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पिता कहते थे ‘जिंदा मछलियां हमेशा धारा के विपरीत चलती हैं’ : पुण्य प्रसून बाजपेयी

नई दिल्ली 10 अगस्त 2018 । एबीपी न्यूज प्रबंधन ने एडिटर इन चीफ मिलिंद खांडेकर के इस्तीफे की घोषणा की। थोड़ी ही देर में इस बात की भी घोषणा हो गई कि चर्चित शो ‘मास्टर स्ट्रोक’ के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने भी चैनल से इस्तीफा दे दिया।
इस घोषणा के बाद से तो सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। आरोप लगा कि मोदी सरकार पुण्य प्रसून बाजपेयी की आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर पायी और उन्हें चैलन से निकलवा दिया।
लोगों के इस संदेह को पुण्य प्रसून बाजपेयी ने आज हकिकत का जामा पहना दिया। उन्होंने 6 अगस्त को फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखकर पूरे घटनाक्रम को बताया है। अपने पोस्ट में पुण्य प्रसून वाजपेयी ने एडिटर्स गिल्ड पर भी सवाल उठाए जिसके अध्यक्ष शेखर गुप्ता हैं।
प्रसून बाजपेयी का एडिटर्स गिल्ड पर आरोप था कि वो एबीपी पर सवाल उठाने के लिए भी लिखित में शिकायत मांग रहा है। ख़ैर, आज यानी 8 अगस्त को एडिटर्स गिल्ड की तरफ से बयान जारी किया गया है। पत्रकारों के स्वतंत्र कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए गिल्ड सरकार के सभी प्रयासों की निंदा करता है।
लेकिन गिल्ड ने अपने बयान में कही भी ना तो ABP न्यूज का नाम लिखा है, ना पत्रकारों का नाम लिखा है और ना ही कहीं पीएम मोदी या सूचना प्रसारण मंत्री का नाम लिखा है। ऐसे में एडिटर्स गिल्ड की टिप्पणी पर भी सवाल उठने लगे हैं? क्या एडिटर्स गिल्ड खुद भी सरकार के दबाव में काम कर रहा है?
इन सबके इतर पुण्य प्रसून बाजपेयी का हालिया ट्वीट एक पत्रकार कि जद्दोजहद पर प्रकाश डालता है। 7 अगस्त को प्रसून बाजपेयी ने अपने ट्वीट में माता-पिता से मिले सीख का जिक्र करते हुए लिखा है…
”मां कहती है… हवा का रुख़ देख कर चलना चाहिए…
पिता जी कहते थे… ज़िन्दा मछलियां हमेशा धारा के विपरीत चलती है…
-अब/तब ?”

मॉं कहती है…हवा का रुख़ देख कर चलना चाहिए…
पिता जी कहते थे..ज़िन्दा मछलियाँ हमेशा धारा के विपरीत चलती है…

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