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सीएम कमलनाथ बोले- मध्य प्रदेश में लागू नहीं होने देंगे एनआरसी

भोपाल 26 दिसंबर 2019 । मध्य प्रदेश में आज कांग्रेस सीएए और एनआरसी के खिलाफ ‘संविधान बचाओ न्‍याय शांति यात्रा’ कर रही है। मध्य प्रदेश के सीएम और पीसीसी चीफ कमलनाथ भी इस शांति मार्च में शामिल हुए और केंद्र सरकार के इस कानून का विरोध किया।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा जनता का ध्यान मोड़ने की राजनीति करती है। आज हमने जो शांति मार्च किया है यह सिर्फ भोपाल और प्रदेश के लिए नहीं, यह देश के लिए है। आज हम देश के दिल से यह संदेश देना चाहते हैं कि किस तरह केंद्र सरकार देश को तोड़ना चाह रही है। उन्होंने कहा कि प्रश्न ये नहीं है कि कानून में क्या लिखा है, प्रश्न यह है कि इसमें क्या नहीं लिखा। प्रश्न यह नहीं है कि इसका क्या उपयोग होगा। प्रश्न यह है कि इसका क्या दुरुपयोग होगा। इनके गृह राज्यमंत्री ने संसद में कहा है कि एनआरसी पूरे देश में लागू होगा, हम एनआरसी को मध्य प्रदेश में लागू नहीं होने देंगे। जो कानून संविधान विरोधी, देश विरोधी, धर्म विरोधी हो ऐसा कोई भी कानून मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा। एनआरसी और सीएए का अंदरुनी लक्ष्य कुछ और है। सीएम कमलनाथ ने कहा कि हमें देश की संविधान और संस्कृति की रक्षा करनी है।

इस दौरान बड़ी संख्या में सरकार के मंत्री समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए। भोपाल के रंगमहल चौराहे से इस मार्च की शुरुआत हुई जो मिंटो हॉल तक चला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए हमें सड़क पर उतरना पड़ा है। इंदौर में भी शांति मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता शामिल हुए। इसमें बड़ी संख्या में सोशल एक्टिविस्ट के अलावा अधिवक्ताओं और अन्य पेशों से जुड़े लोग भी शामिल हुए। संविधान बचाओ न्‍याय शांति यात्रा निकाल रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि ये कांग्रेस के नेता सड़कों पर नहीं उतरे हैं, ये देश की जनता है जो लोकतंत्र और देश की एकता के लिए इस प्रदर्शन में शामिल हुई है। गैर भाजपा विचारधारा वाले संगठन के लोग भी इसमें शामिल हुए हैं। मार्च में सभी लोग सीएए और एनआरसी के खिलाफ हाथों में बैनर लेकर चले।

मप्र पुलिस विभाग में जल्द होगा बड़ा बदलाव, बदले जाएंगे कई अफसर

मध्य़ प्रदेश में जल्द ही पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर बदलाव होना है। लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ अफसरों और आला अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर एक प्रस्ताव पर पुलिस मुख्यालय में काम शुरू हो गया है। जल्द ही मैदानी स्तर पर भी बदलाव देखने को मिलेंगे। एसपी, डीआईजी और आईजी स्तर के अफसरों के तीन बैच के अधिकारियों के प्रमोशन के प्रस्ताव हैं। जिसके लिए संबंधित अधिकारी डीपीसी कर रहे हैं। जिसके बाद प्रदेश के करीब आधा दर्जन एसपी सहित मैदानी स्तर के आईजी भी बदले जाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएचक्यू में डीपीसी की तैयारी कर रिपोर्ट को सरकार के पास भेज दिया गया है। इसमें 1995 बैच के अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनाने के लिए रीवा जोन के आईजी चंचल शेखर, बालाघाट जोन के आईजी केपी वेकंटेश्वर राव, 2002 बैच से आईजी बनाने के लिए उज्जैन रेंज के अनिल शर्मा, जबलपुर रेंज के बीएस चौहान व रीवा के अविनाश शर्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 2006 बैच से डीआईजी बनाने की तैयारी है, लेकिन इस बैच के सभी अधिकारियों को एक साथ पदोन्‍नति मिलने की संभावना कम है। बैच में 17 अधिकारी हैं, जिनमें से तीन अधिकारी अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसी बैच की इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा सहित देवास के एसपी चंद्रशेखर सोलंकी, शहडोल के अनिल सिंह कुशवाह और मंडला के आरआरएस परिहार को फिलहाल पदोन्‍नति मिलने की संभावना है।

बदलाव से होगा बड़ा फेरबदल
डीपीसी के बाद मैदानी पदस्थापना में दो आईजी, तीन रेंज डीआईजी व तीन एसपी के पद प्रभावित होंगे। जिनके हटने से फेरबदल होगा। वहीं, इसी तरह लंबे समय से एक ही पदस्थापना पर जमे सागर जोन आईजी सतीश सक्सेना व एसपी उज्जैन सचिन अतुलकर को बदले जाने के संकेत हैं। हालांकि इन अधिकारियों को दूसरी मैदानी पदस्थापना मिलने की अटकलें भी जताई जा रही हैं। इसी तरह भाजपा की शिवराज सरकार के समय से मैदानी पदस्थापना पर जमे अन्य अधिकारियों आईजी उज्जैन राकेश गुप्ता, डीआईजी शहडोल पीएस उइके व छतरपुर अनिल माहेश्वरी, एसपी रतलाम गौरव तिवारी, निवाड़ी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, भिंड रुडोल्फ अल्वारेस आरजे व ग्वालियर नवनीत भसीन को बदलने के लिए भी सरकार विचार कर रही है।

