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कांग्रेस के बॉस राहुल गांधी दो दिन रहेंगे रीवा में, कार्यक्रम में रोड़े अटका रहा प्रशासन

रीवा 28 सितम्बर 2018 । कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के स्वागत के लिए शहर का सजाया गया है। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब ढाई घंटे का समय शहर में रोड शो के लिए निर्धारित किया गया है। इस दौरान रूट में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। शहर में करीब सैकड़ा भर से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
राजनिवास का भी नए सिरे से रंगरोगन किया गया है, यहीं पर रात्रि विश्राम भी वह करेंगे। सतना से बेला पहुंचते ही राहुल का भव्य स्वागत किया जाएगा। बेला से लेकर चोरहटा हवाई पट्टी तक सीधी और सिंगरौली के कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। चोरहटा बायपास से लेकर पूरे शहर में रथ में सवार होकर राहुल निकलेंगे और कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों का अभिवादन स्वीकार करेंगे। आठ साल बाद राहुल रीवा आ रहे हैं, इस कारण कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक स्वागत करने की तैयारी की है। पार्टी ने हर सौ मीटर की दूरी पर पार्टी के नेताओं की ड्यूटी लगाई है कि कार्यकर्ताओं को लेकर वह स्वागत करें। शहर में स्वागत के लिए होर्डिंग्स, झंडे और बैनर पाट दिए गए हैं। सिरमौर चौराहे में स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा की विशेष रूप से सफाई की गई है। रात्रि में राजनिवास में पार्टी के कुछ प्रमुख लोगों और शहर के गणमान्य नागरिकों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा २८ की सुबह आठ बजे से ११ बजे व्यापारियों, वकीलों एवं अन्य से मिलने का कार्यक्रम रखा गया है। ११ बजे वह शाहपुर के लिए शहर के ढेकहा, करहिया मंडी की ओर से रवाना होंगे।

सिरमौर चौराहे में मंच की अनुमति नहीं
शहर के सिरमौर चौराहे में कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम के सामने सभा की तैयारी की गई थी। जिस पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मंच की अनुमति नहीं दी गई है। अब यहां पर रथ में सवार होकर ही सभा को राहुल संबोधित करेंगे। बताया गया है कि यहां पर करीब १५ मिनट वह लोगों को संबोधित करेंगे। सिरमौर चौराहे में पार्टी के सभी प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। साथ ही रीवा एवं गुढ़ विधानसभा के कार्यकर्ताओं को यहां पर पहुंचने के लिए पार्टी द्वारा कहा गया है।

खस्ताहाल सड़क से गुजरेगा काफिला
सप्ताह भर पहले से कांग्रेस अध्यक्ष के रोड शो का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके बावजूद अभी तक सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। कालेज चौराहे के पास सीवर लाइन डालने के लिए की गई खोदाई की वजह से वहां पर सड़क दबी हुई है। करीब एक फिट से अधिक सड़क नीचे धंसने के बावजूद उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। यहीं से राहुल गांधी का काफिला गुजरेगा। इसके अलावा फ्लाई ओवर के नीचे कई स्थानों पर उखड़ी हुई सड़क और गड्ढे समस्या खड़ी कर सकते हैं।

यात्रा पर पूछे गए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष के रीवा आगमन पर उनसे सवाल भी किए गए हैं। एडवोकेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष शिव सिंह ने कहा कि रीवा में कोर्ट भवन के लिए अधिवक्ताओं ने आंदोलन किया। मंत्री के इशारे पर कोर्ट का भवन शहर से बाहर बनाया जा रहा है। इस पर कांग्रेस के स्थानीय नेता खामोश रहे जबकि वकीलों के साथ शहर के कई संगठन साथ खड़े थे। राज्यसभा सांसद, जिले के विधायक इस मामले में खामोश रहे हैं तो उनसे भी अध्यक्ष पूछें कि आखिर ऐसा क्यों किया है। वहीं एससीएसटी एक्ट का विरोध कर रहे बिजेन्द्र गौतम ने कहा है कि २७ सितंबर को सायं सात से साढ़े बजे तक आधे घंटे बिजली बंद कर काला कानून का करें विरोध शहर के लोग। इससे सभी राजनीतिक दलों को सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि काले कानून के खिलाफ वह भी आवाज उठाएं।

