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अमिताभ बच्चन का मजाक उड़ाकर फंसे सीएम शिवराज, जानें क्या बोल गए मामा

भोपाल 9 जून 2018 । कहते हैं बोलने से पहले उसको मन में तोलना चाहिए फिर कुछ बोलना चाहिए। लेकिन नेता कब क्या बयान दें और उसका क्या असर हो जाये, ये वो खुद भी नहीं जानते हैं। अति उत्साह में दिये गये बयान कई बार उनके लिए मुसीबत बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही बयान है जो मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए मुसीबत बन गया है। उनकी बिग बी पर की गई टिप्पणी की जमकर आलोचना हो रही है।
तीसरी बार बने हैं एमपी के सीएम
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में मामा के नाम से फेमस हैं। 59 साल के शिवराज तीसरी बार एमपी के मुख्यमंत्री बनाये गये हैं। पहली बार वो साल 2005 में सीएम बने थे। तीन साल तक सीएम रहने के बाद वो दोबारा 2008 में सीएम बने और 2013 तक रहे। इसके बाद फिर वो तीसरी बार वहां के मुख्यमंत्री बने। अब एक बार फिर से वो मैदान में हैं और चौथी बार सीएम बनने का सपना देख रहे हैं।
किस कार्यक्रम में दिया विवादित बयान
अब आपको बताते हैं कि आखिर शिवराज सिंह चौहान ने अमिताभ बच्चन पर क्या टिप्पणी कर दी जिसके बाद वो जमकर ट्रोल किये जा रहे हैं। दरअसल शिवराज भोपाल में एक करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। वहां उनको बच्चों का उत्साह बढ़ाना था।इसी उत्साह बढ़ाने के चक्कर में शिवराज अमिताभ बच्चन की पढ़ाई के बारे में बोल गये जिससे बवाल हो रहा है।
आखिर क्या बोल गये अमिताभ पर
शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को अमिताभ का उदाहरण देते हुए टिप्पणी की कि पढ़ाई में आप कितने अंक पाते हैं, इससे कुछ नहीं होने वाला। जिन्दगी नंबरों का खेल नहीं होती है। उन्होंने कह दिया कि कौन बनेगा करोड़पति वाले अमिताभ बच्चन को लीजिये, उनके पास कौन सी अच्छी डिग्रियां हैं। बस इसी बात पर विपक्ष ने उनको घेर लिया है। इसके साथ ही वो ट्रोल भी हो रहे हैं।

कांग्रेस बोले, अमिताभ जब नौकरी करते थे, नर्सरी में थे शिवराज
शिवराज के इस बयान ने सियासत गर्मा दी है। शिवराज पर कांग्रेसियों ने हमला शुरू कर दिया है। उन्होंने इस बयान को जमाई का अपमान कह दिया है। कांग्रेस नेता अजय सिंह का कहना है कि शिवराज जब नर्सरी में थे तब अमिताभ नौकरी करते थे। उनके बारे में ऐसी टिप्पणी करना उनका बड़ा अपमान है…अगर आपको यह जानकारी पसंद आई तो इसको शेयर कर सकते हैं। ऐसी ही और खबरों को जानने के लिए आप मुझे फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

शिवराज सिंह की सभा में किसानों के कपड़े उतरवाए

बड़ागांव धसान के अंतौरा गांव में बुधवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान के तेंदूपत्ता संग्राहक कार्यक्रम में जिलेभर के किसान शामिल हुए थे लेकिन कार्यक्रम में किसानों को एक बार फिर शर्मसार किया गया। दरअसल, मेले में काले कपड़े पहनकर आए किसानों के कपड़े हटवाए गए। कोई किसान विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री को अपनी टी-शर्ट और शर्ट उतारकर न दिखा दे इसलिए सुरक्षाकर्मियों ने उनके काले कपड़े जबरन उतरवाए। जिसके विरोध में गुरूवार की शाम को कांग्रेस कार्यक्रताओं ने पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीएम का पुतला दहन किया।

