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कांग्रेस का आरोप- MP में दवाइयों के जरिए चुनाव प्रचार कर रही बीजेपी

भोपाल 23 सितम्बर 2018 । मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि बीजेपी दवाइयों और इंजेक्शनों से चुनाव जीतना चाहती है. इस संबंध में पार्टी ने चुनाव आयोग को शिकायत करने का भी मन बना लिया है.

दरअसल, कांग्रेस ने ये आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत जो दवाई बांटी जा रही हैं उसमें “भारतीय जनता पार्टी” का प्रचार किया जा रहा है.

कांग्रेस के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए ‘आजतक’ की टीम ने भोपाल के एक जनऔषधि केंद्र का दौरा किया तो पाया कि वहां दी जाने वाली अधिकतर दवाइयों, सिरप और इंजेक्शनों के कवर पर भारतीय जनऔषधि परियोजना के पहले अक्षर भा, ज और प को भगवा रंग से लिखा गया है.

इससे भारतीय जनऔषधि परियोजना का शॉर्ट फॉर्म “भा.ज.प” बन रहा है. इसी को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा अब चुनाव में जाने से पहले दवाइयों और इंजेक्शनों के जरिए खुद का प्रचार कर रही है.

मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी. उन्‍होंने कहा, “जनहित के काम में पार्टी का नाम नहीं आ सकता लेकिन यहां ”भाजप” का नाम आ रहा है जो साफ बता रहा है कि खुद को महिमामंडित करने के लिए भाजप टैक्सपेयर्स मनी का दुरुपयोग कर रही है. इसकी शिकायत कांग्रेस चुनाव आयोग में जरूर करेगी.”

वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की हताशा बताया है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक संजर ने कहा कि कांग्रेस रंगों की राजनीति कर रही है जबकि उन्हें ये सवाल पूछने का हक ही नहीं है. संजर ने कहा कि कांग्रेस ने उसके कार्यकाल में कितनी ही योजनाओं का नाम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम पर रखा तब उन्हे ये क्यों याद नहीं आया.

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने शिवराज पर साधा निशाना

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम का दुरूपयोग नहीं होने संबंधी सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं. चौहान द्वारा बालाघाट में एससी/एसटी एक्ट के संबंध में दिये बयान पर पूछे गये सवाल के जवाब में कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया कि देखिये, मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं तो उनसे पूछना चाहूंगा कि आपने (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी से सलाह लेकर उनकी स्वीकृति से क्या यह बयान दिया था. कमलनाथ ने बताया कि चौहान ने तो मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. अगर आप शपथ पढ़ें तो उन्होंने कहा कि हम देश के संविधान एवं कानून का पालन करेंगे तो वह इसका जवाब आपको खुद दें कि उन्होंने किस से सलाह ली.

एससी/एसटी एक्ट की स्थिति यहां (मध्यप्रदेश में) क्या है. उन्होंने कहा, कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होता. न हम होते हैं, न वह होते हैं. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री चौहान ने गुरूवार को बालाघाट में कहा था कि राज्य सरकार एससी/एसटी एक्ट का मध्यप्रदेश में दुरूपयोग नहीं होने देगी. इस एक्ट के तहत की गई शिकायतों की पूरी जांच के बाद ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा. बिना जांच की गिरफ्तारी नहीं होगी. इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही निर्देश जारी किया जायेगा.

गौरतलब है कि कांग्रेस के ही नेता दिग्विजय सिंह ने व्यापम घोटाले को लेकर शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती पर निशाना साधा था. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने व्यापम घोटाले में भागीदारी को लेकर शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती समेत 18 लोगों के खिलाफ चायिका दायर की है. इस याचिका में दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने इंदौर थाने एक्सल शीट से छेड़छाड़ की है. इस मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने विशेष जज सुरेश सिंह की अदालत में अपना बयान दर्ज कराया. खास बात यह है कि कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा दिग्विजय सिंह का पक्ष रख रहे हैं.