फूल गांव में दोपहर का भोजन करेंगे
राहुल गांधी २८ सितंबर की दोपहर में एक बजे बैकुंठपुर में मीटिंग करने के बाद लालगांव के लिए रवाना होंगे। करीब दो बजे फूल गांव के टीडी सिंह एकेडमी स्कूल भवन में भोजन करेंगे। पहले भोजन का कार्यक्रम हटवा गांव में था लेकिन एसपीजी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उसे निरस्त कर फूल गांव में तय किया है।

लालगांव के सभा की जिम्मेदारी बदली
लालगांव में होने वाली सभा में स्थानीय नेताओं द्वारा अपेक्षा के अनुरूप तैयारी नहीं किए जाने के चलते एआइसीसी के पर्यवेक्षकों ने नाराजगी जाहिर की है। यहां पर पर्यवेक्षक सुधांशु चतुर्वेदी और मऊगंज विधायक सुखेन्द्र सिंह को पूरी व्यवस्था संभालने के लिए गया है। दोपहर बाद से मऊगंज, देवतालाब और मनगवां क्षेत्र के कई नेता और कार्यकर्ता इसकी तैयारी में जुट गए।

स्थान परिवर्तन होने से देर शाम चुनरी में शुरू की तैयारी
त्योथर के हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में सभा की अनुमति निरस्त होने के बाद पार्टी के नेता वहां से सामग्री चुनरी में पहुंचाना शुरू कर दिया है। कार्यकारी जिला अध्यक्ष रमाशंकर सिंह पटेल ने बताया कि देर शाम चुनरी गांव में पंडाल लगाने का कार्य शुरू हो गया है। प्रशासन की मनमानी से स्थान परिवर्तित किया गया है।

इन्होंने की स्वागत की अपील
कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में स्वागत की अपील की है। जिसमें राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल, विधायक सुंदरलाल तिवारी, सुखेन्द्र सिंह, कमलेश्वर पटेल, जिला अध्यक्ष त्रियुगी नारायण शुक्ला, गुरमीत सिंह मंगू, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा, पूर्व विधायक राजेन्द्र मिश्रा, मुजीब खान, कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश सिंह, रमाशंकर सिंह पटेल, कविता पाण्डेय, शिवप्रसाद प्रधान, बृजभूषण सोहगौरा, शिवप्रसाद प्रधान, अनुपम तिवारी, रुद्रमणि मिश्रा, राजेश मिश्रा, राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, वीरेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, रवीन्द्र सोहगौरा, कुंवर सिंह, असफाक अहमद सहित अन्य ने स्वागत की अपील की है।

रीवा शहर में राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी रीवा के चोरहटा बायपास में सायं चार बजे पहुंचेंगे। यहां से रोड शो करते हुए निकलेंगे। जहां शिल्पी सिटी, चोरहटा थाना के सामने, गोड़हर मोड़, रेलवे मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर, एजी कालेज तिराहा, ढेकहा तिराहा, कनौडिया काम्पलेक्स, जयस्तंभ चौक, वेंकट रोड में खन्ना चौराहा, स्टेच्यू चौराहा, प्रकाश चौराहा, छोटी दरगाह, अस्पताल चौराहा, गल्ला मंडी, अमहिया, बड़ी दरगाह होते हुए ६.३० बजे सिरमौर चौराहे में सभा होगी।
रात्रि विश्राम राजनिवास सर्किट हाउस में करने के बाद २८ को सुबह ११ बजे निकलेंगे। जहां से कालेज चौराहा, ढेकहा तिराहा, करहिया मंडी, होटल शार्कइन होते हुए ११.२० बजे शाहपुर पहुंचेंगे। यहां पर सभा के बाद ११.५० बजे बरौं पहुंचेंगे। जहां से बैकुंठपुर के लिए रवाना होंगे।

चित्रकूट से फूकेंगे चुनावी बिगुल
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी २७ सितंबर को विंध्य में चुनावी बिगुल फूकेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम में सतना और रीवा जिले की कई विधानसभा सीटों के क्षेत्र से रोड शो करते हुए गुजरेंगे। सुबह १०.४० बजे इलाहाबाद से हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर ११.२० बजे चित्रकूट पहुंचेंगे। यहां कामतानाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद दोपहर १२ बजे सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद हेलीकाप्टर से ही १.१० बजे सतना पहुंचेंगे, यहां दोपहर २.१० बजे बीटीआई ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने के बाद ३.१५ बजे रीवा के लिए बस से रवाना होंगे। सायं चार बजे रीवा के चोरहटा बायपास पहुंचने का कार्यक्रम है। जहां के बाद से पूरे शहर में रोड शो होगा। रात्रि विश्राम रीवा के राजनिवास में करेंगे और २८ को सुबह ११ बजे फिर रोड शो प्रारंभ होगा। जिसमें शाहपुर के बाद दोपहर एक बजे बैकुंंठपुर में सभा करेंगे। यहां के बाद लालगांव और त्योंथर के चुनरी में सभा को संबोधित करने के बाद इलाहाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे।

सभा स्थल की अनुमति निरस्त करने पर नाराजगी
राहुल गांधी की त्योथर विधानसभा के चुनरी गांव में सभा होनी थी, लेकिन ट्रैफिक दबाव के चलते एसपीजी ने इसे त्योथर के हायर सेकंडरी स्कूल में कर दिया था। एआइसीसी के पर्यवेक्षक विजय कुमार चौबे ने बताया कि पंडाल और मंच का कार्यक्रम पूरा होने के बाद जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति निरस्त करते हुए फिर से चुनरी गांव में कार्यक्रम के लिए कहा है। एक दिन का समय है, अचानक कार्यक्रम का बदला जाना राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है उससे सरकार ने ऐसा षडय़ंत्र किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम इस तरह से निरस्त करना जनता को भी समझ में नहीं आ रहा है।

चित्रकूट मे राहुल गांधी ने किया बड़ा ऐलान, भाजपा को हो सकता है तगड़ा नुकसान

कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राहुल गांधी अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हो, जिस में कई प्रकार के जनता के सामने वादा कर रहे हैं, कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी की लोकप्रियता में भी भारी उछाल आया है, कई राज्यों में राहुल गांधी की लोकप्रियता पहले से ज्यादा बढ़ी है, साल के अंत में 3 राज्यों के चुनाव होने वाले हैं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान

इन तीनों राज्यों में कांग्रेश अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए सत्ता में हर हाल में वापसी करना चाहती हैं, क्योंकि इन तीनों राज्यों के चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव होने वाला है, इस राज्य में जो भी पार्टी जीतेगी उसका असर लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा, उसको ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी बड़ा फैसला लेने से कतरा नहीं रहे है, मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी ने एक बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद कांग्रेस को बड़ा फायदा मिल सकता है, चलिए जानते हैं कि राहुल गांधी ने क्या कहा.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार से मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं, यहां उन्होंने सबसे पहले भगवान कामतानाथ मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की चित्रकूट के एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारे सरकार बनते ही किसानों का कर्ज 10 दिन के अंदर माफ कर दिया जाएगा, इसके बाद उन्होंने शिवराज सरकार निशाना साधा उन्होंने कहा की मध्य प्रदेश आज कुपोषण और भ्रष्टाचार नंबर वन बन गया है, शिवराज सिंह चौहान योजना के मशीन हैं, जहां जाते हैं बड़ी-बड़ी योजना की घोषणा करके चले आते हैं.

राहुल के यहां 2 दिनों का दौरा वैसे तो एमपी के चुनाव को लेकर है, लेकिन मंदिर के बहाने उनके निशाने यूपी के साथ साथ बुंदेलखंड पर भी होगा, इसी को लेकर राहुल यूपी के सीमा से सटे एमपी के क्षेत्र में चित्रकूट और सतना में चुनावी जनसभा करेंगे, उसके बाद रीवा में उनका रोड शो भी होने वाला है, राहुल गांधी यह अच्छी तरीके से जानते हैं कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश भी सत्ता में वापसी के लिए जरूरत है, क्योंकि 2014 में कांग्रेस को एक मुस्लिम पार्टी बनाकर भाजपा ने जनता के सामने पेश किया था, और यही कारण कांग्रेस के हार का मुख्य कारण था, इसलिए राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों से मंदिर मंदिर घूम रहे हैं.

