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पांच साल में सीएम शिवराज के परिवार की संपत्ति करीब सवा चार करोड़ बढ़ी

भोपाल 6 नवम्बर 2018 । मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने नाम निर्देशन पत्र में अपनी आय-व्यय का जो ब्यौरा दिया है। उसके अनुसार उनके पास 10 करोड़ 45 लाख 82 हजार 140 रुपए है।

नामांकन पत्र के शपथ पत्र अनुसार साधना सिंह की संपत्ति शिवराज सिंह से दोगुनी है। वहीं पांच साल में उनकी संपत्ति में सवा चार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 2013 में उनके पास छ: करोड़ 27 लाख 54 हजार 114 रुपए की संपत्ति थी।

संपत्ति का ब्यौरा

नगद राशि

शिवराज सिंह चौहान: 45 हजार

साधना सिंह: 40 हजार

एसबीआई बैंक विदिशा-आठ लाख 36 हजार 819

एसबीआई बैंक भोपाल-पांच लाख 79 हजार 423

जिला सहकारी बैंक भोपाल-छ: लाख 10 हजार 532

साधना सिंह

एसबीआई विदिशा-नौ लाख 47 हजार 374

पीएनबी भोपाल-एक लाख 72 हजार 392

वाहन

शिवराज सिंह चौहान के पास वाहन नहीं है।

साधना सिंह के नाम से डेढ़ लाख की एक एंबेसडर है।

अन्य

शिवराज सिंह चौहान

एक रिवाल्वर-5500 रुपए

घरेलू सामान-दो लाख 50 हजार

जमीन का ब्यौरा

शिवराज सिंह चौहान: 77 लाख रुपए

उनके पास जैत में 20 एकड़, बैस में साढ़े तीन लाख और डोलखेड़ी में ढाई एकड़ भूमि है।

साधना सिंह: तीन करोड़ 32 लाख रुपए

साधना सिंह के नाम से विदिशा में 32 एकड़ जमीन है।

आवासीय

शिवराज सिंह चौहान: एक करोड़ 95 लाख 50 हजार रुपए

उनके पास विदिशा में मकान है।

साधना सिंह: तीन करोड़ 20 लाख रुपए

उनके पास अरोरा कॉलोनी में फ्लैट है।

कुल संपत्ति का ब्यौरा

शिवराज सिंह चौहान: तीन करोड़ 15 लाख 70 हजार 274 रुपए।

साधना सिंह: सात करोड़ 30 लाख 11 हजार 866 रुपए।

यहां कांग्रेसी जितना मेरा नाम लेते हैं, उतना भगवान का लें तो मोक्ष मिल जाए : शिवराज सिंह

बुधनी में नामांकन भरने से पहले मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को दिलाया रिकॉर्ड जीत का संकल्प

कांग्रेस के राजा-महाराजा, उद्योगपतियों को लगता है कि यह जैत वाला कहां से आकर बैठ गया। उन्हें रातों को नींद नहीं आती और वे रात-दिन मेरा नाम लेते हैं। कांग्रेसी जितना मेरा नाम लेते हैं, उतना अगर भगवान का लें, तो उन्हें मोक्ष मिल जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को बुधनी में नामांकन पत्र जमा करने से पहले कार्यकर्ताओं से कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को रिकॉर्ड जीत का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान श्री रमाकांत भार्गव, श्री रघुनाथ सिंह भाटी सहित स्थानीय वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र बुधनी में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान श्री रमाकांत भार्गव उपस्थित थे। इससे पहले मुख्यमंत्री अपने गृह ग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने सपत्नीक मां नर्मदा और कुलदेवी की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री सलकनपुर धाम भी पहुंचे, जहां उन्होंने मां बिजासन के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री बुधनी पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के उपरांत नामांकन पत्र दाखिल किया।

जनता मेरी भगवान, मैं उसका पुजारी

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेसी मेरे परिवार पर आक्षेप लगाते हैं, लेकिन मेरा परिवार छोटा नहीं है। मेरा कुनबा बहुत बड़ा है और प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता मेरा परिवार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता मेरी भगवान है और मैं उसका पुजारी हूं। ईश्वर जानता है, मेरी हर सांस प्रदेश की जनता के लिए चली है। जनता मेरी सांसों में बसी है और अगर जनता के पांव में कांटा भी चुभ जाए, तो तकलीफ मेरे सीने में होती है। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा जनता के दुख को अपना दुख और जनता के सुख को अपना सुख माना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बड़े परिवार के मुखिया के नाते हमेशा मेरी कोशिश रही कि मैं जनता की तकलीफों को पी जाऊं।