यादवेंद्र सिंह ने भाजपा सरकार पर हल्ला बोलते हुए कहा- कि इस सरकार में सिर्फ किसानों को बेइज्जत किया जा रहा है। एक तरफ सीएम किसान हितैषी होने का दावा करते हैं और दूसरी तरफ उनके अफसर किसानों को बेइज्जत करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी किसान 3 अक्टूबर को टीकमगढ़ में हुई किसान आंदोलन की घटना को भूला भी नहीं था और अब एक बार फिर किसानों को शर्मसार किया गया है। किसान कांग्रेस मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभय रिंकू भदौरा ने कहा कि सीएम ने अपने कार्यक्रम में बुलाकर किसानों की बेइज्जती की है। इसके लिए उन्हें सामूहिक रूप से किसानों से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही इसमें जो भी लोग दोषी हो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पहले भी किसानों के कपड़े उतरवाने का मामला आया था सामने :
टीकमगढ़ में 3 अक्टूबर 17 को किसान आंदोलन किया गया था। जिसमें किसानों का कहना था कि ज्ञापन कलेक्टर को दिया जाएगा, लेकिन कलेक्टर के नीचे न आने पर भीड़ आक्रोशित हो गई और हिंसक झड़प हो गई। मामले शांत होने के बाद घर लौट रहे किसानों को पुलिस अधिकारियों ने जबरन कपड़े उतरवाकर अर्धनग्न हालत में लॉकअप में बंद कर दिया था।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने की घटना की निंदा :
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अभय यादव ने बुधवार को किसानों के कपड़े उतरवाने के मामले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में कलेक्टर और एसपी से बात की है। जिसमें एसपी का कहना है कि सिर्फ गमछे और रूमाल हटवाए गए थे। डॉ. यादव ने कहा कि इस मामले में कलेक्टर और एसपी अपने स्तर से जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विकल्प हो सकते हैं ये चेहरे
मध्यप्रदेश में बीजेपी शिवराज सिंह चौहान को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं है। इसलिए बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ने से बचना चाहेगी। ऐसे में सवाल ये है कि क्या बिना चेहरे के पार्टी चुनाव में उतरेगी? या नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगेगी? या फिर किसी नये चेहरे को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करेगी?

शिवराज सिंह चौहान का विकल्प ढूंढ रही है बीजेपी?
बीजेपी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एन्टी इनकम्बेन्सी से बचना चाहती है न कि शिवराज सिंह चौहान से छुटकारा पाना। जाहिर है पार्टी चुनाव से पहले कोई आंतरिक विरोध को भी बढ़ावा देना नहीं चाहती। ऐसे में अधिक सम्भावना यही है कि शिवराज सिंह चौहान का विकल्प चुनाव के बाद पार्टी सामने लाए। कौन हो सकता है शिवराज सिंह चौहान का विकल्प, जानते हैं उन चेहरों पर नज़र :

केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शिवराज सिंह चौहान के मजबूत विकल्प। नरेंद्र सिंह तोमर के प्रदेश अध्यक्ष रहते बीजेपी ने मध्यप्रदेश में दो बार विधानसभा चुनाव जीता है। उनके पास लोकसभा और राज्यसभा सांसद होने का अनुभव है। तोमर केन्द्र में महत्वपूर्ण मंत्रालय सम्भालते रहे हैं। इतना ही नहीं नरेंद्र सिंह तोमर की संगठन में मजबूत पकड़ है। वे आलाकमान के भी प्रियपात्र हैं। नरेंद्र सिंह तोमर उसी जाति से आते हैं जिससे शिवराज सिंह चौहान। वरिष्ठता में भी नरेंद्र सिंह तोमर अपनी अहमियत रखते हैं। यही वजह है कि उन्हें मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। तोमर के पक्ष में ये बात भी जाती है कि वे ग्वालियर जैसी सीट भी बीजेपी को सीट दिलाने में कामयाब रहे हैं जहां सिंधिया घराने का प्रभाव रहा है।

बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी हैं गम्भीर दावेदार
कैलाश विजयवर्गीय

कैलाश विजयवर्गीय बीजेपी के महासचिव हैं। वे खरी-खरी बोलने वाले नेता माने जाते रहे हैं। कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी को खड़ा करने वाले नेताओं में उनकी गिनती होती है। शिवराज सरकार में अहम मंत्रालय उन्होंने सम्भाला है। पहले भी कैलाश विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री के दावेदार के तौर पर देखा जाता रहा है। कांग्रेस पर हमला करने में वे बढ-चढ़कर रुचि लेते रहे हैं। उन्हें शिवराज सिंह चौहान के विकल्प के तौर पर पार्टी आजमा सकती है।

प्रह्लाद पटेल भी शिवराज चौहान के विकल्प के तौर पर विचार किए जा सकते हैं। ।
प्रह्लाद पटेल

प्रह्लाद पटेल युवा नेताओं की ब्रिगेड से आते हैं। वाजपेयी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। उमा भारती के किसी समय खास माने जाते थे। बाद में उन्होंने उमा भारती के साथ मिलकर बीजेपी के खिलाफ संगठन भी खड़ा किया, मगर ये सब बातें अब अतीत की हो गयी हैं। फिलहाल वे दमोह से बीजेपी सांसद हैं। बार-बार उनका नाम मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर लिया जाता रहा है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। एक मजूबत दावेदार तो लेकिन कह सकते हैं कि शिवराज के विकल्प के तौर पर अन्य दावेदारों को पीछे छोड़ने में उन्हें खासी मशक्कत करनी होगी।

राकेश सिंह को मध्यप्रदेश बीजेपी की कमान सौंपी गयी है। वे शिवराज सिंह चौहान के विकल्प के तौर पर गम्भीर दावेदार हो सकते हैं।
राकेश सिंह

जबलपुर से बीजेपी सांसद राकेश सिंह अमित शाह के खास हैं। लगातार तीसरी बार राकेश सिंह सांसद चुने गये हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने उन्हें मध्यप्रदेश बीजेपी की कमान सौंपी है। अगर बीजेपी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती है तो इसका श्रेय राकेश सिंह को मिलेगा और आलाकमान की पसंद होने की वजह से वे शिवराज सिंह चौहान के विकल्प के तौर पर उभर सकते हैं।

