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कांग्रेस ने की जमीनी कार्यकर्ताओं की थोकबंद नियुक्ति की तैयारी

भोपाल 13 जनवरी 2019 । सरकार बनने के साथ ही प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अच्छे दिन आने वाले हैं। १५ साल से भाजपा नेताओं के दबाव में रहे इन कार्यकर्ताओं को सत्ता में भागीदारी देने की तैयारी की जा रही है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव के वक्त ये साफ कह दिया था कि सरकार के दरवाजे २४ घंटे कार्यकर्ताओं के लिए खुले रहेंगे, जिसने कार्यकर्ता पर ध्यान नहीं दिया उनको पद से हटा दिया जाएगा।

राहुल की मंशा के मुताबिक अब प्रदेश के कार्यकर्ताओं को बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति और जनभागीदारी समितियों में पद दिए जाएंगे। जिन कार्यकर्ताओं ने १५ साल से पार्टी के प्रति निष्ठा से काम किया है और इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने में मेहनत की है उनकी सूची तैयार की जा रही है। जिला स्तर पर इन समितियों में कार्यकर्ताओं की नियुक्ति होगी। हर विधानसभा क्षेत्र से ऐसे ५० कार्यकर्ताओं की सूची मांगी गई है जिनको नियुक्तियां दी जाएंगी। ये नियुक्तियां लोकसभा चुनाव के पहले की जाएंगी।

– जिंदा होंगी बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समितियां :
दिग्विजय सरकार के समय काम करने वाली बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समितियों को फिर से जिंदा किया जा रहा है। भाजपा शासनकाल में इन समितियों को बंद कर दिया गया था। इन समितियों के जरिए जिले तक कांग्रेस का बड़ा नेटवर्क काम करता रहा है। जिला स्तर पर इन समितियों में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियुक्ति देकर उपकृत किया जाता रहा है। इन कार्यकर्ताओं का सीधा दखल जिला स्तर पर चल रही विकास योजनाओं में होता है,सरकार इनके जरिए अपने कामकाज की निगरानी करेगी, यदि कहीं विकास योजनाओं में कोताही बरती जा रही है तो उसकी रिपोर्ट भी ये कार्यकर्ता सरकार को सौंपेंगे। बीस सूत्रीय कार्यक्रमों में समाज के सबसे कमजोर वर्ग को सम्मान पूर्वक जीवन यापन और उन्नति कराने और आर्थिक विषमता को दूर करने जैसे काम शामिल हैं।

– जनभागीदारी समितियों में भी नियुक्ति :
स्कूल-कॉलेज में बनी जनभागीदारी समितियों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं का कब्जा रहा है। इन समितियों में से भाजपा कार्यकर्ताओं के स्थान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैठाया जाएगा। एनएसयूआई कार्यकर्ता शिकायतों का पुलिंदा लेकर सरकार के पास पहुंचने लगे हैं जिसमें कॉलेज में हुए भ्रष्टाचार का कच्चा चि_ा शामिल है। इन कार्यकर्ताओं ने घोटालों की जांच कराने और भाजपा-संघ से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को हटाने की मांग भी की है। जनभागीदारी समितियों के जरिए कार्यकर्ताओं का सीधा दखल स्कूल,कॉलेज प्रशासन के कामकाज में होता है,इसके अलावा छात्रों को भी सीधे पार्टी के झंडे तले लाया जा सकता है।

– इन समितियों में भी मिलेगी नियुक्ति :
जिला सतर्कता समिति
उपभोक्ता संरक्षण समिति
जिला वक्फ कमेटी
जिला जन अभियोग निराकरण समिति
१५ सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति

– जिला अध्यक्ष और विधायक तय करेंगे नाम :
हर विधानसभा से ५० नाम जिला अध्यक्ष और विधायक की सहमति से तय किए जाएंगे। इसमें दोनों को मुश्किल है कि कार्यकर्ताओं के नाम बहुत ज्यादा हैं और मांगे सिर्फ ५० नाम गए हैं। विधायक और जिला अध्यक्ष अपने-अपने चहेतों को पद दिलाना चाहते हैं जिसमें मुश्किल आ रही है।

– कांग्रेस की सरकार बनाने में कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका रही है। सरकार और संगठन निश्चित रुप से उनकी चिंता कर रहे हैं। जिला स्तर पर जो समितियां काम करती हैं उनमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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