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कांग्रेस का बड़ा दांव, राजस्थान में अनपढ़ भी लड़ेंगे पार्षद, प्रधान व मेयर के चुनाव

नई दिल्ली 13 फरवरी 2019 । लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार ने अपने चुनावी वादे के अनुसार पंचायतीराज और स्थानीय निकायों के चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता खत्म कर दी है. अब इन चुनावों को लड़ने के लिए पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है, अब अनपढ़ भी सरपंच से लेकर प्रधान प्रमुख और पार्षद से लेकर मेयर तक का चुनाव लड़ सकेंगे. राजस्थान विधानसभा में सोमवार को पंचायतीराज संशोधन विधेयक और नगरपालिका संशोधन विधेयक पारित कर दिए गए.

पंचायतीराज संशोधन विधेयक के जरिए पंचायतीराज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान हटाया गया है. नगरपालिका संशोधन विधेयक में पार्षद, सभापति, मेयर का चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान हटाया गया है. बीजेपी राज में लागू किए गए इस प्रावधान का कांग्रेस ने जमकर विरोध किया था, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में निकाय-पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यत हटाने का वादा किया था.

बीजेपी सरकार के कई फैसले बदल चुकी है कांग्रेस
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार ने आते ही सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो हटवाने के साथ ही कुछ योजनाओं का नाम भी बदल दिया है. वहीं पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता को भी हटाने का काम शुरू कर दिया था. मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष का निर्वाचन सीधी पद्धति से करवाने के साथ डॉ. आंबेडकर विधि विश्वविद्यालय एवं हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय को भी फिर से शुरू किया जा रहा है.

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