समृद्ध बुधनी, समृद्ध मध्यप्रदेश बनाउंगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पिछले सालों में बुधनी में क्या-क्या काम हुए हैं, यह आप सब के सामने हैं। अगले पांच सालों में मैं समृद्ध बुधनी और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाउंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश का मतलब ये है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिले। बच्चों को अपनी पढ़ाई के लिए माता-पिता पर आश्रित न रहना पड़े। समृद्ध मध्यप्रदेश का मतलब यह है कि माताओं-बहनों की आंखों में आंसू न रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच सालों में मैं प्रदेश से गरीबी मिटा दूंगा और मजदूर, मजदूर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम नए उद्योग-धंधों को लाएंगे और प्रदेश के युवाओं को 10 लाख रोजगार उपलब्ध कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश का मतलब है कि प्रदेश के सब लोग सुखी हों। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी योजनाओं में किसी वर्ग को नहीं छोड़ा, सबके लिए योजनाएं लागू कीं।

मैं कांग्रेसियों के रास्ते का कांटा बन गया हूं

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश जब आगे बढ़ा, तो कांग्रेसियों को अच्छा नहीं लगा। वे मुझे गालियां देने लगे। मुझे गाली दिए बिना उनका दिन पूरा नहीं होता है। अब तो वे मेरे बेटे को भी गाली देने लगे हैं। पता नहीं कहां-कहां से आरोप उठा लाते हैं और मढ़ देते हैं। वे मर्यादाएं लांघ रहे हैं और व्यक्तिगत आक्षेप भी लगाते हैं। ये सब इसलिए क्योंकि मैं उनकी सरकार के रास्ते में कांटा बन गया हूं। उनको लगने लगा है कि जब तक ये नहीं हटेगा, सरकार नहीं बनेगी। देखते-देखते 15 साल हो गए। कांग्रेस के राजा-महाराजा उद्योगपति सोचने लगे हैं कि ये जैत वाला कहां से बैठ गया। लेकिन मुझे इनकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान का आशीर्वाद मेरे साथ है। प्रदेश और बुधनी की जनता के आशीर्वाद का आत्मविश्वास मेरे साथ है।

आप बुधनी में जीत का रिकॉर्ड बनाएं, मैं फिर सरकार बनाकर इतिहास रचूंगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि एक वचन आप दीजिए, एक वचन मैं दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की 229 सीटों पर भाजपा को जिताने जाउंगा, लेकिन बुधनी नहीं आऊंगा। बुधनी आपके हवाले है, इसे आप संभालिए और मैं प्रदेश में भाजपा को जिताकर फिर सरकार बनाने का वादा करता हूं। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि बताइये, आप संभालेंगे बुधनी को, तो कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर मुख्यमंत्री से सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसी धरती पर पैदा हुआ हूं और आपके आशीर्वाद से इसे देश और प्रदेश में नई पहचान दी है।

सब कुछ भूलकर काम में जुट जाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव विकास और भलाई के लिए होते हैं। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्यकर्ता सब कुछ भूलकर जुट जाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आपको हर दरवाजा खटखटाना है, हर हितग्राही से संपर्क करना है। उन्होंने कहा कि अपने मतभेद भुलाकर हर वर्ग, हर समाज एक हो जाएं और एक होकर कहें कि हम विकास के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधनी के कार्यकर्ता आदर्श कार्यकर्ता हैं। मैं बुधनी आपको सौंप रहा हूं और 28 नवंबर तक इसे आप देखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधनी में ऐसी जीत होगी कि पूरा हिंदुस्तान देखेगा। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने का संकल्प भी दिलाया।

प्रदेश कार्यालय में धनतेरस पूजन संपन्न

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय पं. दीनदयाल परिसर में आज प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने धनतेरस पर्व पर पूजन-अर्चन कर कार्यकर्ताओं एवं प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की।

इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सुहास भगत, प्रदेश सह संगठन महामंत्री श्री अतुल राय, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजेश लूणावत, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री सत्येन्द्र भूषण सिंह, श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री संजय गोविंद खोचे, श्री सर्वेश तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता सुश्री राजो मालवीय, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया, डॉ. अनिल सौमित्र, श्री शिवराज सिंह डाबी, श्री मोहित शुक्ला, सुश्री नेहा बग्गा सहित कार्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

शोक संवेदना व्यक्त

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सुहास भगत, प्रदेश सह संगठन महामंत्री श्री अतुल राय ने पूर्व राज्य मंत्री श्री देवीसिंह पटेल के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।

पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री सत्येन्द्र भूषण सिंह, श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय, प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री आलोक संजर, प्रो. चिंतामणि मालवीय, श्री रजनीश अग्रवाल, श्री नागरसिंह चौहान, सुश्री राजो मालवीय, श्री हिदायतुल्लाह शेख, श्री राहुल कोठारी, श्री उमेश शर्मा, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री संजय गोविन्द खोचे, श्री उदय अग्रवाल एवं श्री सर्वेश तिवारी ने श्री देवीसिंह पटेल के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

शोक संवेदना व्यक्त

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सुहास भगत, प्रदेश सह संगठन महामंत्री श्री अतुल राय ने प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय एकता समीति के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा की माताजी श्रीमती चन्द्रकान्ता शर्मा के दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।

पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री सत्येन्द्र भूषण सिंह, श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय, प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री आलोक संजर, प्रो. चिंतामणि मालवीय, श्री रजनीश अग्रवाल, श्री नागरसिंह चौहान, सुश्री राजो मालवीय, श्री हिदायतुल्लाह शेख, श्री राहुल कोठारी, श्री उमेश शर्मा, श्री राजपाल सिंह सिसोदिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेन्द्र पाराशर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री संजय गोविन्द खोचे, श्री उदय अग्रवाल एवं श्री सर्वेश तिवारी ने श्रीमती चन्द्रकान्ता शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने छोड़ी भाजपा,उषा सक्सेना ने निर्दलीय पर्चा भरा

सीहोर।पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने आज समर्थको के साथ भाजपा को टाटा कर दिया।इस्तीफे के पहले पूर्व विधायक के साथ निर्दलीय उम्मीदवार श्रीमती उषा सक्सेना की नामांकन रैली में हजारों समर्थको की भीड़ ने चुनावी माहौल को सरगर्म कर दिया।रैली के समापन पर बाल बिहार मैदान में पूर्व विधायक रमेश सक्सेना और निर्दलीय उम्मीदवार श्रीमती उषा सक्सेना ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया ।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा के कई पदाधिकारी शामिल रहे और सभी ने निर्दलीय प्रत्यासी श्रीमती उषा सक्सेना का समर्थन करते हुए भाजपा से सामूहिक इस्तीफा का ऐलान कर दिया।

आज निर्दलीय प्रत्यासी के रूप में केंद्रीय सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री मति उषा सक्सेना ने अपना नामांकन दाखिल किया।इस दौरान पूर्व विधायक रंमेश सक्सेना के नेतृत्व में आज सुबह ग्राम बरखेड़ा हसन से ग्रामीण कार्यकर्ताओ के साथ एक रैली शुरू हुई और यह रैली दोपहर 1 बजे कोतवाली चौराहा पहुची।इस रैली का समापन बाल बिहार मैदान पर हुआ।पूर्व विधायक रमेश सक्सेना की अगुवाई में हजारों की तादाद में रैली में शामिल समर्थको की भीड़ ने चुनावी माहौल को सरगर्म कर दिया।।

‘ताई’ और ‘भाई’ की लड़ाई में फंस गया इंदौर

मध्यप्रेदश के लिए भाजपा की एक और सूची, इंदौर की 9 विधानसभा सीटों के लिए एक और इंतजार लेकिन इस बार भी अधूरा का अधूरा। दूसरी सूची में 17 नाम तो आए लेकिन ताई और भाई की सियासी तनातनी का नतीजा ये हुआ कि इंदौर की 25 लाख से ज्यादा आबादी अब भी नुमाइंदगी के इंतजार में है।
ताई यानी इंदौर से सांसद सुमित्रा महाजन और भाई यानी भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय। दोनों पुत्रमोह में हैं। खबर है कि इंदौर-2 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय जहां अपने बेटे आकाश को लड़वाना चाहते हैं तो सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार के लिए इंदौर-3 से टिकट की उम्मीद में हैं।