खास बात यह है कि कुछ महीने पहले ही व्यापम घोटाला मामले में सीबीआई संविदा शिक्षा परीक्षा वर्ग-3 में गड़बड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. ये चार्जशीट केंद्रीय मंत्री उमा भारती के लिये राहत बनकर आई थी. क्योंकि मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है. मामले में एजेंसी ने 83 उम्मीदवारों समेत 95 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.

कांग्रेस नेताओं ने व्यापम मामले में दर्ज कराए बयान

मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से जुड़े और लम्बे समय तक विवादों में घिरे रहने वाले घोटाला मामले में कुछ दिनों पहले ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा एक विशेष न्यायालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य अधिकारीयों के खिलाफ परिवाद दायर करने के बाद अब कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ भी इस मामले में आज अपने बयान दर्ज कराने कोर्ट पहुंचे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए आज भोपाल की डिस्ट्रिक कोर्ट पहुंचे थे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी आज इस मामले में अपना बयान दर्ज करवाने के लिए इस विशेष न्यायलय में उपस्थित हुये। इस मामले में कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की निगरानी में राज्य सरकार के कई अधिकारियों ने नितिन महेन्द्रा के कंप्यूटर से प्राप्त मूल हार्ड डिस्क में मौजूद इस मामले से जुडी एक्सेल शीट में कई जानकारियों को बदला है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीते बुधवार को इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और कई अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्सेल शीट में फेरबदल करने का आरोप लगते हुए विशेष न्यायालय में एक मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मुक़दमे में उन्होंने 27,000 हजार पन्नों का एक परिवाद दायर किया था। इसके बाद व्यापम की जांच के लिए गठित इस विशेष न्यायलय ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को समन भेज कर कहा था कि वे 22 सितम्बर तक कोर्ट पहुंच कर इस मामले में अपने बयान दर्ज कराएं।

सिंधिया राजपरिवार की नई पीढ़ी का ग्लैमर चुनाव की दिशा बदल देगा

मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव इस बार कई नेताओं के लिए अग्निपरीक्षा है, जैसे भाजपा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अग्निपरीक्षा है। सांध्यदेश के मुताबिक वहीं कांग्रेस में यह प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए भी एक प्रमुख बड़ी परीक्षा है।
लेकिन इस सब में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पूरा सिंधिया परिवार निभाने वाला है। सांध्यदेश के मुताबिक सिंधिया राजपरिवार पूरे प्रदेश में चुनावों की बेला में हर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने की रणनीति बना रहा है। सांध्यदेश के मुताबिक स्वयं ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार मालवा से लेकर विंध्य अंचल को टारगेट लेकर चल रहे हैं, वह अपने क्रेज को भुनाने में इस बार में कोई कोरकसर नहीं छोड़ा चाहिये।  उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे की भी इस बार राजनीति में पूरी दमदारी से उतरने की तैयारी है। सांध्यदेश के मुताबिक प्रियदर्शिनी का प्लान ग्वालियर चंबल अंचल में रंग जमाने का है। यह बात भी तय है कि प्रियदर्शिनी मैदान में आती हैं तो भाजपा प्रत्याशियों की हालत खराब हो जायेगी। इसी प्रकार ज्योतिरादित्य सिंधिया के युवा पुत्र महाआर्यमन सिंधिया अपनी राजनीति का ककहरा शुरू कर चुके हैं।
सांध्यदेश के मुताबिक महाआर्यमन सिंधिया इस बार प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में दमदारी से उतरने वाले है। उन्होंने सोशल मीडिया में अपनी जबरदस्त उपस्थिति भी दर्ज करा दी हैं। सांध्यदेश के मुताबिक उनका प्रचार राजनीति में आना भी कांग्रेस के लिए उत्साहजनक परिणाम देने वाला है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में इस बार सिंधिया राजपरिवार की नई पीढ़ी का जादू चलने वाला है। सांध्यदेश के मुताबिक विशेष बात यह है कि राजपरिवार के उन वरिष्ठ सदस्यों का ग्लैमर कम होता दिखाई दे रहा है, जो भाजपा से जुड़े हुये हैं। उनको न तो पार्टी ही पूछ रही है और न ही जनता।

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