मुख्य पृष्ठ >> प्रदेश >> मध्यप्रदेश >> उज्जैन / भोपाल >> MP में भाजपा के किलों पर सीधे कड़ी टक्कर देने उतरेगी कांग्रेस!

MP में भाजपा के किलों पर सीधे कड़ी टक्कर देने उतरेगी कांग्रेस!

भोपाल 31 जनवरी 2019 । लोकसभा चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपनी तैयारियों शुरू कर दी हैं। एक ओर जहां भाजपा ने सोशल मीडिया पर अपना प्रचार यानि ‘अबकि बार फिर मोदी सरकार’ अभियान शुरू कर दिया है। वहीं कांग्रेस इस बार भाजपा को घेरने के लिए कुछ नए पैंतरे इस्तेमाल करती दिख रही है।

इसी के चलते कांग्रेस इस बार भाजपा से मुकाबले वाली 100 सीटों पर 15 फरवरी तक टिकट देने की योजना पर कार्य कर रही है। सूत्रों के अनुसार इन 100 सीटों में से मध्यप्रदेश की भी करीब 5 सीटें शामिल हैं। जो या तो भाजपा का गढ़ रहीं हैं, या अधिकांश भाजपा ही इन सीटों पर जीतती रही है।

जानकारों का मानना है कांग्रेस की प्लानिंग को देखते हुए ऐसा लगता है, जैसे इस बार कांग्रेस भाजपाइयों को उन्हीं के गढ़ मे घेरने की योजना बना रही है।

इन सीटों पर दिया जा सकता है खास ध्यान…
सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश में कांग्रेस भोपाल,विदिशा, जबलपुर,उज्जैन सहित इंदौर सीटों पर खास ध्यान देने का मन बना रही है। इनमें भी इंदौर को छोड़ बाकि सीटों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है।

दरअसल लोकसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने सभी राज्यों के प्रभारियों से 31 जनवरी तक संभावित प्रत्याशियों की सूची मांगी है। पार्टी का इरादा है कि चुनावों की घोषणा से पहले कम से कम 100 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएं।

वहीं सूची तैयार करने में जुटे एक महासचिव ने बताया कि पार्टी ने 15 फरवरी तक पहली सूची जारी करने की मंशा जताई है। हालांकि, तारीख बदलते समीकरणों के हिसाब से फरवरी के अंतिम सप्ताह तक भी खिसकाई जा सकती है।

31 जनवरी तक विशेषकर उन सभी सीटों के प्रत्याशियों की सूची तैयार हो जाएगी, जहां भाजपा से आमने-सामने का मुकाबला करना है। जहां गठबंधन होना है, वहां से भी सूची मंगवाई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस दन क्षेत्रों को अपना खास टार्गेट बना रही है, जहां भाजपा के गढ़ हैं साथ ही इन गढ़ों के नेता न केवल अपने क्षेत्र में जीतते आ रहे हैं, बल्कि अन्य क्षेत्रों को भी बुरी तरह से प्रभावित करते हैं।

राजनीति के जानकार डीके शर्मा बताते हैं कि कांग्रेस को देखकर लगता है कि इस बार वह भाजपा की नीति अपनाती दिख रही है, जिसके तहत वह भाजपा के प्रमुख नेताओं को उन्हीं के घरों में उलझाकर रखना चाहती है।

इसके अलावा भाजपा के प्रमुख नेताओं को भी कांग्रेस इसी तरह की उलझन में डालने की कोशिश करती दिख रही है, ताकि वे दूसरे क्षेत्रों में प्रचार करने से पहले अपनी सीट को बचाने की कोशिशों मे जुटे रहें।

इसके लिए जहां एक ओर भाजपा से ही भाजपा को लड़ाती दिख रही है वहीं कुछ जगहों पर अपने बड़े नेताओं का सहारा या किसी बाहरी ऐसे व्यक्ति को जिसका जनता में खास होल्ड हो लाने की कोशिश में दिखती है।