सीधे तौर पर देखने में ये तो दो अलग सीटें ही हैं। लेकिन यहीं मामला दिलचस्प हो जाता है। दरअसल, अगर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इंदौर-2 से लड़वाने पर आलाकमान सहमत हो जाता है तो मौजूदा विधायक रमेश मेंदोला को हटना पड़ेगा। अब विजयवर्गीय मेंदोला को इंदौर-3 से लड़ाना चाहते हैं। लेकिन इंदौर-3 से सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को खड़ा करने की इच्छा रखती हैं। झगड़ा सिर्फ इतना भर नहीं है। चर्चा तो ये भी कि इंदौर-4, इंदौर-5 और सांवेर विधानसभा सीट को लेकर भी ताई और भाई के बीच मामला गरम है।

वैसे जब पत्रकारों ने सुमित्रा महाजन से टिकट बंटवारे को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं।

सियासी गलियारों में सुमित्रा महाजन और कैलाश विजयवर्गीय के बीच यूं भी संबंध कोई बहुत अच्छे नहीं बताए जाते। ऐसे में ये लड़ाई भाजपा के सियासी भविष्य पर सवाल बनकर न मंडराने लगे, इसके लिए नरेंद्र सिंह तोमर को विशेष विमान से इंदौर की उड़ान भरनी पड़ी।

नरेंद्र सिंह तोमर और विनय सहस्त्रबुद्धे दोनों महाजन के घर चर्चा के लिए पहुंचे। लगभग 45 मिनट की चर्चा के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि टिकटों को लेकर जो चर्चा की जानी थी वह पूरी हो चुकी है। जल्द सभी के नाम घोषित किए जाएंगे साथ ही उन्होंने कहा कि ताई हमारी आदरणीय है और टिकट को लेकर किसी प्रकार की चर्चा उनसे नहीं हो पाई थी क्योंकि वह विदेश यात्रा पर थी। अब उनके लौटने के बाद उन से चर्चा की गई है। हालांकि, सुमित्र महाजन इस पूरी प्रणाली से नाखुश नजर आ रही हैं। दोनों जल्द से जल्द किसी नतीजे तक पहुंचने की कोशिश करेंगे ताकि कार्यकर्ताओं और विपक्ष के बीच मजबूती का संदेश भेजा जा सके। कहा जा रहा है कि चेहरों और सियासी रसूख की इस लड़ाई में अगर बात नहीं बनती है तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी दखल दे सकते हैं।

बाबूलाल गौर और बहू ने लिया यू-टर्न, टिकट को लेकर बोली ये बात

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 176 नामों की सूची सामने आने के बाद से ही भाजपा में घमासान मचा हुआ है। पहली सूची में बड़े नेताओं का नाम नहीं होने से उन्होंने मोर्चा खोल दिया है। खासतौर से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर गोविंदपुरा सीट से टिकट के लिए अड़े हुए हैं। वो पार्टी पर दबाव बनाने के लिए बयान दे रहे हैं। आज फिर बाबूलाल गौर ने कहा कि, मुझे पक्का विश्वास है कि पार्टी मुझे ही टिकट देगी।

इस सीट से बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर भी दावेदारी जता रही हैं। टिकट होल्ड करने के बाद कृष्णा गौर के समर्थकों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और ये जता दिया था कि अगर इस सीट से उन्हें टिकट नहीं मिला तो वो चुनाव का बहिष्कार कर देंगे। प्रेशर पॉलिटिक्स के बीच कृष्णा गौर के भी सुर बदले हुए दिख रहे हैं। इस सीट से टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि, “मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा। मुझे सीएम ने भरोसा दिलाया कि पार्टी अच्छा फैसला लेगी। निर्दलीय चुनाव लड़ने जैसी कोई बात नहीं है। हम लिस्ट का इंतजार करेंगे।

इस बीच गोविंदपुरा सीट से टिकट के दावेदार तपन भौमिक का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि, “भाजपा में प्रेशर पॉलिटिक्स की कोई जगह नहीं है। फिर चाहें गोविंदपुरा सीट से हो या किसी दूसरी विधानसभा से, पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, “जो ये कह रहा है कि निर्दलीय लडूंगा, कांग्रेस से लडूंगा, बाहर चला जाऊंगा, ऐसे लोगों का भाजपा में कोई स्थान नहीं है।

