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कमलनाथ के नेतृत्व में 2023 का चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

भोपाल 06 अप्रैल 2022 । मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि राज्य के वरिष्ठ पार्टी नेताओं की सोमवार को हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर पूर्ण विश्वास जताया गया और उनके ही नेतृत्व में राज्य में अगले साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का निर्णय आम सहमति से लिया गया। पार्टी द्वारा यहां सोमवार रात को जारी बयान में कहा गया, ‘‘मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों की एक अति महत्वपूर्ण बैठक आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के आवास पर आयोजित हुई। बैठक में सभी नेताओं ने आम सहमति से कहा कि कमलनाथ को 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करना है।’ इसमें कहा गया है कि एक-एक नेता उनके नेतृत्व में पूरी ताकत से कांग्रेस की सरकार बनवाने के लिए कटिबद्ध है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट किया, ‘‘आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ जी की अध्यक्षता में एक अति महत्वपूर्ण बैठक आहूत हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुशासन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर राहुल गांधी जी एवं कमलनाथ जी के नेतृत्व में 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।’’ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट ने विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला। पटवारी ने कहा कि राज्य में आर्थिक अराजकता है और समाज में समरसता का अभाव है, जिसमें किसान और नौजवान परेशान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्ष 2023 का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार, किसानों के संकट और दूसरे आर्थिक सामाजिक मुद्दों पर लड़ेगी। पटवारी ने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में राज्य की जनता के महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने के लिए आंदोलन की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही राज्य की जनता देखेगी कि कांग्रेस पार्टी कैसे सड़क से लेकर विधानसभा तक पूरे प्रदेश में जनता के मुद्दों पर जन आंदोलन खड़ा करेगी। वहीं, भनोट ने कहा की मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। प्रदेश के ऊपर चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है। ऐसे हालात में प्रदेश की जनता के ऊपर डीजल, पेट्रोल, गैस, बिजली और हर किस्म की महंगाई लादी जा रही है। शिवराज नीत सरकार पूरी तरह जनविरोधी हो गयी है। उन्होंने कहा कि बैठक में फैसला किया गया है कि कांग्रेस पार्टी महंगाई किसान और बेरोजगारी के मुद्दे पर बड़े पैमाने पर जनता को जागरूक करेगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अजय सिंह, अरुण यादव, एनपी प्रजापति, हिना कावरे और कई पूर्व मंत्री शामिल हुए।

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