2019 । उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब के सेवन से जान गंवाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब का विक्रय करने वाले लोगों के लिखाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश सोमवार सुबह जारी किए हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के पुलिस व आबकारी विभाग को प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री करने वालों के खिलाफ सतत अभियान चलाने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में जो लोग भी अवैध शराब की बिक्री में लिप्त है, ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावे। अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से अंकुश लगाया जाये। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अवैध शराब की बिक्री के अड्डे नेस्तनाबूद किये जाये साथ ही पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर विशेष चौकसी बरती जाये, जहाँ से अवैध शराब का परिवहन संभव हो सकता है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में चल रहे मादक पदार्थों के गोरख धंधे, अवैध शराब बिक्री, नाइट्रावेट से लेकर अफ़ीम, गांजा और चरस सहित अन्य नशीले पदार्थों के फल-फूल रहे अवैध कारोबार को रोकने के लिये प्रदेश भर में तत्काल मुहिम शुरू करें। जिन क्षेत्रों में इनकी अवैध बिक्री होती पाई जाये, वहां के पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से से इस तरह के मामले सामने आते है तो दोषी जिम्मेदार अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही होगी।

सियासत में नकुल नाथ की एंट्री

छिंदवाड़ा विधायक दीपक सक्सेना ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के लोकसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए है। उन्होंने कहा है कि नकुलनाथ लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें, कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने से पहले छिंदवाड़ा से सांसद रह चुके, अब उनके बेटे नकुलनाथ का आगामी लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा सीट से लड़ने के कयास तेज हो गए हैं।

रामनिवास रावत को मिल सकती है चुनाव अभियान समिति की कमान

लोकसभा चुनाव नजदीक है और इससे कांग्रेस में अहम बदलाव की उम्मीद है। वरिष्ठ नेता और कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। फिलहाल सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास इसकी कमान है, लेकिन सिंधिया को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश की 40 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद अब पार्टी रामनिवास रावत को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकती है।

उत्तर प्रदेश की कमान मिलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का ध्यान मप्र की ओर कम हो जाएगा, जिसके चलते माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तक अध्यक्ष की कमान रावत को सौंपी जा सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन खबर है कि सिंधिया ने इसको लेकर सहमति दे दी है। अब इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) आदेश जारी करेगी। हालाकि यह नियुक्ति औपचारिक ही रहेगी। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए फिलहाल कांग्रेस संगठन में कोई बड़ा बदलाव प्रस्तावित नहीं है।

विधानसभा चुनाव के पहले गठित कांग्रेस की संचालन कमेटी पूर्व की भांति कार्य करती रहेगी, समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी जवाबदारी देखते रहेंगे। चारों कार्यकारी अध्यक्ष की व्यवस्था भी लागू रहेगी। वर्तमान में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में चारों कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी, बाला बच्चन, सुरेंद्र चौधरी, रामनिवास रावत काम देख रहे हैं।

जीताऊ चेहरों की कांग्रेस को दरकार, बंद लिफाफों में यह है संभावित नाम

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पास चेहरे नहीं है यह बात कांग्रेस ने भी मान ली है और 15 फरवरी तक कांग्रेस ने संभावित प्रत्याशियों के नाम लोकसभा प्रभारियों से मांगे हैं। करीब एक दर्जन लोकसभा सीटों के संभावित प्रत्याशियों के नाम सौंपे गए है लेकिन ज्यादातर प्रभारियों ने प्रत्याशियों के नाम सौंपे जाने को लेकर हाथ खड़े कर दिए है।
प्रभारियों ने प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को कह दिया है कि जो लोग चुनाव लड़ने के लिए सामने आ रहे है। उनमें पार्षद, वार्ड मेंबर जैसे कार्यकर्ता है कोई बड़ा चेहरा नहीं है। बावरिया ने प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि 29 सीटों पर ऐसे नाम चाहिए जो सिर्फ जीताऊ चेहरे हो। हालांकि बंद लिफाफों में जिन सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नामों का पैनल सौंपा गया है उनमें

भोपाल – कैलाश मिश्रा, सुनील सूद, जोधाराम गुर्जर, अरुण श्रीवास्तव, नासिर इस्लाम, जितेंद्र सिंह, मनोज शुक्ला
इंदौर – जीतू पटवारी, पंकज संघवी, सत्यनारायण पटेल, स्वप्निल कोठारी, विनय बाकलीवाल, प्रीति अग्निहोत्री, अर्चना जायसवाल
उज्जैन – रामलाल मालवीय, महेश परमार, मनोज चावला
विदिशा – प्रतापभानु शर्मा, शशांक भार्गव, विभा पटेल, शैलेंद्र पटेल, शशि राजपूत, राजकुमार पटेल, सुभाष शर्मा और लक्ष्मीकांत मरखेड़कर
सागर – प्रभुसिंह ठाकुर, अरुणोदय चौबे, प्रकाश जैन, भूपेंद्र सिंह
दमोह – चंद्रभान लोधी, मुकेश नायक, जीवन पटेल, राजा पटेरिया, रामकृष्ण कुसमरिया, अजय टंडन
टीकमगढ़ – योगेंद्र योगी, सुरेंद्र चौधरी, कमलेश वर्मा, आनंद अहिरवार

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