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दुनिया के 70 देशों में पहुंचा कोरोना, अब तक 3,113 की मौत

नई दिल्ली 4 मार्च 2020 । देश में कोरोनावायरस के 12 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से छह मरीज आगरा के हैं, जो दिल्ली के कोरोनावायरस पीड़ित के संपर्क में आए थे। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा, “राज्य में अब तक छह पॉजिटिव केस पाए गए हैं। सभी लोग आगरा के हैं। मरीजों और उनके परिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा- हम सभी एयरपोर्ट और नेपाल के सीमावर्ती रास्ते पर भी नजर रखे हुए हैं। अफवाहों पर बिलकुल ध्यान न दें।” इस बीच स्वास्थ्य अधिकारी मरीजों और उनके परिवार के संपर्क में लोगों की तलाश कर रही है, ताकि उनकी भी जांच की जा सके।

इससे पहले जयपुर में इटली के 69 वर्षीय एंड्री कार्ली में संक्रमण पाया गया। वह 4 दिन से अस्पताल में भर्ती है। एसएमएस हॉस्पिटल के डॉक्टर सुधीर भंडारी के मुताबिक मरीज को गहन निगरानी में रखा गया है। हॉस्पिटल दिल्ली स्थित इटली दूतावास के संपर्क में भी है, क्योंकि इस व्यक्ति के साथ इटली के 18 लोगों ने यात्रा की थी। दरअसल, सोमवार को ही एंड्री कार्ली के कोरोना से पीड़ित होने की बात सामने आई थी। उसके सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजे गए थे। वहां से कोरोनावायरस की पुष्टि के बाद एसएमएस अस्पताल के सभी नर्सिंग कर्मिर्यों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं।

तेलंगाना और दिल्ली में सोमवार को एक-एक केस सामने आया था। दोनों मरीजों का गहन निगरानी में इलाज चल रहा है। इससे पहले तीन मामले में केरल में सामने आए थे। तेलंगाना सरकार ने पीड़ित के साथ जिन 25 यात्रियों ने बस में यात्रा की थी। उनकी भी जांच करवा रही है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि कोरोनावायरस की जांच से लेकर उपचार तक के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

कोरोना वायरस पर क्या कहना है WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन का

भारत में भी कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है. दिल्ली, तेलंगाना के बाद जयपुर में भी एक मरीज का पता चला है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी का हवाला देते हुए कहा है कि इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान के नागरिकों को तीन मार्च या उसके बाद जारी किए गए सभी नियमित वीजा या ई-वीजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दूसरी ओर चर्चा यह शुरू हो गई है कि इस जानलेवा वायरस का कोई इलाज है या नहीं. अगर इलाज है तो क्या है और इसका वैक्सीन कितने दिनों में सामने आएगा. इस बारे में WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने ‘आजतक’ से खास बातचीत की और कई पहलुओं पर प्रकाश डाला.

सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग

इस वायरस के खिलाफ भारत में कितनी तेजी से काम हो रहा है, इस सवाल पर WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, भारत ने शुरू में काफी तेजी से काम किया है. चीन से जितने भी छात्र आए, एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग की गई. कई लोगों को क्वैरनटीन में रखा गया. उनमें से कुछ मरीज मिले भी जिनमें तीन केरल से थे और वे अब ठीक हो गए. लेकिन अब ये आपदा दूसरे फेज में चली गई है. शुरू में सारे मामले चीन के वुहान से आ रहे थे, अब स्थिति यह है कि यह वायरस फैल गया है और 75 देशों में इसके मामले सामने आए हैं. इसलिए हमें रणनीति बदलनी पड़ेगी. हमलोग जो एंटी स्क्रीनिंग कर रहे हैं, उसे सिर्फ उन देशों में ही नहीं किया जाना चाहिए जहां हमें मालूम है कि वहां यह बीमारी है. अभी आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए. उनसे पूछना चाहिए कि कहां-कहां से वे लोग यात्रा करके आ रहे हैं. भारत के अंदर निगरानी सिस्टम को बढ़ाना चाहिए. भारत के अंदर हमारे जो सर्विलांस नेटवर्क बने हुए हैं, उनका भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए. कोई भी संदिग्ध केस दिखे तो वहां जाकर जांच करनी चाहिए.