तोमर और विनय ने ताई को मनाया लेकिन वे अभी भी नाराज़

तोमर और विनय ने ताई को मनाया लेकिन वे अभी भी नाराज़
इंदौर: मध्य प्रदेश टिकट वितरण को लेकर चल रही कशमकश की स्थिति को देखते हुए आज नरेंद्र सिंह तोमर और विनय सहस्त्रबुद्धे इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन से मिलने उनके घर पहुंचे इंदौर की टिकट वितरण 1 नामों को लेकर फिलहाल घोषणा नहीं की गई है लेकिन सुमित्रा महाजन इस पूरी प्रणाली से नाराज नजर आ रही है.

यही कारण है की नरेंद्र सिंह तोमर और विनय सहस्त्रबुद्धे को उनके निवास पर उन्हें मनाने आना पड़ा लगभग 45 मिनट की चर्चा के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि टिकटों को लेकर जो चर्चा की जानी थी वह पूरी हो चुकी है वह जल्दी सभी के नाम घोषित किए जाएंगे.

साथ ही उन्होंने कहा ताई हमारी आदरणीय है और टिकट को लेकर किसी प्रकार की चर्चा उनसे नहीं हो पाई थी क्योंकि वह विदेश यात्रा पर थी अब उनके लौटने के बाद उन से चर्चा की गई है। राम मंदिर के मुद्दे पर जब उनसे प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बार अयोध्या में दीपावली ऐतिहासिक मनाई जाएगी ।

भाजपा को एक और बड़ा झटका:पूर्व विधायक मेवरा ने भाजपा छोड़ी

भाजपा को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा है । भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बाबू लाल मेबरा ने आज भाजपा का साथ छोड़ दिया । वे बसपा में शामिल होकर विजयपुर क्षेत्र से हाथी की सवारी कर सकते है ।

बाबू लाल मेवरा भाजपा के काफी पुराने और दिग्गज नेता हैं । वे श्योपुर जिले में भाजपा की पहचान माने जाते रहे है । वे वहां से विधायक भी रह चुके है और पार्टी एक बार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दे चुकी है । पिछली दफा भाजपा ने उनका टिकिट काटकर एकता परिषद के सीताराम आदिवासी को प्रत्याशी बनाया दिया था लेकिन वे हार गए थे ।

मेवरा इस बार पार्टी से टिकिट की आस लगाए बैठे थे । लेकिन पार्टी ने इस बार भी उनकी उपेक्षा कर दी । उनकी जगह फिर आदिवासी को टिकिट दे दिया । अब खबर है कि मेवरा ने पार्टी को अलविदा कह दिया है और हाथी की सवारी करना तय किया है ।

मेवरा का जाना भाजपा के लिए खतरे की घंटी है और कांग्रेस के राम निवास रावत के लिए राह आसान करना माना जा रहा है । उनके दल बदल से जिले का ब्राह्मण वोट भाजपा से छिटकेगा । यह वोट रावत की झोली में जाने की संभावना है क्योंकि पहले भी यह वोट उन्हें मिलता रहा है । कुछ वोट मेवरा को भी मिल जाएगा ।

भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नेता ने कहा निर्दलीय लड़ेंगे

बीजेपी में एक के बाद एक नेता बगावत कर रहे है। कोई पार्टी छोड़ दूसरे दल में शामिल हो रहा है तो कोई निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर रहा है। ऐसे में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त गंगा बाई उइके ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान भी कर दिया है। राज्य महिला आयोग की सदस्य गंगा उईके पूर्व विधायक की पत्नी हैं।

दरअसल, बीजेपी ने इस बार अपने कई विधायकों और मंत्रियों का टिकट काट दिया है। गंगा उइके को इस बार टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। वह इस बात से नाराज बताई जा रही थीं। रविवार की शाम उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की थी. लेकिन बात नहीं बनी। अब उन्होंने ऐलान किया है कि वह निर्दलीय के तौर पर पर्चा भरेंगीं। बताया जा रहा है कि यह फैसला गंगा उईके ने समर्थकों के कहने पर फैसला लिया।वे सोमवार को समर्थकों के साथ जाकर निर्दलीय चुनाव लडने नामांकन भरेगी।