जो इस बार जीता MP का यह इलाका उसकी बन जाएगी सरकार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है. प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल की बात करें तो इसे जीतने के लिए सभी पार्टियां अलग रणनीति से उतरने की तैयारी में है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह अंचल बीजेपी का गढ़ है और पिछले 15 साल से पार्टी इसी अंचल में पकड़ के बल पर प्रदेश में राज करती आ रही है. कहा जाता है कि जो मालवा-निमाड़ में जीत हासिल करता है उसे मध्य प्रदेश में भी जीत मिलती है.

आंकड़ों पर नजर डालें तो मालवा-निमाड़ में कुल 66 सीटें आती हैं. 2013 के चुनाव में मालवा की 50 सीटों में से 45 पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस केवल 4 सीटें ही जीत पाई थी. वहीं, केवल थांदला सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की थी.

निमाड़ से भी 2013 के चुनाव में छप्पर फाड़ वोट बीजेपी को मिले. निमाड़ की 16 में से 11 सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी तो कांग्रेस महज 5 सीट जीत पाई.

राजनीतिक जानकारों की मानें तो मालवा-निमाड़ अंचल में बीजेपी की जीत की वजह राष्ट्रीय स्वयं सेवक है. यहां आरएसएस के कैडर की इलाके में अच्छी खासी पकड़ है. संघ के कई बड़े अधिकारी भी इस अंचल से ताल्लुक रखते हैं. संघ में नंबर दो की हैसियत रखने वाले सुरेश भैय्याजी जोशी भी मालवा से ही हैं.

यही नहीं, बीजेपी के ज्यादा दिग्गज नेता इसी अंचल से आते हैं. पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व कुशाभाऊ ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा, स्व. वीरेंद्र सखलेचा, कैलाश जोशी, सत्यनारायण जटिया, नंदकुमार सिंह चौहान यहां तक की लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत भी यहीं से हैं.

हालांकि, इस बार कांग्रेस मालवा-निमाड़ को साधने की पूरी कोशिश में है. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि किसान आंदोलन के बाद बीजेपी के खिलाफ लोगों में नाराजगी है जिसका फायदा उन्हें चुनाव में मिल सकता है.

देखा जाए तो पूरे प्रदेश में किसान आंदोलन का यदि कहीं जोर था तो वह है मालवा-निमाड़ अंचल. यहां मंदसौर में हुए गोलीकांड में किसानों की मौत हो गई थी. उस वक्त किसानों के आक्रोश को कांग्रेस भुनाने में सफल भी रही. इसका उदाहरण राहुल गांधी की 7 जून को हुई सभा में दिखाई दिया.

अब वापस बीजेपी पर आते हैं. शिवराज सरकार पर उनकी ही पार्टी के लोग यह आरोप लगाते आए हैं कि मालवा-निमाड़ को पिछले चुनाव से ही उपेक्षा का सामना करना पड़ा है. क्योंकि इंदौर, धार, शाजापुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, और अलीराजपुर ऐसे जिले हैं जहां से इस बार की सरकार में एक भी मंत्री नहीं बना है.

कांग्रेस और बीजेपी के अलावा मालवा-निमाड़ में एक ऐसा दल भी सक्रिय है जिसकी राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चा जोरों पर है. इसका नाम है जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस). यह पार्टी जनजातीय समुदाय के दबदबे वाली 80 सीटों पर दम-खम आजमाने की तैयारी कर रही है.

साथ ही यह संगठन कुछ अनारक्षित (सामान्य) विधानसभा क्षेत्रों में गैर आदिवासियों को समर्थन देने पर भी विचार कर रहा है. “अबकी बार, आदिवासी सरकार” का चुनावी नारा देने वाला जयस हालांकि एक राजनीतिक दल के रूप में चुनाव आयोग में अभी पंजीकृत नहीं है लेकिन उसकी 80 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार उतारकर इन्हें समर्थन देने की योजना है.

 

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