 

कोरोना वायरस किस तरह के तापमान में पनपता है? इसके जवाब में स्वामीनाथन ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है लेकिन इस पर रिसर्च चल रही है. सिर्फ दो महीने पहले ही दुनिया को इस वायरस के बारे में पता चला है. कोरोना वायरस फैमिली में 6 ऐसे वायरस हैं जो इंसानों को संक्रमित करते हैं. इनमें 4 से साधारण सर्दी और खांसी होती है जबकि बाकी 2 से गंभीर बीमारी होती है. सार्स और मर्स की बीमारी वाले ये वायरस हैं. अभी कहना सही नहीं है कि गरम और आर्द्र वातावरण में यह वायरस नहीं पनपेगा. हमें यह मानकर तैयारी करनी चाहिए कि यह वायरस आगे और बढ़ेगा. अगर यह पता चलता है कि यह वायरस गर्मी में नहीं फैलता है तो हमारे लिए यह बोनस होगा लेकिन हमें यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि गर्मी में वह वायरस ठीक हो जाएगा.

मेडिकल ट्रायल जारी है

इस जानलेवा वायरस का क्या इलाज है? इस पर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, लोगों को हमें यह समझाना चाहिए कि वे घबराएं नहीं. नया वायरस है इसलिए लोग अभी घबरा रहे हैं. यह कॉमन कोल्ड की तरह ही है जिसमें सर्दी और जुकाम होता है. 85 फीसदी लोगों को जुकाम होता है लेकिन पता भी नहीं चलता. अभी इस बीमारी का डायग्नोसिस चल रहा है और जहां तक इलाज का सवाल है तो कुछ मेडिकल ट्रायल चल रहे हैं. एंटी वायरल मेडिसिन के भी ट्रायल चल रहे हैं लेकिन जब तक क्लिनिकली ट्रायल नहीं हो जाता तब तक पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते. वैक्सिन में अभी और वक्त लगेगा. इंसानों के वैक्सीन में डेढ़ से दो साल का वक्त लगेगा. हालांकि इलाज के बारे में एक-दो महीने में पता लगने लगेगा. अभी कोई खास इलाज नहीं है लेकिन सपोर्टिव ट्रीटमेंट है. ज्यादातर लोगों के लिए इलाज की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि पैरासिटामोल जैसी दवा से काम चल जाएगा. जिन्हें न्यूमोनिया हो जाए, उनका इलाज वैसे ही होना चाहिए जैसा आईसीयू में किया जाता है.

 

क्या लोगों के डायरेक्ट कॉन्टेक्ट से यह वायरस फैल रहा है? इसके जवाब में सौम्या स्वामिनाथन ने कहा, ड्रॉपलेट इनफेक्शन (खांसी या छींक से) से यह वायरस फैल रहा है. सतह पर इसके वायरस हो सकते हैं इसलिए हमें अल्कोहल रब या साबुन से हाथ धोना चाहिए. हाथ से मुंह और नाक छूने में थोड़ा कंट्रोल करना चाहिए क्योंकि यह वायरस हाथ से ज्यादा फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के काफी करीब (3-4 फुट के अंदर) होते हैं तो यह वायरस फैलता है. हवा से फैलने वाला (एयरबोर्न) यह इनफेक्शन नहीं है जैसे कि हम खांस रहे हैं तो मोहल्ले में यह बीमारी फैल जाएगी, बल्कि संपर्क में आने से यह वायरस फैलता है.