1. भोपाल लोकसभा सीट :

यह सीट लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही है। एक ओर जहां प्रदेश की राजधानी होने के चलते इसका अपना खासा महत्व है। वहीं कांग्रेस अब हर कीमत पर भाजपा के इस गढ़ को तोड़ना चाहती है। इसी के चलते कांग्रेस अपना पहला दांव पूर्व सीएम बाबूलाल गौर पर चलती दिख रही है। वहीं इसके अलावा भोपाल से कांग्रेस के ही कुछ और नेताओं के नाम भी आ रहे हैं।

2. विदिशा लोकसभा सीट :

मध्य प्रदेश की विदिशा सीट वीवीआईपी सीट कहलाती है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का ये संसदीय क्षेत्र है। इसके अलावा ये शिवराज सिंह चौहान का भी संसदीय क्षेत्र रहा है।

1980 से इस सीट पर बीजेपी नहीं हारी है। ऐसे में कांग्रेस इस बार यहां कोई बड़ा पत्ता खेल सकती है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में भाजपा को टक्कर सिंधिया घराने से ही मिल सकती है, ऐसे में कांग्रेस सिंधिया घराने के किसी सदस्य को यहां से खड़ा करने पर विचार कर सकती है।

3. जबलपुर लोकसभा सीट :

महाकौशल की राजनीति के केंद्र जबलपुर में आजादी के बाद से लगातार 14 साल तक कांग्रेस का कब्जा रहा और पिछले 18 साल से भाजपा काबिज है। ऐसे में इस बार कांग्रेस अपने इस पुराने गढ़ पर वापस कब्जा चाहती है। वहीं चर्चा है कि क्षेत्र में भाजपा में आपसी फूट का लाभ उठाते हुए कांग्रेस यहां से पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष धीरज पटेरिया को मदद कर सकती है। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से निखरा का नाम भी आ सकता है।

4. उज्जैन लोकसभा सीट :

भाजपा अपने उज्जैन के गढ़ में लोकसभा की सीट फिर हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने को तत्पर है, वहीं कांग्रेस किसी भी सूरत में इस सीट को दोबारा पाकर पिछले 34 साल का इतिहास बदलना चाहती है। 1980 से लेकर 2009 तक हुए 9 आम चुनाव में कांग्रेस केवल दो बार ही इस सीट पर जीत पाई है। वहीं चर्चा है कि इसे लेकर कांग्रेस में लगातार विचार विमर्श चल रहा है। माना जा रहा है यहां से किसी बड़े नेता या किसी फिल्म या टीवी स्टार को भी सामने लाया जा सकता है।

5. इंदौर लोकसभा सीट:

मध्यप्रदेश में ये भाजपा का बेहद मजबूत किला माना जाता है। देश प्रदेश में ताई के नाम से जाने जानी वालीं भाजपा की सांसद सुमित्रा महाजन यहां पिछले 8 बार से सांसद बनती आ रही हैं।

ऐसे में भले ही कांग्रेस इस सीट पर भी कब्जा तो चाहती है, लेकिन ताई की जीत को लेकर वह भी आश्वस्त दिखती है। वहीं ताई के चलते अन्य सीटें प्रभावित कम ही होने के कारण वो अपना एक हथियार यहां बर्बाद करने के मूड में कम ही दिख रही है।

हां ये जरूर चर्चा है कि पार्टी से बाहर का कोई व्यक्ति जो ताई के सामने टिक सके उसे जरूर कांग्रेस यहां लाना चाहती है। चर्चा तो यहां तक है कि इस सीट से कांग्रेस सलमान खान को चुनाव में उतारना चाहती है, लेकिन ये असमंजस्य की स्थिति है।। यह सलमान की जन्म स्थली भी है।

शेयर करें :

इसे भी पढ़ें...

प्रियंका गांधी का 50 नेताओं को फोन-‘चुनाव की तैयारी करें, आपका टिकट कन्फर्म है’!

नई दिल्ली 21 जून 2021 । उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव …