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नागेश्वर राव करेंगे सिर्फ रूटीन काम, CBI पर SC के फैसले की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली 27 अक्टूबर 2018 । सीबीआई के डायरेक्टर पद से हटाए गए आलोक वर्मा की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई अहम निर्देश दिए. आइए, जानें फैसले की अहम बातें.

1-सीजेआई गोगोई ने कहा कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव कोई नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. उन्हें सिर्फ रूटीन काम करना होगा.

2-डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच दो हफ्ते में खत्म करनी होगी.

3-नागेश्वर राव की ओर से लिए गए सभी फैसले बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे जाएं.

4-सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी करेंगे.

5-सीजेआई ने कहा, देश के हितों को देखते हुए सीबीआई मामले को हम ज्यादा दिन तक नहीं खींच सकते.

6-अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. जांच की रिपोर्ट देखने के बाद आगे कोई फैसला लिया जाएगा.

7-राकेश अस्थाना के मामले में सीजेआई ने कहा कि आप अलग से याचिका दायर करें.

8-अस्थाना ने भी याचिका डाली. सुप्रीम कोर्ट इस पर बाद में करेगा सुनवाई.

9-आलोक वर्मा और वकील प्रशांत भूषण की याचिका पर सीवीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी.

10-सीजेआई ने कहा, हम जांच की निगरानी करेंगे. हम यह देखेंगे कि एजेंसी की ओर से कौन-कौन से अंतरिम आदेश पारित किए गए.

BI केस पर CJI बोले- 2 हफ्ते में जांच पूरी करे CVC, SC करेगी निगरानी
देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई में मचा घमासान अब देश की सबसे बड़ी अदालत के दर पर पहुंच गया है. छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और एक एनजीओ द्वारा दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई.

सीबीआई मामले में की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे, उन्होंने सीवीसी से अपनी जांच अगले 2 हफ्ते में पूरी करने को कहा है, ये जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक की निगरानी में होगी. चीफ जस्टिस ने कहा कि देशहित में इस मामले को ज्यादा लंबा नहीं खींच सकते हैं.

आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. उन्होंने सरकार से पूछा है कि किस आधार पर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया है. इस मामले में अब 12 नवंबर को अगली सुनवाई होगी. CJI ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस स्थिति में बस इस मामले पर सुनवाई होगी कि ये प्रथम दृष्टया केस बनता है या नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव की नियुक्ति पर चीफ जस्टिस ने कहा है कि वह कोई नीतिगत फैसला नहीं कर सकते हैं. वह सिर्फ रूटीन कामकाज ही देखेंगे. नागेश्वर राव ने 23 अक्टूबर से अभी तक जो भी फैसले लिए हैं, उन सभी को सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा.

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