तप और साधना फलदायी होती है, डॉ.शर्मा की स्मृति को भुला नहीं सकते – प्रभारी मंत्री।

लोक निर्माण, पर्यावरण तथा उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने कालिदास अकादमी परिसर स्थित पं.सूर्यनारायण व्यास सभागृह में आयोजित डॉ.शिव शर्मा स्मृति प्रसंग ‘शब्दांजलि एवं नाट्यांजलि’ के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रसिद्ध व्यंगकार स्व.श्री शिव शर्मा की स्मृति में उद्बोधन देते हुए प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि तप और साधना हमेशा फलदायी होती है। प्रसिद्ध व्यंगकार डॉ.शर्मा की स्मृतियों को हम सब कभी भुला नहीं सकते। जीवन किवदंती बनकर उन्होंने अपना जीवन जीया है। जो व्यक्ति अपने हाथों से अपने जीवन का चित्रण कर सकता है, वह कुछ भी कर सकता है। उन्होंने जीवनभर लोगों को हंसाया है, तभी आज हजारों लोग उनसे जुड़े हैं।
प्रभारी मंत्री श्री सज्जनसिंह वर्मा ने कहा कि स्व.डॉ.शिव शर्मा जीवन्त व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने जीवन के अन्तिम क्षणों तक लोगों को हंसाया। प्रभारी मंत्री ने उनके अनेक प्रसंग सुनाये। उन्होंने कहा कि डॉ.शर्मा के द्वारा टेपा सम्मेलन जो शुरू किया था, वह कभी बन्द नहीं होगा। कार्यक्रम के प्रारम्भ में श्री पिलकेन्द्र अरोरा ने स्व.डॉ.शर्मा के जीवन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वे 1979 से टेपा सम्मेलन से जुड़े थे और वे मुझे मानस पुत्र मानते थे। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण, साहस और सफलता से जुड़ा हुआ है। उनके द्वारा आयोजित टेपा सम्मेलन के कार्यक्रमों में कई राजनेता, व्यंगकार, कवि, प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया है। इसी तरह कार्यक्रमों में कई समाचार-पत्रों के सम्पादकों ने भी भाग लिया है। उन्होंने कहा कि कालिदास परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच का नाम स्व.डॉ.शर्मा के नाम तथा उनके नाम से सृजनपीठ बनाने की मांग की। कार्यक्रम में डॉ.शिव चौरसिया ने भी अपने उद्बोधन में स्व.डॉ.शर्मा के जीवन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे तीखेपन के व्यंगकार थे। उनके व्यंग की परम्परा हमेशा चलती रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व संभागायुक्त डॉ.मोहन गुप्त ने कहा कि स्व.डॉ.शर्मा कहते थे कि वे नास्तिक हैं। उनका प्रेम बहुत बढ़िया था और ईश्वर के बजाय वे मनुष्यों से ज्यादा प्रेम रखते थे। व्यंग करूणा से दूर नहीं होता है। उन्होंने मनुष्यता को प्रसन्न करने में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने स्व.डॉ.शिव शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री बटुकशंकर जोशी, श्री राजेन्द्र भारती, श्री मनोहर बैरागी, श्री प्रकाश रघुवंशी, श्री जयसिंह दरबार, श्री मनीष शर्मा, श्री आशीष शर्मा, श्री रवि शुक्ला, श्री नरेन्द्र शर्मा, श्री प्रकाश खत्री (ओम अमरनाथ) आदि प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री दिनेश दिग्गज ने किया। कार्यक्रम के अन्त में स्व.डॉ.शर्मा द्वारा लिखी कहानी ‘अपना ही श्राद्ध’ एकल नाट्य की प्रस्तुति दी गई।
प्रभारी मंत्री श्री वर्मा अशासकीय शाला संगठन द्वारा आयोजित
गुरू सान्दीपनि कार्यक्रम में शामिल हुए
उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री उक्त कार्यक्रम के बाद हनुमान नाका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में आयोजित संभागीय अशासकीय शाला संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अशासकीय शाला संस्थाओं के संचालकों से कहा कि वे छात्रों को अच्छे संस्कार देकर भावी पीढ़ी को तैयार करने में अपनी महती भूमिका अदा करें और राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ायें। छात्रों को अच्छे संस्कार दें और माता-पिता, गुरू का सम्मान करने की सीख दें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश महफूज रहे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश अमन-चैन एवं सुख-शान्ति से रहे। जो अशासकीय संस्थाएं देश के भावी पीढ़ी को शिक्षा का दान देकर आगे बढ़ने की राह दिखाती है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समय-समय पर हल करने का प्रयास किया जायेगा। इस अवसर पर श्री रवि शुक्ला ने कहा कि उन्हें अशासकीय शाला संगठन का संरक्षक बनाया है। वे इस दायित्व का निर्वहन सबके सहयोग से करने हेतु आश्वस्त किया। स्वागत भाषण दिल्ली पब्लिक स्कूल के संचालक श्री एसएन शर्मा ने दिया और संगठन का संरक्षक श्री रवि शुक्ला को बनाने की घोषणा की। उन्होंने अशासकीय शालाओं के संचालकों की समस्याओं के बारे में भी प्रभारी मंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री सज्जनसिंह वर्मा ने अशासकीय शालाओं के संचालकों को सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने भारतीय ज्ञानपीठ के संचालक श्री कृष्णमंगलसिंह कुलश्रेष्ठ को सूत की माला पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने मां वागदेवी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम प्रारम्भ किया। इस अवसर पर श्री रवि शुक्ला, श्री एसएन शर्मा, श्री जयसिंह दरबार, श्री अफसर पटेल, श्री अजीत शुक्ला, श्री गोविन्द गुरू तथा विभिन्न अशासकीय शालाओं के संचालकगण आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री आयाचित ने किया।

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