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कांग्रेस के पास फंड की कमी, चुनाव से पहले चंदा जुटाने का निर्देश

नई दिल्ली 7 सितम्बर 2018 । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं, लेकिन पार्टी 2019 के लिहाज से अपनी रणनीति को अंजाम देने में जुटी है. कांग्रेस संगठन महासचिव अशोक गहलोत और कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने इसके लिए सबसे पहले अपने खर्चों में कटौती और फंड इकट्ठा करने का निर्देश जारी किया है.

कांग्रेस के महासचिवों, प्रभारियों और फ्रंटल संगठन के अध्यक्षों के साथ हुई बैठक ये 5 निर्देश दिए गए जिनका पालन करना होगा और निर्धारित वक्त में रिपोर्ट भी देनी होगी. सबसे पहले तो पार्टी का मानना है कि वो फंड की कमी से जूझ रही है, इसलिए अपने नेताओं से वो आम जनता से भी फंड मांगने को कह रही है.

1. हर एक बूथ पर घर-घर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के लिए चंदा इकट्ठा करें. इससे पार्टी का फंड तो इकट्ठा होगा ही, साथ ही पार्टी के पास बूथ स्तर पर मतदाताओं का डेटा भी इकट्ठा हो जाएगा. दरअसल, कांग्रेस को लगता है कि बूथ पर ही चुनावी संजीवनी बूटी है, जहां वोट के साथ नोट भी है.

2. महासचिवों और प्रभारियों में जो सांसद हैं, उनसे अपने राज्यों में जाने के खर्च को खुद उठाने की गुजारिश भी की गई.

3. महासचिवों और प्रभारियों से कहा गया है कि वो अपने सहयोगी सचिवों को एक हजार किलोमीटर से कम की यात्रा ट्रेन से करने की सलाह दें. अचानक जरूरत पड़ने पर ही जहाज का इस्तेमाल करें. साथ ही यात्रा का कार्यक्रम एक साथ लंबा बनाएं, जिससे बार-बार टिकट का खर्च बचे.

4. साथ ही संगठन के पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जहां भी पार्टी का पैसा खर्च करना है वहां कटौती करें और कम से कम खर्चे का बजट बनाएं.

5. रैलियों और पार्टी कार्यक्रमों के लिए पार्टी के फंड पर कम से कम निर्भर रहने को कहा गया है. इसके लिए लोकल स्तर पर नेताओं को चंदा मांगने को कहा गया है.

6. सूत्रों के मुताबिक, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कूपन दिए जाएंगे, जिसमें बारकोड और होलोग्राम भी होगा जो जितना चंदा देगा, उसको कूपन भी दिया जाएगा.

कुल मिलाकर 10 सालों तक केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस आज पंजाब छोड़कर किसी बड़े राज्य में अकेले सत्ता में नहीं है. इसलिए पार्टी को लगता है कि आने वाले विधानसभा चनावों के साथ ही 2019 के आम चुनावों के लिए उसके पास पैसे की कमी है, इसीलिए वो ये कदम उठा रही है. इससे पहले पार्टी अपने सांसदों, विधायकों और नेताओं से भी चंदा मांग चुकी है.

इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने आजतक से कहा कि कांग्रेस किसान, मजदूर, गरीब और नौजवानों की पार्टी है, उनके हितों के लिए लड़ती है. इसलिए जब सामने पैसों से लबालब बीजेपी पैसों के सहारे चुनाव जीतना चाहती है, तो मुकाबले के लिए हम ईमानदारी से आम जनता से चंदा मांग रहे हैं.

दूसरी ओर, पार्टी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने कहा कि खजांची कभी अंदर की बात बाहर नहीं बोलता, लेकिन इतना कह सकता हूं, सब सलामत है.

इसके अलावा बैठक में राफेल डील, तेल के दामों में बढ़ोत्तरी, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को जनता के बीच जोर शोर से ले जाने की बात दोहराई गई.

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