हाथ जोड़े, हाथ ना मिलाएं- संभागायुक्त

उज्जैन। कोरोना वायरस से ना चिंतित और ना ही घबराने की जरूरत है। केवल सावधानी और एहतियात बरतने की आवश्यकता है। कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करें।कोरोना जैसे लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार आदि दिखे तो तत्काल चिकित्सकों से सलाह ले और इलाज कराएं। एहतियात के बतौर हाथ में मिलाएं। दूर से ही हाथ जोड़िए। यह बात उज्जैन के संभागायुक्त श्री आनंद शर्मा ने मंगलवार को कोरोना वायरस से संबंधित वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लेने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा करते हुए बताई। संभागायुक्त श्री शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस अब चीन के अलावा अन्य देशों के साथ भारत में भी कुछ प्रभाव देखा गया है। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार चिंतित है। इसके लिए प्रदेश भर में एडवाइजरी जारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इसके लिए जन जागरण करें। संभागायुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता अभियान में मीडिया की भूमिका सर्वाधिक प्रभावी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों वर्कशॉप, मानीटरिंग दल एवं लोक संपर्क के जरिए लोगों में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता लाई जा रही है। इस मौके पर पत्रकार सर्वश्री सतीश गौड़, राजेंद्र पुरोहित, राजेश रावत, रामचंद्र गिरी, राजेंद्र राठौड़, खालिक मंसूरी, हेमंत भोपाले, पवन गरवाल, अरुण राठौड़, मनीष पांडे मौजूद थे।

कोरोना वायरस से सम्बन्धित किसी भी शंका के समाधान हेतु 104 पर सम्पर्क करें चाइना और इटली से आने वाले यात्रियों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग की जाये मुख्य सचिव ने वीसी में दिये निर्देश

प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहन्ती द्वारा कोरोना वायरस के विषय में वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कॉन्फ्रेंस में पावर पाइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई कि कोरोना वायरस से अनावश्यक डरने की आवश्यकता नहीं है। मध्य  प्रदेश शासन कोरोना वायरस संक्रमण की निगरानी, रोकथाम, बचाव और नियंत्रण के लिये पूर्णत: सजग और क्रियाशील है। सावधानी और सतर्कता बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है। वीसी में मुख्य सचिव श्री मोहन्ती ने समस्त संभागायुक्त और आईजी को निर्देश दिये कि अपने संभाग में चाइना और इटली से आने वाले यात्रियों की प्रतिदिन मॉनीटरिंग करवाई जाये।
सभी विभागों को कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण और इससे बचाव के लिये बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में अवगत कराया जाये। अस्पतालों में इस हेतु अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया जाये। वीसी में जानकारी दी गई कि उज्जैन में इस हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की जा चुकी है और सिविल हॉस्पिटल माधव नगर में कोरोना वायरस से प्रभावित सन्देहास्पद प्रकरणों के उचित उपचार हेतु आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जा चुका है। इस हेतु अस्पताल के समस्त स्टाफ को उपचार सम्बन्धी पूर्वाभ्यास भी कराया जा चुका है। वीसी में निर्देश दिये गये कि कोरोना वायरस से बचने के उपाय स्थानीय समाचार-पत्रों और न्यूज चैनल में समय-समय पर प्रसारित किये जायें। कोरोना वायरस से सम्बन्धित किसी भी शंका के समाधान हेतु टोलफ्री नम्बर 104 पर सम्पर्क किया जाये। स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिये गये कि समस्त शासकीय तथा अशासकीय विद्यालयों में वर्तमान में बोर्ड की परीक्षाएं संचालित हैं। स्कूलों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाये। कोरोना वायरस से बचाव के सम्बन्ध में शिक्षकों की एक संक्षिप्त कार्यशाला आयोजित कर उन्हें अवगत कराया जाये। महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिये गये कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को कोरोना वायरस के लक्षण एवं इससे बचाव के बारे में पूरी-पूरी जानकारी दी जाये। वीसी के दौरान उज्जैन एनआईसी कक्ष में संभागायुक्त आनन्द कुमार शर्मा, आईजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर शशांक मिश्र, पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, सीएमएचओ डॉ.अनुसुईया गवली सिन्हा, कोरोना वायरस हेतु नोडल अधिकारी डॉ.एचपी सोनानिया एवं अन्य
अधिकारीगण उपस्थित थे।

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