ड्यूटी के दौरान शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को सरकार देगी 1 करोड़ की सम्मान राशि
मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार पुलिस विभाग के जवानों की ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु पर उन्हें शहीद माना जाएगा और उनके परिजनों को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशी दी जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने भी सहमति दे दी है।

CM ने की थी घोषणा
गौरतलब है कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा था कि पुलिस का कोई भी जवान ड्यूटी के दौरान शहीद होगा तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि सम्मान निधि से दी जाएगी।

इन शहीदों को मिलेगा सम्मान
सरकार ने जिन पुलिस जवानों को शहीद मानकर एक करोड़ मुआवजा देने का फैसला लिया है। उनमें अलीराजपुर पुलिस के शहीद हेड कांस्टेबल अरविंद सेन, रायसेन के शहीद हेड कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह सेंगर, छतरपुर के शहीद कांस्टेबल बालमुकूंद प्रजापति और टीकमगढ़ पुलिस के शहीद कांस्टेबल राजबहादुर यादव के नाम शामिल हैं। शहीद के परिजनों को सरकार राहत राशि सौंपेगी, यह पहली बार है जब सरकार एक करोड़ की आर्थिक सहायता पुलिस जवानों के परिजनों को देने जा रही है।

चुटीले अंदाज में सिंधिया ने मारे शिवराज को ताने, गरीब और गरीब हुए…नेता मोटे हो गए
चुनावी साल में भाजपा और कांग्रेस पर सियासी रंग चढ़ गया है। चुनाव रोमांचक होने वाला है। दोनों ही पार्टी के नेता एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। दोनों पार्टियां तैयारियां में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जनता के वोट पाने के लिए दोनों ही पार्टी के नेता उनके लिए योजनाओं का पिटारा खोल रहे हैं। 15 साल से सत्ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस इस बार सत्ता में आने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है। कांग्रेसी नेता गांव गांव जाकर जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कोलारस मुंगावली उपचुनाव में कांग्रेस की वापसी के बाद राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा के पसीने छूट चुके हैं। वहीं इस जीत से कांग्रेस के हौंसले बुलंद हो गए हैं। शिवराज को घेरने का कांग्रेस कोई मौका नहीं छोड़ रही है। इसी सिलसिले में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को अशोकनगर में कार्यक्रम के दौरान सरकार को जमकर कोसा और चुटीले अंदाज में भी कई ताने मारे। उन्होंने कहा, गरीब के पास खाना नहीं, किसान को मुआवजा नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं और शिवराज सिंह जी को चिंता नहीं।
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘आपका सांसद आपके द्वार कार्यक्रम’ के तहत अशोकनगर का दौरा किया इस दौरान उन्होंने जनता से वादे तो किए कि साथ ही भाजपा सरकार पर जमकर हमला भी बोला।
बिगड़ते मौसम के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि ये कोई आंधी नहीं है, आंधी तो सरकार के सामने नवंबर में आने वाली है और ये आंधी इंद्रदेव नहीं जनता लेकर आएगी। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा जिस सरकार ने आपके ऊपर किसान बंदी की, नोटबंदी की मैं आपसे मांग करता हूं कि आप नवंबर में इस सरकार के ऊपर वोटबंदी कीजिए।
अशोकनगर में आयोजित कार्यक्रम में सिंधिया अपने पूरे फॉर्म में नजर आए और एक के बाद एक कई निशाने सरकार पर साधते गए। इस दौरान उन्होंने सरकार को प्रदेश में महिला की सुरक्षा देने में और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में नाकाम बताया साथ ही उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पिछले 15 सालों से किसान का जीवन कठिनाइयों से भरपूर रखा।
भ्रष्टाचार को लेकर सिंधिया ने कहा कि सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी, मंहगाई बढ़ी है, गरीब और गरीब होता जा रहा है और बीजेपी के नेता करोड़पति होते जा रहे हैं। साथ ही भाजपा नेताओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे बचपन के समय में ये जो नेता मेरी दादी के इर्द-गिर्द घूमते रहते थे, तब सारे नेता पतले होते थे अब सारे के सारे मोटे हो गए हैं। भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार का आलम ऐसा है कि मंडियों में किसानों को सरकार मैसेज का 2 हजार ले रही है।
शिवराज जी को चिंता नहीं
उन्होंने कहा शिवराज सिंह जी को चिंता नहीं है सोयाबीन का दाम नहीं मिल रहा है, भावांतर ने किसानों को बट्टा लगाया है, कार्यक्रम में सांसद सिंधिया ने वादा करते हुए कहा कि कि यदि नवंबर में हमारी सरकार बनाओगे तो मंडी फसल का भुगतान चैक की जगह नकद किया जाएगा। और कोई भी अधिकारियों ने गरीबों का एक पैसा भी चुराया तो उसकी सजा उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया देगा।

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