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मध्य प्रदेश में शराब पर लगेगा ‘गाय टैक्स’, कई और सेवाओं पर शुल्क लेगी शिवराज सरकार

भोपाल 20 नवंबर 2021 । मध्य प्रदेश सरकार अब शराब पर सरचार्ज लगाने जा रही है। साथ ही स्थानीय निकायों द्वारा दी जाने वाली कुछ अन्य सेवाओं पर भी शुल्क लगाया जाएगा। इससे मिलने वाले पैसे को प्रदेश में गौशालाओं की देख-रेख में खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को वित्त विभाग के एक अधिकारी ने यह बात कही। बजट से ज्यादा है खर्च
अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में निर्णय गुरुवार को भोपाल में गौ संवर्धन बोर्ड की मीटिंग के दौरान लिया गया। अधिकारी के मुताबिक 2020 में नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद मंडी बोर्ड से गौरक्षा के लिए मिलने वाले रेवेन्यू में कमी आई थी। हालांकि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कृषि कानूनों को वापस ले लिया। लेकिन राज्य सरकार के अधिकारियों को इस बारे में स्पष्टता नहीं थी कि मंडियों में कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री कब से शुरू होगी। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश भर में 1300 गौशालाएं हैं। इनमें रहने वाली गायों की संख्या 2.6 लाख है। इन सभी को खिलाने के लिए गौ संवर्धन बोर्ड हर साल 160 करोड़ रुपए चाहिए, लेकिन जो बजट मुहैया कराया गया है वह महज 60 करोड़ रुपए है। सीएम की मीटिंग में हुई थी चर्चा
अधिकारी के मुताबिक प्रतिदिन एक गाय पर 20 रुपए का खर्च आता जो कि मुहैया कराए गए 6 रुपए प्रतिदिन से काफी अधिक है। वहीं पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फंड जुटाने को लेकर चर्चा की गई। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोतिया ने कहाकि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुछ उत्पादों और सेवाओं पर वेलफेयर सरचार्ज लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे होनी वाली आय का इस्तेमाल गौ संरक्षण और गौपालन में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाइनेंस और कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट को इस बारे में प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा गया है।

ऐसे निकाल रहे हैं रास्ता
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिन उत्पाद और सेवाओं पर पहले से जीएसटी लागू है, उनके पर किसी तरह का अतिरिक्त टैक्स नहीं लगा सकते। ऐसे में हमारे पास दो ही रास्ते बचते हैं कि हम शराब और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर सरचार्ज लगाएं। अब चूंकि पेट्रोल और डीजल पहले ही काफी महंगा है, हम शराब, बिजली और नगर निकायों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं पर टैक्स लगाने की सोच रहे हैं। इस सबंध में योजना जल्द ही तैयार कर ली जाएगा। इसके बाद यह पिछले साल गौ संवर्धन और रक्षण के लिए बने गौ-कैबिनेट से अप्रूव होगी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहाकि राज्य सरकार गौसेवा और संरक्षण के लिए अतिरिक्त शुल्क लगा रही है। लेकिन हम आम लोगों पर किसी तरह का अतिरिक्त भार नहीं डालना चाहते हैं। इस बारे में कैबिनेट जल्द ही फैसला लेगी। तब कांग्रेस भी ला रही थी काऊ-सेस, अब अतिरिक्त टैक्स का आरोप
इससे पूर्व अक्टूबर 2019 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्रती कमलनाथ ने काऊ-सेस लगाने की बात कही थी। लेकिन मार्च 2020 में उनके इस्तीफे के बाद यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। वहीं कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार विभिन्न आयोजनों में पैसे खर्च कर रही है। वहीं राज्य में कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए लोगों के ऊपर टैक्स का भार लाद रही है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहाकि प्रदेश में भाजपा सरकार जनजातीय गौरव दिवस जैसे कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन गायों को खिलाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहाकि राज्य सरकार सभी कल्याणकारी योजनाएं लोगों पर टैक्स का बोझ लादकर चलाना चाहती है।

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