बता दे कि इसके पहले भी कई लोग निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके है। चुनाव से पहले पार्टी के सामने एक के बाद एक चुनौतियां आती जा रही है। ऐसे में ये बागी चुनाव में भाजपा का गणित बिगड़ सकते है।

ऐसा रहा इस सीट का इतिहास

बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। यहां की कुल जनसंख्या 3 लाख 46 हजार 732 और 2 लाख 25 हजार 738 मतदाता हैं। इस सीट पर आदिवासी मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। यहां पर 60 फीसदी आदिवासी मतदाता हैं। वर्तमान में इस सीट से भाजपा के मंगल सिंह धुर्वे विधायक हैं। 2016 के उपचुनाव में बीजेपी के मंगल सिंह धुर्वे ने कांग्रेस के प्रताप सिंह उईके को शिकस्त दी थी। इससे पहले 2013 के चुनाव में बीजेपी के सज्जन सिंह उईके ने कांग्रेस के ब्रम्हा को हराया था। सज्जन सिंह को 77793 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के ब्रम्हा को 69709 वोट मिले थे। सज्जन सिंह ने ब्रम्हा को 4 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। 2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार भी बीजेपी को जीत हासिल हुई थी. बीजेपी के गीता रामगीलाल उईके ने कांग्रेस के प्रताप सिंह को हराया था। दोनों के बीच हार जीत का अंतर 8 हजार से ज्यादा वोट का था। घोड़ाडोंगरी विधानसभा के सियासी इतिहास की बात करें तो अब तक हुए कुल 13 चुनावों में कांग्रेस ने 4 बार तो बीजेपी ने 6 बार जीत हासिल की है। वहीं जन संघ ने 2 बार और जनता पार्टी ने 1 बार जीत दर्ज की।

टिकट मिलने के तीसरे दिन ही बीजेपी उम्मीदवार का निधन

मध्य प्रदेश की राजपुर विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे देवी सिंह पटेल का सोमवार को सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया है. बीजेपी ने शुक्रवार को अपनी 177 उम्मीदवारों की लिस्ट में उनका नाम घोषित किया था.

राजपुर विधानसभा सीट बड़वानी जिले में आती है. बीजेपी ने देवी सिंह पटेल को कांग्रेस के मौजूदा विधायक बाला बच्चन के सामने उतारा था. पटेल पिछले चुनाव में 11 हजार मतों से बाला बच्चन से हार गए थे.

हालांकि देवी सिंह पटेल ने इस बार के चुनाव में अभी तक नामांकन नहीं किया था. ऐसे में बीजेपी के लिए इस सीट पर दूसरे उम्मीदवार के नाम को घोषित करना होगा.

बता दें कि 1957 में वजूद में आई यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. यहां पर आदिवासी समाज की संख्या सबसे ज्यादा जो किसी भी चुनाव में उम्मीदवारों के भाग्य के फैसला करते हैं.

कांग्रेस ने यहां 8 चुनावों में जीत दर्ज की तो बीजेपी सिर्फ तीन बार यहां जीतने में सफल हो पाई है. फिलहाल इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. कांग्रेस के बाला बच्चन यहां के विधायक हैं. बता दें कि बाला बच्चन इससे पहले 1998 के चुनाव में भी जीत दर्ज किए थे.

2013 और 2008 के चुनाव के नतीजे

2013 के चुनाव में कांग्रेस के बाला बच्चन ने बीजेपी के देवी सिंह पटेल को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. बाला बच्चन को इस चुनाव में 82167 वोट मिले थे तो वहीं देवी सिंह पटेल को 70971 वोट मिले थे.

2008 के चुनाव की बात करें तो इस बार जीत बीजेपी को मिली थी. 2013 का चुनाव हारने वाली देवी सिंह पटेल ने इस बार जीत दर्ज की थी. उन्होंने कांग्रेस की शकुंतला वास्कले को 8 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. देवी सिंह को इस चुनाव में 58052 वोट मिले थे तो वहीं शकुंतला वास्कले को 49285 वोट मिले थे.

2013 में राज्य में क्या थे चुनावी नतीजे

मध्य प्रदेश में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं. 230 सीटों पर चुनाव होते हैं जबकि एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है. 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165, कांग्रेस को 58, बसपा को 4 और अन्य को तीन सीटें मिली थीं.

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